मुख्यमंत्री कार्यालय को प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच के बाद हरिद्वार जिले के तीन मदरसों के संचालकों और प्रधानाचार्यों के खिलाफ लक्सर थाने में मामला दर्ज किया गया है। लक्सर क्षेत्र के इन तीनों मदरसों में मिड-डे मील के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। जसोद्दरपुर के ख्वाजा गरीब नवाज (केजीएन) मदरसा संचालकों ने बच्चों की संख्या में हेराफेरी की और सरकारी सहायता के लिए फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड जमा किए।
इसी तरह का भ्रष्टाचार नगला खुर्द के दारुल उलूम असगरीया मदरसा और मोहम्मदपुर कन्हारी रशीदिया मदरसा में भी मिला है। जानकारी के मुताबिक मिली शिकायत के आधार पर डीएम हरिद्वार द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल सिंह राठौर को जांच पड़ताल के लिए नियुक्त किया गया था। जांच में आरोपों को सही पाया गया जिसके बाद लक्सर कोतवाली में तीनों मदरसों से संचालकों और प्राचार्यों के खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया गया है।
अल्पसंख्यक कल्याण सचिव क्या कहते हैं?
उत्तराखंड सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते का कहना है कि मदरसों की जांच के बाद मिड-डे मील सहायता राशि को लेकर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद पुलिस में मामले दर्ज कराए गए हैं। डॉ. धकाते ने बताया कि उत्तराखंड के कुछ अन्य मदरसों के खिलाफ भी शिकायतें मिली हैं, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मदरसों के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए गृह विभाग द्वारा एसआईटी जांच कराई जा रही है।















