जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मुठभेड़ कुलगाम सेक्टर के अखल इलाके में हुई है। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया है, जबकि, 2-3 आतंकियों के मौजूद होने की खबर है। उन्हीं के साथ मुठभेड़ चल रही है।
इंडियन आर्मी की चिनार कॉर्प्स ने एक्स के जरिए इसकी जानकारी दी। सेना ने बताया कि अखल क्षेत्र में सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान चल रहा है। शुक्रवार की शाम से शुरू हुई ये भीषण लड़ाई पूरी रात जारी रही। अभी भी मुठभेड़ चल रही है।
Update: OP AKHAL, Kulgam
Intermittent and Intense fire fight continued through the night. Alert troops responded with calibrated fire and tightened the nooze while maintaining contact.
One terrorist has been neutralised by the security forces so far.
Operation continues.…
— Chinar Corps🍁 – Indian Army (@ChinarcorpsIA) August 2, 2025
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, सीआरपीएफ और सेना से की संयुक्त टीम इनपुट मिलने के बाद इलाके में सर्च अभियान चला रही थी। जैसे ही आतंकियों को अंदेशा हुआ कि अब तो वे फंस गए हैं तो उन्होंने अंधाधुन गोलीबारी शुरू कर दी। आशंका जताई जा रही है कि जिन आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो रही है वे लश्कर ए तैयबा से जुड़े आतंकी हो सकते हैं। अभी भी ऑपरेशन जारी है।
हाल ही में तीन आतंकियों को किया था ढेर
हाल ही में ‘ऑपरेशन महादेव’ के जम्मू और कश्मीर में सेना ने सुरक्षाबलों औऱ आतंकियों के बीच मुठभेड़ में आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। बाद में खुलासा हुआ कि सुरक्षा बलों ने जिन तीन आतंकियों को मार गिराया था वो पहलगाम नरसंहार में शामिल थे।
पहलगाम में 26 लोगों की कर दी थी हत्या
गौरतलब है कि पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या उनका धर्म करके की थी। इसके बाद भारत ने 6-7 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के कैंप शामिल थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक में बताया कि इन हमलों में 100 आतंकी मारे गए। भारत ने न केवल आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, बल्कि 9-10 मई को पाकिस्तान के 11 हवाई ठिकानों को भी तबाह किया। ये हमले रात में किए गए ताकि आम नागरिकों को नुकसान न हो।

















