हरिद्वार: गंगा और गंग नहर किनारे अवैध रूप से बसे हुए लोगों को हटाने की कवायद शुरू हो गई है। स्मरण रहे कि उत्तराखंड सरकार द्वारा यूपी के सिंचाई विभाग को पत्र लिख कर अवैध कब्जों को लेकर चिंता जताई जाती रही है। हरिद्वार जिले में गंगा किनारे यूपी के सिंचाई विभाग के अधीन उत्तराखंड की संपत्ति है इस संपति का रख रखाव फिलहाल यूपी के पास है और ये विषय यूपी उत्तराखंड के बीच संपत्ति बंटवारे में तय किया गया था जो कि अब अतिक्रमण की एक बड़ी समस्या बन चुका है।
कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के कारण बढ़ा अतिक्रमण
कथित रूप से यूपी सिंचाई विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारी ,सरकारी जमीनों के सौदा करने में लिप्त बताए गए हैं। जानकारी के मुताबिक यूपी की योगी सरकार द्वारा इस विषय का संज्ञान लिया गया है, जिसके बाद कुंभ मेला आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया है। आपको बता दें कि हरिद्वार में गंगा और गंग नहर किनारे भारी संख्या में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हो चुका है जो कि हरिद्वार जिला प्रशासन के लिए सिर दर्द बनता जा रहा है।
डेमोग्राफी बदलाव
हालात तो ये है कि सनातन नगरी की डेमोग्राफी में बदलाव की समस्या मुंह उठाए खड़ी हो गई है। ये अवैध कब्जे किसने किए हैं? किस मूल के हैं? किसने यहां लाकर बसाए हैं? इसके पीछे मकसद क्या हैं ? इन सवालों के जवाब के रूप में केवल राजनीतिक संरक्षण वोट बैंक के लालच सामने आए हैं। इन अतिक्रमणों की वजह से सनातन गंगा नगरी हरिद्वार अब बदसूरत और बदहाल भी दिखाई देने लगी है।
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कुंभ में सनातनी अखाड़ों को आवंटित होने वाली भूमि पर भी कब्जा
हालात इस कदर खराब हो गए है कि कुंभ के दौरान जो भूमि सनातनी अखाड़ों को आबंटित होती थी वहां तक लोगों के कब्जे हो गए है। आगे कुंभ 2027 की तैयारी सामने आ चुकी है। उधर हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर का काम भी किया जाना है। ऐसे में प्रशासन के आगे अतिक्रमण एक चुनौती बना हुआ है। बताया गया है कि प्रशासन द्वारा सरकार को अवगत कराया गया है कि गंगा किनारे यूपी के सिंचाई विभाग के अधीन भूमि पर अवैध कब्जे हरिद्वार के विकास में अवरोधक है। जिसके बाद उत्तराखंड की धामी सरकार ने यूपी सरकार से पत्र व्यवहार किया है।
उधर कुंभ की तैयारियों के मद्देनजर हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित के निर्देशों के बाद विभाग ने सरकारी मेला भूमि से अतिक्रमण हटाने की नोटिस की कार्रवाई की है। जिसके बाद से बैरागी कैम्प मेला आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण करने वाले अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
सीएम धामी ने दिए निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार मनसा देवी हादसे के बाद जिला प्रशासन को गंगा नगरी से अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त निर्देश दिए है। श्री धामी बार बार अपने संबोधन में ये कहते रहे है कि उत्तराखंड से सरकारी भूमि से अतिक्रमण हर हाल में हटाया जाएगा। उनके निर्देशों का ही असर है कि पिछले कुछ महीनों राज्य से करीब 7 हजार एकड़ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।

















