मनसा देवी में हुए हादसे के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश के बाद जिला प्रशासन की टीमों ने बीती रात से ही अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया। मनसा देवी के बाद चंडी देवी मार्ग पर बनी दुकानों का अतिक्रमण हटाया गया। चंडी देवी मंदिर का मुख्य द्वार, जो वर्षों से ढका हुआ था, अब दूर से दिखाई देता है। प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद दर्जनों दुकानों के आगे बने टीन शेड हटा दिए गए। गौरतलब है कि पिछले दिनों मनसा देवी मार्ग पर मची भगदड़ में 8 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से अतिक्रमण हटाने के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे।
घटना के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार पहुंचे थे और जिला प्रशासन से जवाब मांगा था। जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण की समस्या के कारण मनसा देवी मार्ग संकरा होने से यह स्थिति बनी। सड़क पर सैकड़ों दुकानें और झुग्गियां बनने के पीछे राजाजी राष्ट्रीय पार्क और वन विभाग की लापरवाही सीधे तौर पर सामने आई।
सीएम के सख्त रुख के बाद राजाजी राष्ट्रीय पार्क के निदेशक डॉ. कोको रोज के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ और करीब डेढ़ हेक्टेयर भूमि से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, निदेशक के अनुसार अभियान अभी भी जारी है। वन विभाग के अतिक्रमण हटाओ अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. पराग धकाते के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राज्य के सभी धार्मिक स्थलों के आसपास से अतिक्रमण हटाने को कहा गया है। मनसा देवी, चंडी देवी वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
उधर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि चंडी देवी मंदिर और मनसा देवी मंदिर के बाद अब हर की पौड़ी के आसपास अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के द्वारा दोबारा अतिक्रमण किया गया तो उससे जुर्माना वसूलने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

















