कन्वर्जन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपी एटीएस ने 50 हजार रुपए के इनामी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार कर लिया है। नीतू कन्वर्जन करके नसरीन बन गई है। इस मामले में बताया जा रहा है कि छांगुर के गैंग को 100 करोड़ की फंडिंग की गई है। यह फंडिंग कई वर्षों से की जा रही थी।
भीख मांगता था छांगुर
गैंग के सदस्य दुबई आदि देशों में जाकर विदेश यात्रा करते थे। कुछ लोगों को दुबई में ले जाकर कन्वर्जन भी कराते थे। बलरामपुर जनपद में छांगुर के बारे में लोग बताते हैं कि कुछ वर्षों पहले तक यह भीख मांग करके अपना गुजारा करता था। अचानक से इसकी जीवनशैली में बदलाव आया और महंगी गाड़ियां एवं ऐश-ओ-आराम की सारी सुविधाएं इसने जुटा ली।
नीतू और नवीन का किया कन्वर्जन
छांगुर के संपर्क में सबसे पहले नवीन और नीतू आए थे। इसने उन लोगों का कन्वर्जन कराया। नीतू को नसरीन और नवीन को जमालुद्दीन बना दिया और उसकी एक नाबालिग बच्ची को भी कन्वर्ट कराकर अपने भतीजे से उसकी शादी करा दी। उसके बाद नीतू और नवीन छांगुर के गैंग में शामिल हो गए।
एसटीएफ ने दर्ज किया मुकदमा
इस मामले में एसटीएफ ने गोमती नगर थाने में वर्ष 2024 में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले की विवेचना के दौरान पाया गया कि 19 बैंक खातों में करीब 100 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग हुई है। इसके बाद इस मामले की विवेचना एटीएस को दे दी गई। इस प्रकरण में दो अभियुक्त जेल भेजे जा चुके हैं। आज शनिवार की शाम छांगुर बाबा गिरफ्तार किया गया।
विदेशी फंडिंग का पता चला
उल्लेखनीय है कि विदेशी फण्डिंग से एक वर्ष के अन्दर करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीदे जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। विवेचना में पाया गया कि जमालुददीन उर्फ छांगुर ग्राम मधपुर में चांद औलिया दरगाह के बगल में रह रहा था। वो खुद को पीर व सूफी बासफा हजरत बाबा जलालुददीन कहता है। उसने शिजर-ए-तैय्यबा नाम से एक पुस्तक भी प्रकाशित करवाई है।
हिंदू नाम रखकर प्रेम जाल में फंसाया
लोगों को प्रलोभन देकर उसने कन्वर्जन कराया है। लखनऊ निवासी गुंजा गुप्ता को अबू अंसारी ने हिन्दू नाम अमित रखकर प्रेम जाल में फंसाया। उसके बाद छांगुर शाह के पास दरगाह पर ले गया। वहां पर नीतू उर्फ नसरीन, नवीन उर्फ जमालुददीन ने गुन्जा गुप्ता का ब्रेनवाश किया। पैसे आदि का प्रलोभन देकर कन्वर्जन करा दिया और उसका नाम अलीना अंसारी रख दिया गया।
जाति के हिसाब से तय किए पैसे
यह भी जानकारी में आया है कि हिन्दू धर्म के ब्राह्मण, क्षत्रिय और सरदार की लड़की को कन्वर्जन करने पर 15 लाख रुपये दिए गए हैं। पिछड़ी जाति की लड़की के लिये 10 से 12 लाख रुपये दिए गए। इसके साथ ही अन्य जाति की लड़कियों को 8 से 10 लाख रुपये दिए जाते थे। छांगुर के गिरोह के सदस्य लगभग 40 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुके हैं।
















