भ्यूंडार घाटी में मां नंदा का लोकोत्सव: परंपरा, आस्था और विदाई का अद्वितीय संगम, 10 से 13 सितम्बर तक होगा भव्य आयोजन
July 6, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

भ्यूंडार घाटी में मां नंदा का लोकोत्सव: परंपरा, आस्था और विदाई का अद्वितीय संगम, 10 से 13 सितम्बर तक होगा भव्य आयोजन

हिमालय की अधिष्टात्री देवी मां नंदा, यहां के लोक में इस तरह से रची बसी हुई हैं कि नंदा के बिना पर्वतीय लोक की कल्पना नहीं की जा सकती।

Written byदिनेश मानसेरादिनेश मानसेरा
Sep 7, 2024, 10:36 am IST
in उत्तराखंड

हिमालय की अधिष्टात्री देवी मां नंदा, यहां के लोक में इस तरह से रची बसी हुई हैं कि नंदा के बिना पर्वतीय लोक की कल्पना नहीं की जा सकती। नंदा से अगाढ प्रेम की बानगी है कि आज भी लोग खुशी-खुशी अपनी बेटी का नाम नंदा रखते हैं। भादो के महीने नंदा के लोकोत्सवों की अलग ही पहचान है। नंदा का पूरा मायका लोकोत्सव में डूबा हुआ है चारों ओर नंदा के जयकारों से नंदा का लोक गूंज रहा है। कैलाश पर नंदा को विदाई देने और उन्हें वापस बुलाने के लिए लोकजात्राएं शुरू हो गई हैं। पुष्पावती और भ्यूंडार गंगा की घाटी में प्रत्येक वर्ष नंदा अष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाला नंदाष्टमी पर्व का आयोजन इस साल 10-13 सितम्बर को होगा।

मां नंदा के बुलावे के लिए कैलाश भेजे जाते हैं दो फुलारी!

भ्यूंडार गांव के युवा सौरभ सिंह चौहान बताते हैं कि भ्यूंडार गांव के सभी ग्रामवासी भादों के महीने षष्ठी के दिन मां नंदा देवी के मंदिर में एकत्रित होते हैं और सर्वप्रथम भूमिया देवता की पूजा की जाती है। उसके बाद गांव के समस्त लोग मंदिर प्रांगण में एकत्रित होकर दो फुलारी को मां नंदा के मायके (कैलाश) बुलावा के लिए भेजे जाते हैं। दोनों फुलारी में एक के पास कंडी में मां नंदा जी का कटारा तलवार शक्ति के रूप में जाता है एवं दूसरी फुलारी की कंडी में लोकपाल जी का कटारा तलवार शिव रूप में जाती है। फुलारी के साथ लक्ष्मण जी का भिंगार मां नंदा के बुलावे के लिए भेजा जाता है। उस दिन फुलारी का रात्रि विश्राम श्री लोकपाल के मंदिर में होता है। अगले दिन प्रातः स्नान के बाद फुलारी श्री लक्ष्मण महाराज और नंदा माता और शेषनाथ जी को भोग लगाने के पश्चात ब्रहमकमल की फुलवारी में प्रवेश करते हैं, जो कि लक्ष्मण मंदिर के समीप है। तत्पश्चात फुलारी मां नंदा की प्रार्थना करके अपने मायके आने के लिए निमंत्रण देते हैं। जिसके बाद दोनों दोनों फुलारी अपनी फूल कंडी का ब्रह्मकमल से श्रृंगार करते हैं। दोपहर को बिना भोजन किए फुलारी नंदा माता के मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं। लक्ष्मण जी का भृंगार उनके आगे साथ साथ चलता है। फुलारी शाम को भ्यूंडार गांव पहुंच जाते हैं, जहां समस्त ग्रामवासी मां नंदा के स्वागत की इंतजारी में रहते हैं।

जागरों में होती है मां नंदा से वार्तालाप और पूछी जाती है ससुराल की कुशलक्षेम!

मां नंदा के भ्यूंडार गांव पहुंचने पर गांव के बुजुर्ग जगरोई जागर के रूप में मां नंदा से उनके कैलाश के कुशलक्षेम पूछते हैं। उसी जागरण में मां नंदा बताती है की कैलाश में बहुत से पुष्प खिले हुए हैं विभिन्न प्रकार के मखमली कमल खिले हुए है। कैलाश में सब कुशलक्षेम से है फिर मां भगवती जागरण में ग्रामीणों से पूछती है कि मेरे मायके गंगाड में क्या-क्या हो रहा। फिर जगरोई मां नंदा को बताते हैं कि उनके मायके में विभिन्न प्रकार के मौसमी फल और अनाज हो रखा हैं। तत्पश्चात महानंदा का अवतार एक अवतारी पुरुष पर होता है और फिर अपने फुलारी से मिलकर मां नंदा मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करती है। अंत में नंदा माता समस्त ग्राम वासियों को नंदा अष्टमी सफल करने का आशीर्वाद देती है।

विशेष रूप से तैयार होता है मां नंदा का विग्रह!

फुलारी के आने से पहले दो विशेष व्यक्तियों द्वारा मां नंदा का विग्रह तैयार किया जाता है जिसमें मां नंदा के मुखारविंद पे समस्त ब्रह्मांड को दर्शाया जाता है। उसी दिन रात्रि में मां नंदा के आगमन के बाद विग्रह को गर्भ ग्रह में स्थापित किया जाता है तत्पश्चात रात्रि में मां का श्रृंगार किया जाता है। अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त से पहले तक विग्रह को एक स्वच्छ कपड़े से ढक आया जाता है और ब्रह्म मुहूर्त आने पर मां नंदा के विग्रह से कपड़ा हटाकर समस्त ग्रामवासियों के लिए दर्शनार्थ खोला जाता है। जिसके उपरांत मां नंदा को भोग लगा कर आरती की जाती है।

दो दिन तक गाये जाते हैं मां नंदा के जागर और दांकुडी की लयबद्ध और कतारबद्ध लोकनृत्य से थिरक उठता है नंदा का मायका, विदाई के अवसर पर छलछला जाती है आंखे….

भ्यूंडार गांव में नंदा की लोकजात के अवसर पर गांव में 2 दिन तक लगातार जागर चलता रहता है। जिसमें मां नंदा की पौराणिक गाथाओं का वर्णन होता है। इसके पश्चात समस्त ग्रामीण सामूहिक रूप से मां नंदा के पारम्परिक लोकगीतों की सुमधुर स्वरलहरियों के साथ दांकुड़ी मां नंदा के लिए प्रस्तुत करते हैं। उस दिन रात्रि को समस्त ग्रामवासी जागरण करते हैं और अपने भजनों के साथ महानंदा का गुडानुवाद करते हैं। अष्टमी के दिन महानंदा की दाकुड़ी लगाई जाति है और दोपहर को समस्त ग्रामवासी फुलारियो को छोड़ कर भ्यूंडार गांव में स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर मे दर्शानों के लिए जाते है।

दोपहर का भोग लक्षमण जी को लगाया जाता है। वहां पर भी समस्त ग्रामीण सामूहिक रूप से दांकुडी लगाते है फिर शाम को मां नंदा के प्रांगण मैं एकत्रित हो जाते है, और मां का गुडानुवाद की तयारी प्रारंभ कर देते है। इसके बाद मां नंदा गंगाजल और दुग्ध स्नान करती है और समस्त ग्राम वासियों को आश्वस्त करती है की मैं तुम्हारी रक्षा करूंगी जब भी तुम पे अर्थात् मेरे माइके पे संकट आएगा मैं तुम्हारी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहूंगी। अंत में माँ नंदा समस्त ग्राम वासियों को आशीर्वाद देकर अपने ससुराल कैलाश वापस लौट जाती है। माँ नंदा की विदाई के अवसर पर समस्त ग्रामीणों और ध्याणियों की आंखों से अविरल अश्रुओं की धारा बहती है। क्योंकि अब ठीक एक साल बाद ही माँ नंदा से भेंट होगी।

यहां हैं भ्यूंडार घाटी!

सीमांत चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक में गोविंदघाट-हेमकुंड मार्ग पर समुद्रतल से करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर भ्यूंडार गांव स्थित है। कल-कल करते बह रही पुष्पावती नदी, झरनों का सुमधुर संगीत, दूर-दूर तक नजर आते बर्फीले पहाड़, पक्षियों की चहचहाट व दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों की चहलकदमी घाटी के सौंदर्य में चार चांद लगाते है। गंदमादन’, ‘पुष्पावती’, ‘पुष्प रस’, अलका, ‘भ्यूंडार’, ‘देवद्वार’, ‘वैकुंठ’ आदि नामों से विभिन्न ग्रंथों में इस घाटी का जिक्र हुआ है। प्रकृति नें इस खूबसूरत घाटी पर अपना सब कुछ न्योछावर किया है। फूलों की घाटी, कागभूषंडी झील, सात पहाडियों से घिर पवित्र हेमकुण्ड, लोकपाल मंदिर की थाती है ये घाटी। बरसों से यहाँ के लोगों नें अपनी अनमोल सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखा है।

Topics: Uttarakhand NewsNanda Devi Festivalchamoli newsनंदा देवी महोत्सव 2024नंदा देवी मेलाBhyundar Valley Nandastami
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार में नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, ₹50 हजार की जाली करेंसी और उपकरण बरामद

प्रतीकात्मक तस्वीर

नंदा देवी राजजात की तैयारियां अंतिम चरण में, डीएम ने यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

नशामुक्त भारत के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम, गायत्री परिवार के साथ मिलकर चलाएगी देशव्यापी अभियान

उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर सील, निहंगों की एंट्री पर हाई अलर्ट; रातभर पुलिस-निहंग आमने-सामने

प्रतिभागी

उत्तराखंड की बेटी का कमाल! जर्मनी के अस्पताल में ₹3.3 लाख महीना नौकरी, जानिए कैसे मिला मौका?

आरोपी गिरफ्तार

फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, खाते में मिले 1.70 करोड़ रुपये

Load More

ताज़ा समाचार

UPI New Rules 2026

भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का मुरीद इंडोनेशिया, UPI समेत पूरे भारतीय DPI को अपना ब्लूप्रिंट बना रहा

Leftist protest in turkey

तुर्की में NATO के खिलाफ वामपंथी प्रदर्शन, TKP के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता हिरासत में

Donald trump

“वामपंथ कैंसर है, जल्द काटना होगा”– अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर ट्रंप ने कही बड़ी बात

आज का श्लोक : सम्पदि यस्य न हर्षो विपदि विषादो रणे न भीरुत्वम्

आज का राशिफल

6 जुलाई का राशिफल: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का भविष्यफल

आज का इतिहास

6 जुलाई का इतिहास: आज के दिन क्या-क्या हुआ था? पढ़ें प्रमुख घटनाएं

Arvind Kejriwal

अरविंद केजरीवाल को सेशंस कोर्ट से बड़ा झटका: PM डिग्री विवाद मानहानि केस में अर्जी खारिज, बढ़ी मुश्किलें!

pojk activist mahmood kashmiri slams pakistan at bradford literature festival uk

ब्रिटेन में पाकिस्तानी राजनयिक पर बरसे PoJK कार्यकर्ता महमूद कश्मीरी, बोले- “दमन बंद करो, PoJK छोड़े पाकिस्तानी सेना”

MP Waqf board

मध्य प्रदेश बना नये वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य, पहली बार 2 हिंदू सदस्य

isro successfully tests solve solid motor for gaganyaan mission sriharikota

गगनयान मिशन के लिए ISRO की एक और बड़ी कामयाबी: श्रीहरिकोटा में विशेष ‘SOLVE’ रॉकेट प्रणाली का पहला सफल परीक्षण

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies