Article 370: सरदार पटेल के सपने को मोदी ने किया पूरा, झूठे थे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर लगाए गए आरोप
August 17, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

Article 370: सरदार पटेल के सपने को मोदी ने किया पूरा, झूठे थे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर लगाए गए आरोप

सरदार पटेल के विरोध के बावजूद पंडित नेहरू ने अनुच्छेद 370 का समर्थन किया था। हालांकि, अंत तक सरदार पटेल ने जिद करके ड्राफ्ट में अहम बदलाव करवाए, जो 370 को हटाने में सहायक बने।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Dec 11, 2023, 02:52 pm IST
inभारत
Artcle 370

प्रतीकात्मक तस्वीर

अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने वैध करार दे दिया है। लेकिन विपक्ष अक्सर जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर एक झूठ फैलाता है कि जब अनुच्छेद 370 केंद्रीय मंत्रिमंडल में पेश किया गया था तो उस दौरान उन्होंने इसका विरोध नहीं किया था। ये पूरी तरह से निराधारत तथ्य है। हकीकत तो ये है कि 370 को लेकर मंत्रिमंडल में कोई चर्चा तो दूर की बात है, इसे वास्तव में कभी वहां पेश ही नहीं किया गया। ऐसे विपक्ष का डॉ मुखर्जी पर लगाया आरोप पूरी तरह से निराधार हो जाता है।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिर्फ संविधान सभा और अंतरिम सरकार का हिस्सा थे। इस सरकार में वो रसद आपूर्ति मंत्री थे और इसी के चलते केवल जम्मू कश्मीर के विषय में डिफेंस कमेटी की मीटिंग में शामिल हुए थे। खास बात ये है कि साल 1947 में ये बैठकें हुई थी और उस दौरान अनुच्छेद 370 जैसा कुछ था ही नहीं। असल, 370 से जुड़ा जो ड्राफ्ट था वो शुरुआत में केवल पंडित नेहरू, शेख अब्दुल्ला, आयंगर और मौलाना आजाद के ही चारों तरफ घूम रहा था। अचानक से इसकी खबर सरदार पटेल को लग गई। उन्हें ये आभास हो गया कि 370 की आड़ में कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने की कोशिशें की जा रही हैं, तो उन्होंने तुरंत इसके प्रावधानों में बदलाव करवा दिया।

खास बात ये है कि 370 को लागू करने के लिए नेहरु के साथ मिलकर शेख अब्दुल्ला ने एक चाल चली और अनुच्छेद 370 के बारे में संविधान सभा को 16 अक्टूबर 1949 को बताया और इसके ठीक अगले दिन इसे सभा में पेश कर दिया गया। ये सब अचानक से किया गया, जिससे इस पर चर्चा करने का किसी को समय ही नहीं मिल पाया।

इसे भी पढ़ें: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का महाबलिदान और जम्मू-कश्मीर 

दूसरी बात ये कि अक्टूबर 1949 तक संविधान का निर्माण लगभग पूरा हो चुका था और उसमें केवल प्रस्तावना जैसे जरूरी काम शेष रह गए थे। सबसे अहम बात ये कि संविधान के जिस मूल ड्राफ्ट को डॉ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था उसमें 370 का जिक्र तक नहीं किया गया था। ऐसे में संविधान सभा के किसी भी सदस्य को इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी।

सरदार पटेल के विरोध के बावजूद नेहरू ने 370 का किया था समर्थन

देश में अनुच्छेद 370 को लागू करने के लिए शेख अब्दुल्ला ने सबसे पहले मांग की थी। उन्होंने इस मामले में 3 जनवरी 1949 को सरदार पटेल को एक पत्र लिखा और कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के मुस्लिमों को पूर्ण स्वतंत्रता देने की पेशकश की है। पाकिस्तान का कहना है कि उसके हस्तक्षेप के बिना भी हम जम्मू कश्मीर का संविधान बना सकते हैं। शेख ने चालाकी दिखाते हुए सरदार पटेल को अपने जाल में फंसाना चाहा और कहा कि भारत को पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को बेअसर करने के लिए जम्मू कश्मीर को संवैधानिक स्वतंत्रता देने की घोषणा करनी चाहिए।

सरदार पटेल शेख अब्दुल्ला की चाल को समझ गए और इसे मानने से साफ इंकार कर दिया। जब सरदार के सामने अब्दुल्ला की दाल नहीं गली तो उन्होंने यही प्रस्ताव पंडित नेहरू के सामने रखा। इस पर जब नेहरू ने आपात बैठक बुलाई तो उसमें भी सरदार पटेल ने इसका विरोध किया।

इसे भी पढ़ें: Article 370: सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें

सरदार पटेल के अड़ंगे से परेशान शेख अब्दुल्ला ने 14 अप्रैल 1949 को स्कॉट्समैन के पत्रकार माइकल डेविडसन को इंटरव्यू देकर जम्मू कश्मीर के विभाजन की मांग की। इससे परेशान नेहरू ने सरदार पटेल पर शेख की बातों को मानने का दबाव बनाया। लेकिन जब सरदार असरदार बने रहे तो मई 1949 में पंडित नेहरू जम्मू कश्मीर चले गए और शेख अब्दुल्ला के साथ कई सारे समझौतो कर डाले। इसकी भनक तक सरदार पटेल को नहीं लगी। उन्होंने इसके प्रावधानों को तैयार करने की जिम्मेदारी आयंगर को दी।

सरदार पटेल को भनक लगे बिना ही तैयार कर दिया 370 का ड्राफ्ट

अनुच्छेद 370 को लेकर ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी गोपालस्वामी आयंगर औऱ शेख अब्दुल्ला ने मिलकर तैयार किया। लेकिन जब इसके बारे में सरदार बल्लभ भाई पटेल को बताया गया तो उन्होंने इसे मानने से साफ इंकार कर दिया। सरदार पटेल के हस्तक्षेप के बाद इसका एक नया मसौदा तैयार किया गया, लेकिन उसे शेख ने मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद आयंगर ने कुछ परिवर्तनों के साथ इसे फिर से शेख को भेजा, लेकिन इस बार सरदार पटेल ने इसे मानने से इंकार कर दिया।

इसके बाद इसमें आखिरी परिवर्तन 17 अक्टूबर को 1749 को संविधान सभा में पेश किया गया। शेख ने इसका विरोध किया और आयंगर को पत्र लिखकर संविधान सभा से इस्तीफा देने की धमकी दी। हालांकि, सरदार पटेल के आगे किसी की नहीं चली। 370 के पहले ड्राफ्ट में सारी शक्तियां शेख के पास थीं, जिसे बदलवाकर पटेल ने शेख अब्दुल्ला की अंतरिम सरकार की जगह यूनियन ऑफ इंडिया जोड़ दिया। सरदार पटेल का यही वो कदम था, जिसके कारण अनुच्छेद 370 हटाया जा सका। हालांकि, एक बार वर्ष 1964 में भी इसे हटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन वो सफल नही हो सका।

इसे भी पढ़ें: BIG BREAKING: अनुच्छेद 370 को हटाने का केंद्र सरकार का फैसला सही, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

सरदार पटेल के सपने को प्रधानमंत्री मोदी ने किया साकार

सरदार पटेल अनुच्छेद 370 को लागू करने के पक्ष में नहीं थे, वो एक देश, एक विधान और एक प्रधान की डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कथन को मानते थे। एक बार उसने वी शंकर ने पूछा था कि आखिर उन्होंने बचे हुए अनुच्छेद 370 को क्यों बचा रहने दिया तो उन्होंने बहुत ही अच्छा जबाव दिया। सरदार पटेल ने कहा था कि न तो गोपालस्वामी आयंगर और न ही शेख अब्दुल्ला स्थायी हैं। ये भारत सरकार की ताकत और हिम्मत पर भविष्य निर्भर करेगा। अगर हमें अपनी ताकत पर भरोसा नहीं होगा तो हम एक राष्ट्र कभी नहीं बन पाएंगे। आखिरकार सरदार पटेल के कथन को सत्य साबित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2019 को इसे हटा ही दिया। मोदी सरकार के इश फैसले पर अब देश के सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है।

Topics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीwhat is articleSupreme Courtसुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्टसरदार पटेलSardar Patelअनुच्छेद 370Article 370अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्टNarendra Modiअनुच्छेद 370 क्या हैधारा 35 एSupreme court verdict on Article 370section 35A section
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
Share26
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

सौरव दास

Fact Check: PM मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान को CJP के सौरव दास ने भ्रामक तरीके से पेश किया

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को नहीं, अलगाव और पूर्वोत्तर को अलग करने वालों को कहा ‘दिमागी नक्सल’: किरेन रिजिजू

PM Modi का वीडियो हटाने पर घिरा Meta! Cambridge Analytica और Facebook Papers के बाद फिर उठे सवाल

नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद मोहम्मद रमजान ने PoJK पर बड़ा बयान दिया।

एनसी सांसद मोहम्मद रमजान का भारत के खिलाफ बयान, PoJK को अलग देश बताया

अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आया बड़ा बदलाव (फोटो सांकेतिक है और एआई द्वारा निर्मित)

5 अगस्त 2019 का ऐतिहासिक फैसला: अनुच्छेद 370 हटने से बदला जम्मू-कश्मीर और भारतीय राजनीति का नक्शा

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने के बाद आया बदलाव

Load More

ताज़ा समाचार

CJI Suryakant on NCERT

NALSAR के छात्रों के विरोध पर बोले CJI- ‘जब स्वीकार ही नहीं किया, तो जाने का सवाल ही नहीं’

Ebola outbreaks india Africa summit cancelled

कांगो में इबोला के बंडीबुग्यो स्ट्रेन का घातक प्रकोप: 2325 मौतें, 4945 मामले दर्ज; हर 30 मिनट में एक मौत

आज का श्लोक : अराष्ट्रियकराक्रान्तं तद् राष्ट्रं जायते ध्रुवेम्।

सौरव दास

Fact Check: PM मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान को CJP के सौरव दास ने भ्रामक तरीके से पेश किया

P Chidambaram congress

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम बोले ‘मुझे गर्व है कि मैं दिमागी नक्सली हूं’

अटल गौरव स्मृति समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को प्रतीक चिह्न भेंट करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

अमित शाह ने अटल जी की अष्टधातु प्रतिमा का किया अनावरण, कहा- कांग्रेस ने वोट बैंक के लालच में वंदे मातरम को भुलाया

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को नहीं, अलगाव और पूर्वोत्तर को अलग करने वालों को कहा ‘दिमागी नक्सल’: किरेन रिजिजू

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जो लोग 1947 में मौन थे, वे आज भी मौन हैं : विभाजन विभीषिका पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ

1947 की एक बैठक के दौरान जवाहर लाल नेहरू, लार्ड माउंटबेटन और मोहम्मद अली जिन्ना

विभाजन की विभीषिका : षड्यंत्र का परिणाम पाकिस्तान

सर्वानंद कौल और उनके पुत्र वीरेंद्र कौल

कौल परिवार में जगी न्याय की उम्मीद

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies