‘यह इस्राएल का 9/11, हमास को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी’, गरजा इस्राएल

इस्राएल ने कहा है कि बुजुर्गों, महिलाओं तथा बच्चों तक को युद्ध में सताना अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध है। सोशल मीडिया पर दिख रहे वीडियो और दृश्य हिला देने वाले हैं। चेतावनी दी गई है कि इस लड़ाई से ईरान और हिजबुल्ला खुद को दूर रखें

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गत शनिवार की सुबह शुरू हुए फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के इस्राएल पर औचक हमले के बाद से, दोनों पक्षों के 1300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, सैकड़ों इस्राएली महिला, पुरुष, वुद्ध, बच्चे अगवा किए जा चुके हैं। सोशल मीडिया पर इस्राएल के वरिष्ठ फौजी जनरलों को अगवा करके गाजा ले जाए देखा जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र में इस्राएल के प्रतिनिधि ने इसे इस्राएल पर युद्ध की घोषणा कर दी। सुरक्षा बलों के प्रवक्ता रिचर्ड हेचट ने कहा कि एक तरह से, यह हमला 9/11 जैसा हमला बताते हुए उसका कड़ा प्रतिकार करने की बात दोहराई है।

इस्राइल की ओर से वीडियो जारी करके बताया गया इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने सैनिकों को ही नहीं, छोटे छोटे बच्चों तक को अपनी पाशविकता का शिकार बनाया है। इस बीच इस्राएल के सुरक्षा बलों की तरफ से कहा गया है कि उनके लिए पिछले 24 घंटे बहुत मुश्किलों भरे रहे। इस्लामी आतं​की संगठन के अचानक बोले गए इस हमले के बाद इस्राएल की तरफ से कड़ी जवाबी कार्रवाई चालू है और गाजा में जबरदस्त मिसाइल हमले बोले गए हैं।

हमास द्वारा नन्हे इस्राएली बच्चों को यूं पिंजरे में कैद करके रखने की तस्वीरें सभ्य जगत की चेतना को भीतर तक झकझोर गई हैं

इस्राएल पर हमास का अचानक बोला गया यह हमला सच में बहुत भीषण और हैरान करने वाला है। शनिवार सुबह से ही भयंकर युद्ध छिड़ा है। इस्राएल के इतिहास में शायद इससे बड़ा नरसंहार नहीं हुआ होगा। सेना पूरी तरह तैयारी के साथ सीमाएं सुरक्षित करने में जुटी है और शहरों में हमास के आतंकियों को ढूंढ—ढूंढकर कैद कर रही है।

इस्राइल के सुरक्षा बलों के प्रवक्ता रिचर्ड हेचट का कहना है कि इस्राएल पर यह हमला 9/11 जैसा या उससे भी ज्यादा भयंकर है। इसका मकसद किसी इमारत से टकराकर उसे गिराना नहीं था, बल्कि आम नागरिकों को निशाना बनाना तथा बुजुर्गों और बच्चों तक को अगवा करना था। रिचर्ड ने बताया कि इस्राएल हमास की इस करतूत का कड़ा जवाब दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं तथा बच्चों तक को युद्ध में सताना अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध है। सोशल मीडिया पर दिख रहे वीडियो और दृश्य हिला देने वाले हैं। रिचर्ड ने चेतावनी दी है कि इस लड़ाई से ईरान और हिजबुल्ला खुद को दूर रखें, इसमें उतरने की भूल न करें।

इस्राएल के वरिष्ठ फौजी अधिकारी, प्रवक्ता मेजर लिब्बी वीस का कहना है हमास को लेकर सालों से बात होती आ रही थी कि वह कौन है, क्या करता है। लेकिन शनिवार सुबह सबने देख लिया कि हमास आखिर क्या है। यह आतंकी गुट इस्राइल को मिटा देना चाहता है। यह बच्चों, बुजुर्गों तथा महिलाओं को अगवा करता है।

इस्राएल के मेजर वीस ने हमास के बारे में आगे कहा कि यह आतंकी गुट हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बना रहा है, यह नागरिकों को निशाने पर रख रहा है, जिनमें नवजात, छोटे बच्चे, बुजुर्ग भी हैं। युद्ध के ये नजारे पूरी मानवता को झकझोरने वाले हैं। आज हालात बहुत गंभीर हो चुके हैं। हमास ने जो पाशविकता दिखाई है उसे इस्राएल भूल नहीं सकता।

एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए मेजर वीस ने कहा कि इस्राएल की सेना सीमाओं को सुरक्षित करने में जुट चुकी है और पूरी सख्ती से कदम उठा रही है। इस्राएल के अंदर भी कुछ समुदायों में आपसी संघर्ष छिड़ा है।

इस्राएल पर हमास का अचानक बोला गया यह हमला सच में बहुत भीषण और हैरान करने वाला है। शनिवार सुबह से ही भयंकर युद्ध छिड़ा है। इस्राएल के इतिहास में शायद इससे बड़ा नरसंहार नहीं हुआ होगा। सेना पूरी तरह तैयारी के साथ सीमाएं सुरक्षित करने में जुटी है और शहरों में हमास के आतंकियों को ढूंढ—ढूंढकर कैद कर रही है।

फिलिस्तीन के इस्लामी आतंकवादी संगठन हमास इस्राएल को धरती पर से मिटा देने की कसमें खाए हुए है, लेकिन इस्राएल ने छोटा सा देश होते हुए भी राष्ट्रीय भावना से भरे अपने नागरिकों की मदद से हमास और उग्र फिलिस्तीनियों को काबू में रखा है। इस्राएल ने अब अगर हमास को यह चेतावनी दी है कि इस्राएल में उसकी इस करतूत के लिए उसे बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी तो यह स्वाभाविक ही है।

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