Pakistan: 1931 में भगत सिंह को सजा के मामले पर लाहौर उच्च न्यायालय ने फिर लगाई फांस
August 7, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

Pakistan: 1931 में भगत सिंह को सजा के मामले पर लाहौर उच्च न्यायालय ने फिर लगाई फांस

भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी का कहना है कि याचिका को अदालत आगे ही नहीं बढ़ा रही। दस साल से इसे लटकाया जा रहा है

Written byPanchjanyaPanchjanya
Sep 18, 2023, 12:14 pm IST
inविश्व
लाहौर केन्द्रीय कारागार में भगत सिंह की एक दुर्लभ तस्वीर

लाहौर केन्द्रीय कारागार में भगत सिंह की एक दुर्लभ तस्वीर

महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को 1931 में सजा दी गई थी जिसके बाद उन्हें अंग्रेज सरकार ने फांसी दे दी थी। इस पूरे मामले पर फिर से गौर करने संबंधी याचिका पिछले 10 साल से सुनवाई का इंतजार कर रही है। लेकिन इसे किसी न किसी बात पर टाला जाता रहा है। अब एक बार फिर लाहौर उच्च न्यायालय ने इस महान हुतात्मा से जुड़े केस को लटका दिया है।

पाकिस्तान में भगत सिंह के चाहने वालों की कमी नहीं है। वहां एक संगठन पिछले अनेक वर्ष से उनकी जयंती और पुण्य तिथि​ मनाता आ रहा है। इसी संगठन, भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष एडवोकेट इम्तियाज राशिद कुरैशी ने यह याचिका दायर की हुई है। वे भगत सिंह को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

इस केस पर आम पाकिस्तानियों में भी उत्सुकता दिखाई देती है। लेकिन सुनवाई किसी न किसी बहाने टलती आ रही है। अभी शनिवार को लाहौर उच्च न्यायालय ने इस मामले को 92 साल बाद फिर से खोलने को लेकर अपनी आपत्ति जता दी।

याचिका में महान स्वातंत्र्य योद्धा भगत सिंह को 1931 में दी गई सजा का मामला पुन: खंगालने और उन्हें मरणोपरांत उचित सम्मान दिए जाने की मांग करती है। सब जानते हैं भगत सिंह को तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने भयातुर हो कर वक्त से पहले, 23 मार्च 1931 को उनके दो सहयोगी योद्धाओं राजगुरु और सुखदेव के साथ सूली पर चढ़ा दिया था।

स्वातंत्र्य योद्धा भगत सिंह को अंग्रेज अधिकारी सांडर्स की हत्या का षड्यंत्र रचने का दोषी ठहराया गया था। लेकिन इस याचिका के माध्यम से कुरैशी उन्हें निर्दोष साबित कराने को लेकर प्रण किए हुए हैं। यही वजह है कि उन्होंने आज से दस साल पहले इस मामले को फिर से खोलने की याचिका प्रस्तुत की थी, जिस पर सुनवाई तक नहीं हुई है।

लाहौर केन्द्रीय कारागार में इस फांसी के फंदे पर चढ़ाया गया था भगत सिंह को

कुरैशी व अन्यों द्वारा दायर याचिका में उल्लेख है कि भगत सिंह उपमहाद्वीप की स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत रहे थे। उपमहाद्वीप में भगत सिंह को न सिर्फ सिख और हिंदू सिर—माथे बैठाते हैं, बल्कि मुसलमानों में भी उनके लिए बहुत सम्मान है।

दो दिन पहले लाहौर उच्च न्यायालय के सामने जब यह मामला आया तो न्यायालय ने इस पर आपत्ति व्यक्त की और कहा कि ‘केस सुनवाई के लायक नहीं लगता’। जबकि याचिकाकर्ता का कहना है कि वे चाहते हैं कि सांडर्स की हत्या के भगत सिंह पर लगे आरोप में उन्हें निर्दोष साबित किया जाए। उल्लेखनीय है कि अंग्रेजों की सत्ता ने 23 मार्च, 1931 को भगत सिंह को लाहौर केन्द्रीय कारागार में फांसी दी थी। हालांकि इस केस में भगत सिंह को पहले उम्रकैद की सजा दी गई थी, लेकिन अंग्रेज अधिकारियों ने एक फर्जी केस रचकर उसमें उन्हें फांसी की सजा दिलवा दी थी।

भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी का कहना है कि कुछ वरिष्ठ वकीलों ने मिलकर लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका लगाई हुई है, लेकिन अदालत इसे आगे ही नहीं बढ़ा रही। दस साल से इसे लटकाया जा रहा है। कुरैशी ने बताया कि 2013 में न्यायमूर्ति शुजात अली खान ने मामला मुख्य न्यायाधीश के पास भेजते हुए उस पर वरिष्ठ वकीलों की एक बड़ी पीठ गठित करने की मांग की थी। उन्होंने इस केस को ‘राष्ट्रीय महत्व’ का बताया था।

लेकिन इतने पर भी लाहौर उच्च न्यायालय ने इस पर जल्दी सुनवाई तथा एक बड़ी पीठ बनाने को लेकर अब अपनी आपत्ति जता दी है। उच्च न्यायालय का कहना है कि मामला किसी बड़ी पीठ का गठन करने सुनवाई करने लायक नहीं लगता।

कुरैशी व अन्यों द्वारा दायर याचिका में उल्लेख है कि भगत सिंह उपमहाद्वीप की स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत रहे थे। उपमहाद्वीप में भगत सिंह को न सिर्फ सिख और हिंदू सिर—माथे बैठाते हैं, बल्कि मुसलमानों में भी उनके लिए बहुत सम्मान है।

Topics: highbhagatislamabadलाहौर उच्च न्यायालयIndialawlahorebritishभगत सिंहपाकिस्तानexecutionPakistanpetitionMemorialRajguruCourtSukhdevSinghTrust
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Al Jazeera पर कथित बैन के दावे

PoJK में क्या छिपा रहा पाकिस्तान? पहले चलीं गोलियां, अब Al Jazeera पर कथित बैन के दावे

बहुआयामी वीर सावरकर (7) : व्यक्ति नहीं राष्ट्र की बात

AI generated image

भुखमरी कम करने में भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा हीरो, UN रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

BIMSTEC बैठक में भारत के एनएसए अजीत डोवल

BIMSTEC का नेता भारत, New Delhi बैठक में NSA Doval ने कहा-खतरे अनेक समाधान एक-सहयोग और समन्वय

Explainer: भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप, MODI की टेक क्रांति, बूम पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

अमृतसर में आतंकी साजिश नाकाम, आईएसआई से जुड़े आरोपी के पास से हैंड ग्रेनेड और ग्लॉक पिस्तौल बरामद

Load More

ताज़ा समाचार

Maulana Ali Jauhar

कौन थे मौलाना मुहम्मद अली जौहर? रामपुर में जिनके नाम पर बनी यूनिवर्सिटी पर बरपा विवाद 

बृजेश पाठक का अखिलेश पर तंज, ‘ब्राह्मण इन्हें गद्दी दिलाएं , ये परिवार की खड़ाऊं रखकर राज करेंगे…’

ai generated image

Meta पर बढ़ा कानूनी शिकंजा! Instagram-Facebook को लेकर पुलिस में शिकायत, बच्चों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

प्रतीकात्मक तस्वीर

Explainer: UPI ट्रांजेक्शन पर फीस लग सकती है? जानें नया बिल और MDR में बदलाव

प्रज्ञानानंद ने जीता ग्रैंड शतरंज टूर सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज 2026 का खिताब

cm yogi adityanath

UP में साल 2017 से पहले भाई-भतीजों में उलझी सरकार के पास जनता के लिए समय नहीं था : याेगी आदित्यनाथ

प्रतीकात्मक चित्र

ब्रह्मोस के बाद भारत का अगला बड़ा धमाका! ₹50,000 करोड़ के डिफेंस एक्सपोर्ट की तैयारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026: पीआईबी ने मनीलाइफ के दावों को भ्रामक बताया, पुलिस को कोई नया अधिकार नहीं

बहुआयामी वीर सावरकर : भाषा शुद्धि का राष्ट्रदर्शन

प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल में मौसम ने बदली चाल! 145 सड़कें बंद, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies