क्या 'सिविल वॉर' छिड़ेगी लेबनान में? मुसलमानों और ईसाइयों में खिंची तलवारें
October 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

क्या ‘सिविल वॉर’ छिड़ेगी लेबनान में? मुसलमानों और ईसाइयों में खिंची तलवारें

रमजान के इस महीने में आज वहां दोनों समुदायों के बीच तकरार इस हद तक जा पहुंची है कि कई विशेषज्ञ इसे 1975 वाली स्थिति मान रहे हैं जब यहां 'सिविल वार' छिड़ी थी

Written byPanchjanyaPanchjanya
Mar 27, 2023, 05:30 pm IST
inविश्व
मुसलमानों और ईसाइयों के बीच बढ़ रहा है टकराव

मुसलमानों और ईसाइयों के बीच बढ़ रहा है टकराव

लेबनान में एक वक्त था जब ईसाई वहां बहुलता में थे और सुकून के साथ कायदे—कानून मानकर जिंदगी जीते थे। लेकिन अब दौर इतना बदल चुका है कि काम और बसने के लिए शुरुआत में गिनती के आए मुसलमानों ने जनसंख्या बढ़ाते हुए ईसाइयों की बराबरी कर ली है। समाज जीवन के हर क्षेत्र में वे अपनी चलाने लगे हैं और ईसाई, जो वहां के मूल निवासी माने जाते हैं, मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। रमजान के इस महीने में आज वहां दोनों समुदायों के बीच तकरार इस हद तक जा पहुंची है कि कई विशेषज्ञ इसे 1975 वाली स्थिति मान रहे हैं जब यहां ‘सिविल वार’ छिड़ी थी।

हुआ यूं है कि रमजान के महीने की वजह से वहां की सरकार, जिसमें मुस्लिमों के पक्षधरों की कमी नहीं है, ने गर्मियों का टाइम टेबल लागू न करते हुए सर्दियों की ही समय सारिणी बनाए रखने का फैसला किया। सरकार को लगा, इससे मुस्लिम समुदाय को राहत मिलेगी। सरकारी घड़ी गर्मियों वाली ही रही। लेकिन इस फैसले पर बिना खास विचार विमर्श किए आखिरी वक्त पर लागू किया गया। इससे लेबनान में राजनीतिक ही नहीं, पांथिक नेताओं में ऐसी तीखी बहस छिड़ गई है कि जो थमने का नाम नहीं ले रही है।

दरअसल, होता यह आया है कि मार्च के महीने के अंत में सरकार वक्त में बदलाव करते हुए इसे एक घंटा आगे बढ़ा दिया करती थी। लेकिन इस बार रमजान पर विशेष ध्यान देते हुए वहां की सरकार ने तय किया है कि 20 अप्रैल तक एक घंटा नहीं बढ़ाया जाएगा, समयसारिणी गर्मियों वाली ही रहेगी।

लेबनान के ईसाई मेरोनाइट चर्च का कहा मानते हैं

बाहर से वहां आ बसे कट्टर इस्लामवादियों से पहले ही त्रस्त ईसाई समुदाय के लोग चुप नहीं बैठे। उन्होंने मिकाती पर आरोप लगाया कि वे मुसलमानों को रिझाने में लगे हैं इसलिए अंत समय में यह फैसला लिया है। यही वह फैसला है जिसने ईसाइयों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचाया हुआ है।

लेबनान में फिलहाल कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती की सरकार है। देश जबरदस्त आर्थिक संकट में फंसा है। सरकार ने घोषणा कर दी कि मुस्लिम समुदाय के लोग शाम 6 बजे इफ्तार करेंगे। सरकार अगर परंपरानुसार, समय में एक घंटे का फर्क कर देती तो इफ्तार 7 बजे होता यानी एक घंटा देर से। बाहर से वहां आ बसे कट्टर इस्लामवादियों से पहले ही त्रस्त ईसाई समुदाय के लोग चुप नहीं बैठे। उन्होंने मिकाती पर आरोप लगाया कि वे मुसलमानों को रिझाने में लगे हैं इसलिए अंत समय में यह फैसला लिया है। यही वह फैसला है जिसने ईसाइयों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचाया हुआ है।

परिस्थितियां ऐसी नाजुक हो चली है कि लेबनान के सबसे बड़े चर्च ‘मेरोनाइट’ ने फैसले का खुलकर विरोध किया। चर्च की तरफ से कह दिया गया है कि वे यानी ईसाई अपनी घड़ी हमेशा की तरह एक घंटा आगे बढ़ा लेंगे। मार्च के खत्म होने पर आखिरी रविवार को ऐसा होता ही आया है। चर्च सरकार के ‘मुस्लिमों के हित’ में बेवजह किए गए सरकार के इस फैसले का स्पष्ट विरोध किया है। चर्च ने यह भी कहा है कि अन्य क्रिश्चयन संस्थान, स्कूल आदि चर्च की ही राह पर चलते हुए घड़ियां एक घंटा आगे कर लेंगे।

दरअसल मार्च के अंत में घड़ियों को एक घंटा आगे करना लेबनान में एक बड़ा विषय रहा है।मिकाती सरकार के इस वक्त को न बदलने के निर्णय से आमलोग बड़े पसोपेश में फंस गए हैं। एक तरफ तो ईसाइयों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए अपनी ​घड़ियां एक घंटा आगे कर लेने का फैसला किया है तो दूसरी तरफ मुस्लिम लोगों और उनके संस्थानों ने सरकार के निर्णय को मानते हुए सर्दियों का वक्त ही बनाए रखने की घोषणा कर दी है। सवाल है कि देश में किस समुदाय का माना वक्त चलेगा?

घड़ी के वक्त में बदलाव फर्क होने से लेबनान से जाने वालीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। मिडिल ईस्ट एयरलाइंस का कहना है कि वे देश में तो सर्दियों की घड़ी पर चलेंगे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए घड़ी का समय एक घंटा आगे बढ़ा देंगे। आश्चर्यजनक बात है कि ऐसा ही एक फैसला तब 1975 में हुआ था, जिसके बाद देश में गृह युद्ध छिड़ गया था। हालात इतने खराब हुए कि देश में संसदीय सीटों को मजहबी हिसाब से बांट दिया गया था। कुछ वैसा ही संकट आज एक बार ​खड़ा होता दिख रहा है। सवाल है कि यह दुविधा कैस दूर होगी? क्या फिर से वहां गृह युद्ध छिड़ेगा?

Topics: लेबनानमुस्लिमtimechurchtussleईसाईconfrontationwarcivilchristianPMlebanonchangeramzanMuslimmikatiचर्च
Share1
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

गरबा में मुस्लिमों के प्रवेश पर नितेश राणे का बड़ा बयान, VHP का किया समर्थन, कहा- जांचें पहचान, पढ़वाएं हनुमान चालीसा

हिंदू प्रतीकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद हुआ तनाव

छत्तीसगढ़: हिंदू प्रतीकों पर सोहेल खान और कट्टरपंथी मुस्लिमों ने की आपत्तिजनक पोस्ट, हिंसक झड़प, 50 से ज्यादा घायल

गणेश जी की प्रतिमा पर अंडे फेंके जाने की घटना का नितेश राणे ने किया कड़ा विरोध

गणपति प्रतिमा के आगमन पर फेंके अंडे, नितेश राणे बोले – ‘जिहादियों को मिट्टी में मिला देंगे’

वसंत के शव की तलाश करती पुलिस

महाराष्ट्र: प्रेमी के साथ मिलकर हसीना शेख ने लिव इन पार्टनर वसंत की कर दी हत्या; शव को 18 घंटे घर में रखा

प्रतीकात्मक चित्र

शादी का झांसा देकर नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाए, जबरन कन्वर्जन कराने के आरोप में रफीक शेख गिरफ्तार

'अंतिम दर्शन' के लिए तेहरान की ग्रेंड मोसल्ला मस्जिद में रखे खामेनेई और मारे गए परिवार के अन्य सदस्यों के ताबूत

खामेनेई के जनाजे की आड़ में क्या Iran दे रहा दुनिया को मजहबी-राजनीतिक संकेत! हमास और हिज्बुल्लाह के नेता भी पहुंचे ईरान

Load More

ताज़ा समाचार

लखनऊ में बाढ़ और राहत अभियान का जायजा लेते अधिकारी

लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत अभियान, डीएम ने संभाली कमान

आदि रंगोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव बना उत्तराखंड आदि रंगोत्सव

Ashok Singhal Tribute Hukkeri Karnataka

“अशोक सिंहल का त्याग व सेवा पथ सदैव प्रेरणादायी”: कर्नाटक के हुकेरी में संतों के सानिध्य में गूंजा रामभक्ति का संदेश

भारतीय रेलवे (प्रतीकात्मक चित्र)

कुम्भ से पहले हरिद्वार को तीन नयी रेल सेवाएं, बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार

भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में महिला कारीगरों से बात करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

भदोही जिले का नाम बदलेगा, फिर से होगा संत रविदास नगर, सीएम योगी ने की घोषणा

RSS Massive Cleanliness Campaign Varanasi Kashi Prant Krishna Mohan Volunteers

स्वच्छता संस्कार और नागरिक कर्तव्य”: वाराणसी में RSS का वृहद स्वच्छता अभियान; शाखाओं पर स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान

प्रतीकात्मक चित्र

पंजाब को दहलाने की पाकिस्तानी साजिश नाकाम, AK 47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद

हरिद्वार में नशे के खिलाफ निकाली गई विशाल रैली

हरिद्वार : नशे के खिलाफ गूंजा ‘व्यसन छोड़ें-सृजन से जुड़ें’ का संदेश

जनजातीय कल्याण केंद्र महाकोशल को 11वां ‘संत ईश्वर सम्मान’: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया सम्मानित

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

सीमान्त क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार की पहली बैठक, 24 प्रस्ताव पर चर्चा, युवाओं का कौशल बढ़ाने को 200 करोड़ की योजना

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies