योगिक क्रियाओं से चमत्कृत कर देने वाले महान विभूति थे सिद्धयोगी स्वामी राम
July 29, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

योगिक क्रियाओं से चमत्कृत कर देने वाले महान विभूति थे सिद्धयोगी स्वामी राम

योग द्वारा शरीर का ताप बढ़ाने एवं घटाने, हृदय की गति घटाने और 20 मिनट तक बिल्कुल रोक देने, दूर बैठे अपने भक्त के स्वास्थ्य को ठीक करना आदि प्रत्यक्ष योगिक क्रियाओं को देखकर विदेशी विशेषज्ञ अपना सब ज्ञान और विज्ञान भूल गये थे।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Nov 13, 2022, 03:08 pm IST
in उत्तराखंड
स्वामी राम

स्वामी राम

देवभूमि उत्तराखण्ड में अनेकों महान विभूतियों, मनीषियों, आध्यात्मिक महापुरुष, विद्वान और तपस्वियों के साथ–साथ अनेक सिद्ध योगी भी हुए हैं। भारत ही नहीं विश्व के धार्मिक विद्वानों, वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों को अपनी योगिक क्रियाओं से अनेकों बार चमत्कृत कर देने वाले सिद्धयोगी स्वामी राम का नाम असहज योग की परम्परा में शीर्ष पर माना जाता है।

स्वामी राम का जन्म देवभूमि उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र की लैंसडाउन तहसील के ग्राम तोली में 2 जुलाई सन 1925 को हुआ था। उत्तराखण्ड प्राचीन काल से ही दिव्य योगियों एवं साधु–सन्तों की पावन भूमि रही है। महान साधु संतों के चरित्र से प्रेरणा पाकर स्वामी राम की रुचि बचपन से ही योग की ओर हो गयी थी। स्वामी राम की विद्यालयीन शिक्षा के सम्बंध में विधिवत जानकारी प्राप्त नहीं होती हैं, परन्तु इतना सत्य है कि लौकिक शिक्षा के बारे में इनका ज्ञान अत्यधिक था। योग में रुचि होने के कारण इन्होंने अनेक साधु–संन्यासियों के पास जाकर योग की कठिन साधना की थी। स्वामी राम ने व्यक्तिगत प्रयास एवं गुरु कृपा से अनेक सिद्धियां प्राप्त की थी। उन दिनों भारत के साथ–साथ विश्व अधिकांश देशों में ब्रिटेन एवं अमरीका आदि यूरोपीय देशों के प्रभुत्व एवं ईसाई मत का डंका बज रहा था। वे लोग भारतीय सभ्यता, संस्कृति, अध्यात्म, योग, चिकित्सा शास्त्र तथा अन्य धार्मिक मान्यताओं की हंसी उड़ाते हुए उन्हें मात्र पाखण्ड एवं अन्धविश्वास ही बताते थे। अंततः स्वामी राम ने उनके घर में घुसकर ही उनकी अतार्किक मत–मान्यताओं को तोड़ने का निश्चय किया था।

स्वामी राम ने विश्व अनेक देशों में योग शिविर लगाये, तो उनके योग सम्बन्धित चमत्कारों की चारों ओर चर्चा होने लगी थी। सम्पूर्ण विश्व के सुप्रसिद्ध वैज्ञानिकों एवं चिकित्सा शास्त्र के विशेषज्ञों तक उनकी ख्याति पहुंची, तो उन्होंने अपने सामने योग के चमत्कार दिखाने को कहा। स्वामी राम ने इस चुनौती को भी स्वीकार किया और वैज्ञानिकों को अपने साथ परीक्षण के लिए आधुनिक यन्त्र लाने को भी कहा। प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं उनकी आधुनिक मशीनों के सम्मुख स्वामी राम ने योगिक क्रियाओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया। योग द्वारा शरीर का ताप बढ़ाने एवं घटाने, हृदय की गति घटाने और 20 मिनट तक बिल्कुल रोक देने, दूर बैठे अपने भक्त के स्वास्थ्य को ठीक करना आदि प्रत्यक्ष योगिक क्रियाओं को देखकर विदेशी विशेषज्ञ अपना सब ज्ञान और विज्ञान भूल गये थे। स्वामी राम ने सम्पूर्ण विश्व के विज्ञान सम्बन्धित विशेषज्ञों को बताया कि मात्र शरीर ही सब कुछ नहीं है, अपितु चेतन और अचेतन मस्तिष्क की क्रियाओं का भी मानव जीवन में बहुत महत्व है और इस ज्ञान के क्षेत्र में पश्चिम अभी बहुत पीछे है।

कालांतर स्वामी राम ने विश्व के अनेक देशों में अनेक अन्तरराष्ट्रीय योग शिविर लगाए तथा आश्रमों की भी स्थापना की थी। स्वामी राम उन्होंने योग पर अनेक पुस्तकें लिखीं, जिनका अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ था। स्वामी राम को अपनी मातृभूमि भारत और जन्मभूमि उत्तराखण्ड से अतीव प्रेम था। उत्तराखण्ड राज्य की विकट भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में निर्धनता तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को देखकर उन्हें बहुत कष्ट होता था। इसलिए उन्होंने देहरादून जिले के ग्राम जौलीग्राण्ट में एक विशाल चिकित्सालय एवं चिकित्सा शोध विद्यालय की स्थापना की थी। इस सेवा प्रकल्प के माध्यम से उन्होंने निर्धनजनों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया था। सम्पूर्ण विश्व में फैले स्वामी राम के भक्तों के सहयोग से स्थापित यह विशाल चिकित्सालय आज भी उत्तराखण्ड की जनता की अतुलनीय सेवा कर रहा है। निरंतर कठिन योग साधना के साथ–साथ परमार्थ कार्यों के पश्चात जब स्वामी राम का भौतिक शरीर थक गया तो उन्होंने योग साधना के माध्यम से 13 नवम्बर सन 1996 को पार्थिव देह का त्याग कर दिया था। स्वामी राम भले ही इस नश्वर संसार से चले गये थे परन्तु उनके द्वारा स्थापित सेवा प्रकल्प हिमालयन अस्पताल से उनकी कीर्ति सदा के लिए जीवित रहेगी।

Topics: स्वामी रामसिद्धयोगीयोगिक क्रियास्वामी राम की योगिक क्रियास्वामी राम का जीवनSwami RamaSiddha YogiYogic KriyaSwami Rama's Yogic ActionSwami Rama's Life
Share23TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

No Content Available
Load More

ताज़ा समाचार

Mahakal Mandir Ujjain: बदल गया ‘बाबा महाकाल’ का प्रसाद, अब हफ्ते में 2 दिन इडली-सांभर का भी भोग

आज का श्लोक : देश की रक्षा से बढ़कर न कोई पुण्य है, न कोई व्रत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मामला अभी खत्म नहीं हुआ : PM मोदी के वीडियो पर मेटा की सफाई खारिज! Facebook के खिलाफ कार्रवाई के संकेत!

FSSAI Directs Beverage Companies To Remove Energy Drink Label Red Bull Pepsi Panchjanya

‘Energy Drink’ शब्द का ना करें इस्तेमाल: पेप्सी, रेडबुल और स्टिंग पर FSSAI का एक्शन, 90 दिनों की दी मोहलत

CJP Spokesperson Saurabh Das Rejects Supreme Court Conditions

सुप्रीम कोर्ट की शर्तें मंजूर नहीं: CJP बोली- बस हमारी मांगें पूरी हों

kanwar yatra delhi

कांवड़ मेला 2026: हरिद्वार जाने से पहले देख लें उत्तराखंड पुलिस का नया रूट प्लान, SSP ने जारी की गाइडलाइन!

Sant ravidas

भाजपा का समरसता संकल्प अभियान: गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष पर बड़ा अभियान शुरू

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में 29,30 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी: सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

Shantikunj Haridwar Guru Purnima Dr Chinmay Pandya Shefali Pandya Gayatri Pariwar Panchjanya

शांतिकुंज हरिद्वार में गुरुपूर्णिमा का पावन शुभारंभ: 24 घंटे के अखंड गायत्री जप में जुटे देश-विदेश के साधक!

UP Adarsh Pashu Chikitsalaya Yojana Yogi Govt Pashudhan Mantri Dharampal Singh Panchjanya

UP में पशुओं के लिए बनेंगे Hitech अस्पताल: हर विधानसभा में ₹3 करोड़ से सुविधाएं, डाइलिसिस से सर्जरी तक सब फ्री!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies