विभाजन : कहा गया, घर छोड़कर भाग जाओ’
July 28, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

विभाजन : कहा गया, घर छोड़कर भाग जाओ’

भारत विभाजन के समय की एक-एक घटना याद है। उन दिनों लाहौर से लगभग 30 किलोमीटर दूर चिन्योट के कूचाबंदी इलाके में मेरा बहुत बड़ा मकान था। पिताजी लाहौर में साड़ी का कारोबार करते थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी थे। उन दिनों उनके पास कार्यवाह का दायित्व था। हम दो भाई और तीन बहनें थे।

अरुण कुमार सिंहअश्वनी मिश्रWritten byअरुण कुमार सिंहandअश्वनी मिश्र
Oct 14, 2022, 01:57 pm IST
in भारत, विश्लेषण, मत अभिमत, संघ @100, तथ्यपत्र
पृथ्वीनाथ मल्होत्रा

पृथ्वीनाथ मल्होत्रा

न भूलने वाला पल

एक दिन अचानक बलूच सेना ने हिंदुओं के मकानों को घेर लिया और कहा कि यदि घर छोड़कर नहीं भागोगे तो घरों में आग लगा दी जाएगी।

पृथ्वीनाथ मल्होत्रा

चिन्योट, लाहौर, पाकिस्तान

 

आज भी मुझे भारत विभाजन के समय की एक-एक घटना याद है। उन दिनों लाहौर से लगभग 30 किलोमीटर दूर चिन्योट के कूचाबंदी इलाके में मेरा बहुत बड़ा मकान था। पिताजी लाहौर में साड़ी का कारोबार करते थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी थे। उन दिनों उनके पास कार्यवाह का दायित्व था। हम दो भाई और तीन बहनें थे। उस समय कोई सार्वजनिक सवारी नहीं होती थी। इस कारण मेरे पिताजी ने एक घोड़ा रखा हुआ था और वे उसी से कहीं आते-जाते थे।

वे हाथ में शस्त्र भी रखते थे। वे नियमित शाखा जाते थे। एक दिन उन्हें शाखा में ही कुछ स्वयंसेवकों ने बताया कि लाहौर पाकिस्तान का हिस्सा बनने जा रहा है। इसलिए अब यहां से हिंदुओं को निकल जाना चाहिए, लेकिन मेरे पिताजी ने पलायन करने से बिल्कुल मना कर दिया। उनका कहना था कि घर-दुकान छोड़कर कहां जाएंगे, क्या करेंगे? हम लोग अपने हक के लिए संघर्ष करेंगे। लेकिन दिनोंदिन हालात खराब होने लगे। स्थिति ऐसी हो गई कि हिंदू अपने त्योहार भी नहीं मना पाये।

‘

डर के मारे हम लोग नंगे पैर, खाली हाथ घरों से निकल पड़े। रेलवे स्टेशन पहुंचे। लोगों को क्रम से गाड़ी में बैठाया या कहें कि जबरदस्ती ठूंसा जा रहा था। हमें भी एक गाड़ी में ठूंस दिया गया। रास्ते में पता चला कि हमसे पहले चलीं दो गाड़ियों में सवार सभी हिंदुओं को मार दिया गया है। रास्ते में हमारी गाड़ी को भी मुसलमानों ने रोक लिया, लेकिन हिंदुओं ने हिम्मत दिखाकर उनका मुकाबला किया और हम लोग जान बचाकर भारत आ गए। हमें राष्ट्रीय सेवक संघ के स्वयंसेवकों ने बचाया। अगर स्वयंसेवक समय पर नहीं पहुंचते तो शायद हम लोग भी रेलगाड़ी के अंदर ही मारे जाते।’

भारत विभाजन के बाद तो स्थिति और बिगड़ गई। उन दिनों मैं पांच साल का था। इस छोटी उम्र में ही मैंने वे बुरे दिन देखे हैं, जो किसी दुश्मन को भी देखने को न मिलें। हिंदुओं ने अपनी बहू-बेटियों को अपने ही हाथों मार डाला। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि कोई हिंदू लड़की या महिला किसी मुसलमान के हाथ न लग जाए।

उन दिनों मुसलमान अगर किसी हिंदू लड़की को पकड़ लेते थे, तो उसके साथ वह सब किया जाता था, जिसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता। हिंदू महिलाओं के स्तन तक काट दिए गए। उनके साथ सामूहिक बलात्कार होता था। फिर तड़पा-तड़पा कर उसकी जान ले लेते थे। इसलिए हिंदू अपनी बहू-बेटियों को खुद मार देते थे।

इस माहौल में वहां रहना बहुत मुश्किल था। इस कारण अगस्त, 1947 के बाद भी लाखों हिंदू जान बचाने के लिए भारत आए। मेरा परिवार भी उन्हीं दिनों भारत आया। मुझे खूब याद है कि एक दिन अचानक बलूच सेना ने हिंदुओं के मकानों को घेर लिया और कहा कि यदि घर छोड़कर नहीं भागोगे तो घरों में आग लगा दी जाएगी।

डर के मारे हम लोग नंगे पैर, खाली हाथ घरों से निकल पड़े। रेलवे स्टेशन पहुंचे। लोगों को क्रम से गाड़ी में बैठाया या कहें कि जबरदस्ती ठूंसा जा रहा था। हमें भी एक गाड़ी में ठूंस दिया गया। रास्ते में पता चला कि हमसे पहले चलीं दो गाड़ियों में सवार सभी हिंदुओं को मार दिया गया है। रास्ते में हमारी गाड़ी को भी मुसलमानों ने रोक लिया, लेकिन हिंदुओं ने हिम्मत दिखाकर उनका मुकाबला किया और हम लोग जान बचाकर भारत आ गए। हमें राष्ट्रीय सेवक संघ के स्वयंसेवकों ने बचाया। अगर स्वयंसेवक समय पर नहीं पहुंचते तो शायद हम लोग भी रेलगाड़ी के अंदर ही मारे जाते।

हमारी गाड़ी होशियारपुर पहुंची। होशियारपुर में छह महीने रहे। फिर दिल्ली आ गए। इसके बाद हम लोग 16 साल आगरा रहे और फिर दिल्ली लौट आए। पढ़ाई-लिखाई के बाद मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस, आगरा में मेरी नौकरी लग गई। वहां सात साल नौकरी करने के बाद पंजाब नेशनल बैंक में प्रबंधक बना। 2002 में बैंक से सेवानिवृत्त हुआ। आज भले ही हमारा परिवार व्यवस्थित हो गया है, लेकिन विभाजन की टीस आज भी सालती है।
प्रस्तुति– अरुण कुमार सिंह एवं अश्वनी मिश्र

Topics: Partition of Indiaभारत विभाजनराष्ट्रीय सेवक संघ के स्वयंसेवकलाहौर पाकिस्तानहिंदुओं ने अपनी बहू-बेटियों को अपने ही हाथों मार डालाअचानक बलूच सेना ने हिंदुओं के मकानों को घेर लिया
अरुण कुमार सिंह
अरुण कुमार सिंह
समाचार संपादक, पाञ्चजन्य | अरुण कुमार सिंह लगभग 25 वर्ष से पत्रकारिता में हैं। वर्तमान में साप्ताहिक पाञ्चजन्य के समाचार संपादक हैं। [Read more]
अश्वनी मिश्र
अश्वनी मिश्र
@kashmirashwaniअश्वनी मिश्र भारत की सबसे पुरानी और व्यापक रूप से प्रसारित राष्ट्रवादी हिंदी साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. देश के ज्वलंत मुद्दों की ग्राउंड रिपोर्ट करने के साथ ही मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा एवं राजनीतिक मुद्दों के बारे में लिखते हैं. जम्मू—कश्मीर, पश्चिम बंगाल एवं आतंकरोधी घटनाक्रम विशेष रुचि के क्षेत्र हैं. देश की विभिन्न राजनीतिक घटनाओं पर तीक्ष्ण नजर रखते हुए उनका समग्र विश्लेषण पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट स्थान रखता है। भारतीय राजनीति, समाज, खेल, मानवाधिकार क्षेत्र की विशिष्ट विभूतियों से निरंतर साक्षात्कार और चर्चा उनके पत्रकारीय अनुभव को मजबूत बनाती हैं. उनके अनेक आलेखों पर देश के राजनीतिक गलियारों में एक नरैटिव खड़ा हुआ. विभिन्न प्रासंगिक विषयों की रिपोर्ट और आलेखों को संसद के पुस्तकालय में संग्रहणीय तौर पर शामिल किया गया. बंगाल की चुनावी हिंसा की ग्राउंड रिपोर्ट एवं उसके पहले की अनेक हिंसाओं में पीड़ितों के जीवंत साक्षात्कार देशभर में सराहे गए. सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थित विशेष दर्जा रखती है. [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

पश्चिम बंगाल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर ऐतिहासिक घोषणा, जानें क्या है योजना?

वीर सावरकर जी

सावरकर पर लगाए गए आरोपों का सच: तथ्य, तर्क और इतिहास क्या कहते हैं?

प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी

वंदे मातरम के साथ विश्वासघात क्यों हुआ? कांग्रेस वंदे मातरम के बंटवारे के लिए झुकी, इसलिए भारत विभाजन के लिए झुकना पड़ा

अगस्त का महीना, अंग्रेज और भारत की आजादी

‘देश बंटने से पहले विचारों में हुआ था विभाजन’

भारत के विभाजन के दौरान भारत आ रही एक ट्रेन (फाइल फोटो)

विभाजन-विभीषिका : अखंड भारत से पाकिस्तान तक, विभाजन की दर्दनाक कहानी और उसके घाव

Load More

ताज़ा समाचार

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में 29,30 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी: सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

Shantikunj Haridwar Guru Purnima Dr Chinmay Pandya Shefali Pandya Gayatri Pariwar Panchjanya

शांतिकुंज हरिद्वार में गुरुपूर्णिमा का पावन शुभारंभ: 24 घंटे के अखंड गायत्री जप में जुटे देश-विदेश के साधक!

UP Adarsh Pashu Chikitsalaya Yojana Yogi Govt Pashudhan Mantri Dharampal Singh Panchjanya

UP में पशुओं के लिए बनेंगे Hitech अस्पताल: हर विधानसभा में ₹3 करोड़ से सुविधाएं, डाइलिसिस से सर्जरी तक सब फ्री!

Varanasi Dalmandi Road Widening Project Police Security Panchjanya

Varanasi Dalmandi: दाल मंडी की लंगड़ा हाफ़िज़ मस्जिद के चिन्हित हिस्से पर चला बुल्डोजर

NEET Protest CJP Leaders Five Star Hotel Party Exposed Jantar Mantar Panchjanya

21 लाशों के मंच पर जीत का जश्न: फाइव स्टार होटल में ढोल और बोतलें! जानिए CJP का पूरा सच

“व्यक्ति नहीं, विचार और त्याग का प्रतीक भगवा ध्वज ही परम गुरु”: गुरु पूर्णिमा पर जानिए संघ में गुरु दक्षिणा का महत्व

जंतर मंतर पर नीट परीक्षा को लेकर हुआ था प्रदर्शन

क्या यह Gen Z की भाषा है? इस कथित ‘कूलनेस’ को जेन एक्स, मिलियनेयल्स ही नहीं, अल्फा भी नकार देंगे

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा- शिक्षकों को BLO बनाया जा सकता है लेकिन उन पर अनावश्यक दबाव न हो

प्लेननुमा संदिग्ध ‘ड्रोन’ मिलने से सनसनी फैली, जांच में जुटी पुलिस; जानिये क्या है पूरा मामला

सावित्री ठाकुर, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री

2030 तक मिलकर हासिल करेंगे बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य : सावित्री ठाकुर

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies