हेमंत सोरेन न तो कांग्रेस से दूरी बना पा रहे हैं और न ही द्रौपदी मुर्मू से
May 9, 2025
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
android app
Panchjanya
  • ‌
  • विश्व
  • भारत
  • राज्य
  • सम्पादकीय
  • संघ
  • वेब स्टोरी
  • जीवनशैली
  • अधिक ⋮
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • ऑटो
    • पुस्तकें
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • लोकसभा चुनाव
    • वोकल फॉर लोकल
    • जनजातीय नायक
    • बोली में बुलेटिन
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • ओलंपिक गेम्स 2024
    • हमारे लेखक
SUBSCRIBE
  • ‌
  • विश्व
  • भारत
  • राज्य
  • सम्पादकीय
  • संघ
  • वेब स्टोरी
  • जीवनशैली
  • अधिक ⋮
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • ऑटो
    • पुस्तकें
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • लोकसभा चुनाव
    • वोकल फॉर लोकल
    • जनजातीय नायक
    • बोली में बुलेटिन
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • ओलंपिक गेम्स 2024
    • हमारे लेखक
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • विश्व
  • भारत
  • राज्य
  • सम्पादकीय
  • संघ
  • वेब स्टोरी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • संस्कृति
  • पत्रिका
होम भारत

हेमंत सोरेन न तो कांग्रेस से दूरी बना पा रहे हैं और न ही द्रौपदी मुर्मू से

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दुविधा यह है कि यदि वे द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करते हैं हैं, तो उनकी सरकार खतरे में पड़ सकती है, क्योंकि इससे कांग्रेस नाराज हो सकती है। और यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर जनजाति विरोधी होने का ठपा लग सकता है। यानी हेमंत के लिए आगे कुंआ, तो पीछे खाई है।

by WEB DESK
Jun 28, 2022, 05:13 pm IST
in भारत, झारखण्‍ड
FacebookTwitterWhatsAppTelegramEmail

जनजाति समाज से आने वालीं द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने अनेक राजनीतिक दलों के सामने दुविधा की स्थिति पैदा कर दी है। इनमें से एक प्रमुख राजनीतिक दल है झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी झामुमो। इन दिनोें इसके कार्यकारी अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भाजपा की इस चाल से सबसे अधिक परेशान हैं। बता दें कि हेमंत खुद जनजाति हैं और उनके अधिकतर मतदाता भी जनजाति हैं। अब यदि वे द्रौपदी मुर्मू का समर्थन नहीं करते हैं, तो भाजपा यह कह सकती है कि हेमंत सोरेन दिखावे के लिए जनजाति की बात करते हैं। उन्होंने देश के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति बनने जा रही एक जनजाति समाज की महिला का समर्थन नहीं किया। इसके साथ ही उनके वे मतदाता भी छिटक सकते हैं, जो द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनते देखना चाहते हैं।
वहीं दूसरी ओर यदि हेमंत सोरेन द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करते हैं, तो उनकी सरकार खतरे में जा सकती है। उल्लेखनीय है कि इस समय झारखंड में गठबंधन सरकार है। इसमें झामुमो, कांग्रेस और राजद शामिल है। कांग्रेस और राजद के नेता कभी नहीं चाहेंगे कि हेमंत भाजपा के उम्मीदवार को समर्थन दें।
इन सब चुनौतियों से निपटने के लिए हेमंत ने 27 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भेंट की है। इसके बाद भी उन्होंने अभी तक पत्ता नहीं खोला है कि वे द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेंगे या फिर विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का।
रांची के वरिष्ठ पत्रकार राकेश सिंह का मानना है कि शायद हेमंत कभी भी खुलकर नहीं बोलेंगे कि उनकी पार्टी द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगी, क्योंकि इस समय झामुमो की राजनीतिक स्थिति अपने सहयोगियों से दुराव की नहीं है।
उल्लेखनीय है कि अभी 26 जून को मांडर विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की शानदार जीत हुई है। यानी आज भी कांग्रेस कई स्थानों पर मजबूत स्थिति में है। इसका श्रेय वहां के स्थानीय नेताओं को जाता है, न कि केंद्रीय नेतृत्व को। झामुमो को अहसास है कि यदि कांग्रेस उसके साथ नहीं रहेगी तो भाजपा को हराना आसान नहीं है।
इसलिए हेमंत सोरेन अपनी दुविधा दूर नहीं कर पा रहे हैं और शायद यह कभी दूर भी नहीं होगी।

 

Topics: राष्ट्रपतिद्रौपदीमुर्मूहेमंतसोरेन
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel

संबंधित समाचार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

‘राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकतीं अदालतें’

Rajnaka award Vice chancelor Jagdeep Dhankharh

संसद कानून बनाती है और जज याचिका पर रोक देता है, कैसे कानून के ऊपर भी एक श्रेणी बन गई, न्यायपालिका पर बोले उपराष्ट्रपति

Rajnaka award Vice chancelor Jagdeep Dhankharh

राष्ट्रपति को निर्देश देना असंवैधानिक, आर्टिकल 142 बन गया परमाणु मिसाइल, SC के फैसले पर उपराष्ट्रपति ने उठाए सवाल

द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति

अब नया वक्फ कानून, राष्ट्रपति ने विधेयक पर किए हस्ताक्षर, अल्पसंख्यक मंत्रालय ने फैलाए जा रहे भ्रमों को किया दूर

आसिफ अली जरदारी का कोविड टेस्ट पाजिटिव आया है

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को हुआ कोरोना, आइसोलेशन में रखा

पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो)

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री देबेंद्र प्रधान का निधन, प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

टिप्पणियाँ

यहां/नीचे/दिए गए स्थान पर पोस्ट की गई टिप्पणियां पाञ्चजन्य की ओर से नहीं हैं। टिप्पणी पोस्ट करने वाला व्यक्ति पूरी तरह से इसकी जिम्मेदारी के स्वामित्व में होगा। केंद्र सरकार के आईटी नियमों के मुताबिक, किसी व्यक्ति, धर्म, समुदाय या राष्ट्र के खिलाफ किया गया अश्लील या आपत्तिजनक बयान एक दंडनीय अपराध है। इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ताज़ा समाचार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ

पाकिस्तान बोल रहा केवल झूठ, खालिस्तानी समर्थन, युद्ध भड़काने वाला गाना रिलीज

देशभर के सभी एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट : सभी यात्रियों की होगी अतिरिक्त जांच, विज़िटर बैन और ट्रैवल एडवाइजरी जारी

‘आतंकी समूहों पर ठोस कार्रवाई करे इस्लामाबाद’ : अमेरिका

भारत के लिए ऑपरेशन सिंदूर की गति बनाए रखना आवश्यक

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ

भारत को लगातार उकसा रहा पाकिस्तान, आसिफ ख्वाजा ने फिर दी युद्ध की धमकी, भारत शांतिपूर्वक दे रहा जवाब

‘फर्जी है राजौरी में फिदायीन हमले की खबर’ : भारत ने बेनकाब किया पाकिस्तानी प्रोपगेंडा, जानिए क्या है पूरा सच..?

S jaishankar

उकसावे पर दिया जाएगा ‘कड़ा जबाव’ : विश्व नेताओं से विदेश मंत्री की बातचीत जारी, कहा- आतंकवाद पर समझौता नहीं

पाकिस्तान को भारत का मुंहतोड़ जवाब : हवा में ही मार गिराए लड़ाकू विमान, AWACS को भी किया ढेर

पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से लेकर राजस्थान तक दागी मिसाइलें, नागरिक क्षेत्रों पर भी किया हमला, भारत ने किया नाकाम

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से तिलमिलाए पाकिस्तानी कलाकार : शब्दों से बहा रहे आतंकियों के लिए आंसू, हानिया-माहिरा-फवाद हुए बेनकाब

  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • विश्व
  • भारत
  • राज्य
  • सम्पादकीय
  • संघ
  • वेब स्टोरी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • ऑटो
  • पुस्तकें
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • लोकसभा चुनाव
  • वोकल फॉर लोकल
  • बोली में बुलेटिन
  • ओलंपिक गेम्स 2024
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies