हिजाब विवाद के बाद से कर्नाटक में लगातार हिंदुओं को निशाने पर लिया जा रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही कर्नाटक में ही हिजाब पर टिप्पणी करने के बदले में हिन्दू युवक की हत्या की गई थी। ठीक उसी तरह अब कर्नाटक के शिवमोग्गा में 26 वर्षीय बजरंग दल के कार्यकर्ता की 4-5 कट्टरपंथियों ने मिलकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मारे गए हिन्दू युवक का नाम हर्षा और उसकी गलती बस इतनी थी कि उसने हिजाब के खिलाफ फेसबुक पर एक पोस्ट कर दी थी जिसके बाद से ही मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हर्षा को निशाने पर ले लिया था।
कट्टरपंथियों की लिंचिंग का शिकार हुए मृतक हर्षा की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरा भाई हिंदुओं के लिए “जय श्रीराम का नाम जपते-जपते मरा”। मुझे नहीं पता, कि हमें इंसाफ मिलेगा या नहीं, लेकिन हमारे भाइयों (अन्य हिन्दू कार्यकर्त्ता) को यह पता है, कि कत्ल के लिए इंसाफ कैसे मिलता है। मेरा छोटा भाई मर गया, क्योंकि वो जय श्रीराम बोलता था,क्योंकि वो हिंदू था। कल रात वह खाना खाने गया, करीब साढ़े 8 बजे हमें एक वीडियो भेजी गई और लोगों ने बताया, कि मेरे भाई को मार दिया गया है। मुझे ये यकीन नहीं होता है, कि लोग इतने वहशी कैसे हो जाते है। क्या उनकी संताने नहीं है।
कांग्रेस नेता ने वीडियो जारी कर कहा था- काट देंगे
हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक के कांग्रेस नेता मुकर्रम खान का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने हिजाब का विरोध करने वालों को धमकी देते हुए कहा कि “हिजाब का विरोध करने वालों को टुकड़ों में काट दिया जाएगा। हमारे धर्म को चोट मत पहुंचाओ, सभी जातियां समान हैं। आप कुछ भी पहन सकते हैं, आपको कौन रोकेगा”? कांग्रेस नेता मुकर्रम खान के वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने कांग्रेस नेता के खिलाफ खिलाफ IPC की धारा 153 (A), 298 और 295 के तहत मामला दर्ज कर लिया।
हत्या के विरोध में बुधवार को विहिप और बजरंग दल का राज्यव्यापी प्रदर्शन
वहीं इस हत्या के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल बुधवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन करेंगे। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोमवार को बताया कि शिवमोगा जिले में रविवार रात करीब 9 बजे जिहादियों ने बजरंग दल के कार्यकर्ता 26 वर्षीय हर्षा की चाकू मारकर पर हत्या कर दी। हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में बुधवार को विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता राज्यव्यापी प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को ज्ञापन देकर न्याय की मांग की जाएगी। बंसल ने कहा कि घटना के दोषियों को सख्त सजा होनी चाहिए। बजरंग दल के युवा कार्यकर्ता की सरेराह हत्या की घटना ने संपूर्ण देश को झकझोर दिया है।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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