देश में हिजाब को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। कर्नाटक के उडुपी में जहां कॉलेज में हिजाब पहनने को लेकर विवाद जारी है, वहीं अब ठीक इसी तरह का एक मामला कुंडापुर में भी सामने आया है। उडुपी से 40 किलोमीटर दूर कुंडापुर के एक कॉलेज में बुधवार को कुछ छात्राएं जब हिजाब पहनकर पहुंचीं तो करीब 100 लड़कों ने केसरिया शॉल ओढ़कर इसका विरोध किया।
कुंडापुर विधायक हलादी श्रीनिवास शेट्टी ने कॉलेज के अधिकारियों और छात्रों के साथ बैठक की, जिसमें दोनों पक्षों के बीच आम सहमति नहीं बन पाई क्योंकि लड़कियों के माता-पिता ने कहा कि उनके बच्चों को हिजाब पहनने का अधिकार है। वहीं, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों को एक समान यूनिफॉर्म पहनने के नियम का पालन करना चाहिए।
दरअसल इससे पहले कर्नाटक के जिले की उडुपी के एक प्री-यूनिवर्सिटी गवर्नमेंट कॉलेज की लगभग आधा दर्जन छात्राओं ने क्लास में हिजाब उतारने से इनकार कर दिया। सेकेंड्री स्कूल में 12वीं क्लास के स्तर की इन छात्राओं से जिले के अधिकारियों के समूह ने हिजाब उतारकर क्लास में हिस्सा लेने का आग्रह किया था। जिले के असिस्टेंट कमिश्नर ने छात्राओं से कहा था कि वो सिर्फ क्लास में हिस्सा लेने के लिए हिजाब उतारें और कैंपस में हिजाब पहने रहें। इसके बाद छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया। इस प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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