विकास को पहले सियासी चश्मे से देखा जाता था, इसलिए पूर्वोत्तर उपेक्षित थाः प्रधानमंत्री
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होम भारत

विकास को पहले सियासी चश्मे से देखा जाता था, इसलिए पूर्वोत्तर उपेक्षित थाः प्रधानमंत्री

Written byPanchjanyaPanchjanya
Nov 14, 2021, 05:45 pm IST
inभारत
नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने हस्तांतरित की त्रिपुरा के लोगों को आवास योजना की पहली किश्त
 

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि पिछली सरकारों में विकास को सियासी चश्मे से देखा जाता था, जिसके चलते पूर्वोत्तर सदैव खुद को उपेक्षित महसूस करता था। आज देश के विकास को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना से देखा जाता है। विकास को अब देश की एकता-अखंडता का पर्याय माना जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से त्रिपुरा के 1.47 लाख से भी अधिक लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) की पहली किस्त हस्तांतरित की। इस अवसर पर इन लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 700 करोड़ रुपये से भी अधिक जमा किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले दिल्ली में बंद दरवाजों के पीछे नीतियां बनाई जाती थीं और फिर इसमें पूर्वोत्तर को फिट करने के असफल प्रयास किए गए। पिछले 7 वर्षों में राष्ट्र ने एक नई मानसिकता, एक नया दृष्टिकोण तय किया है। अब नीतियां क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार बनाई जाती हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि आज़ादी के इतिहास में पूर्वोत्तर और देश के जनजाति सेनानियों ने देश के लिए अपना बलिदान दिया। इस परंपरा को सम्मान देने के लिए, इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए देश लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में देश अब 15 नवंबर को हर साल, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाएगा।

 त्रिपुरा की अनूठी भू-जलवायु स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री की पहल के बाद विशेष रूप से इस राज्य के लिए ‘कच्चा’ घर की परिभाषा बदल दी गई है, जिसके मद्देनजर ‘कच्चे’ घरों में रहने वाले इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थी ‘पक्का’ घर बनाने के लिए निर्दिष्ट सहायता प्राप्त करने में सक्षम हो गए हैं। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि त्रिपुरा ने सीमित समय में नई व्यवस्थाएं कैसे खड़ी की जा सकती हैं यह करके दिखाया है। पहले कमीशन और भ्रष्टाचार के बिना काम नहीं होता था लेकिन आज सरकारी योजनाओं का लाभ डीबीटी के जरिए सीधे खातों में पहुँच रहा है। पहले काम के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब तमाम सेवा और सुविधाएं सरकार खुद लोगों तक पहुंचा रही है। अब वहां सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब त्रिपुरा को गरीब बनाए रखने वाली, त्रिपुरा के लोगों को सुख-सुविधाओं से दूर रखने वाली सोच की त्रिपुरा में कोई जगह नहीं है। अब यहां डबल इंजन की सरकार पूरी ताकत से, पूरी ईमानदारी से राज्य के विकास में जुटी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दी गई पहली किश्त ने त्रिपुरा के सपनों को भी नया हौसला दिया है। वह पहली किश्त का लाभ पाने वाले करीब-करीब डेढ़ लाख परिवारों को सभी त्रिपुरावासियों को हृदय से बधाई देते हैं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने भी शिरकत की।
 

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