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'समाज के लिए पवित्रता का केंद्र बने भवन'

Written byArchiveArchive
Nov 19, 2016, 12:00 am IST
in Archive

दिंनाक: 19 Nov 2016 15:07:19

गत दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने नई दिल्ली में रा.स्व.संघ के नए भवन श्री केशव स्मारक समिति (केशव कुंज, संघ कार्यालय) के निर्माण के शुभ अवसर पर भूमि पूजन व शिलान्यास किया। प्रस्तावित भवन सात मंजिला होगा और इसका निर्माण कार्य पूरा होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगेगा। नए भवन में संघ का क्षेत्रीय कार्यालय तथा दिल्ली प्रांत का कार्यालय रहेगा। संघ कार्य के विस्तार के साथ ही पुराने भवन में स्थान की कमी अनुभव की जा रही थी, इसके अलावा पुराने भवन का निर्माण हुए काफी समय हो गया था और अब वह जीर्ण-शीर्ण हो रहा था। इसलिए नए भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया।

इस अवसर पर उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए श्री भागवत ने कहा कि जब अपना कार्य शुरू हुआ तब हम साधनहीन अवस्था में थे और आज भी साधनहीन अवस्था में काम करने की हमारी शक्ति भी है और तैयारी भी। क्योंकि यह अपने कार्य का स्वभाव है। डॉ. साहब जिन कागजों पर पत्र लिखते थे, उसके शीर्षक में एक मुद्रित पंक्ति रहती थी- 'कार्य की सिद्धि तो कार्यकर्ताओं के सत्व के भरोसे होती है, उपकरणों का महत्व नहीं रहता।'

उन्होंने कहा कि जब कार्य हमने शुरू किया तब हमने विचार ही नहीं किया कि हमारे पास साधन क्या हैं और कौन से साधन हमको चाहिए। अपने देश, राष्ट्र, समाज और उसका दुख, उसकी दुरावस्था हमारी प्रेरणा रही और जैसे अपने किसी अत्यंत पास के व्यक्ति के संकट में देखकर आदमी बिना विचार किए दौड़ पड़ता है, वैसे हम दौड़े। और वही उत्कट आत्मीयता हमें आज भी दौड़ा रही है। हमें किसी साधन की आवश्यकता नहीं है। भवन बन रहा है, यह हमारे लिए आनंद की बात है। लेकिन हम जानते हैं कि केवल भवन बनने से हम उसको कार्यालय नहीं कहते। कार्यालय एक वातावरण का नाम है। यह सब स्वयंसेवकों के लिए और समाज के लोगों के लिए एक पवित्रता का, प्रेरणा का, शुचिता का, आत्मीयता का केंद्र बने, इसकी चिंता हम सभी को करनी है।

   कार्यक्रम में सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी, दिल्ली प्रांत के संघचालक श्री कुलभूषण आहूजा, पूर्व उपप्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष श्री अमित शाह सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में संघ के लगभग एक लाख से अधिक स्वयंसेवक हैं। इस भवन की लागत उनके सहयोग से वहन की जाएगी। पार्किंग के लिए पर्याप्त सुविधाओं के अलावा प्रस्तावित भवन में तीन ब्लॉक होंगे। विभिन्न प्रकार की गतिविधियों व कामकाज की जरूरतों के अनुरूप इन खंडों में सुविधा उपलब्ध रहेगी। गौरतलब है कि वर्तमान में भी श्री केशव स्मारक समिति विभिन्न प्रकार की जन कल्याण गतिविधियां चलाती है जिनमें एक पुस्तकालय व वाचनालय, एक नि:शुल्क डिस्पेंसरी जिसमें ओपीडी सुविधा है, वोकेशनल प्रशिक्षण केंद्र आदि शामिल हैं। इसी पुराने भवन से संघ के क्षेत्रीय कार्यालय व दिल्ली प्रांत कार्यालय भी अपना कार्य करते रहे हैं। प्रतिनिधि

 

कालेधन पर लगेगा अंकुश

भारतीय मजूदर संघ ने काले धन के विरुद्ध प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उठाए गए कदम का अभिनंदन किया है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मजदूर संघ ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से कालाधन, जमाखोरी और जाली नोट पर अंकुश लगेगा, साथ ही आर्थिक असमानता की खाई कम होगी तथा महंगाई पर भी नियंत्रण लगेगा। सरकार की कार्रवाई से गरीब व आम आदमी काफी उत्साहित है और उसे जीने की एक नई दिशा व उद्देश्य मिला है। विज्ञप्ति में कहा गया कि इस नीति के संचालन में आम आदमी को होने वाली असुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए तथा आर्थिक गतिविधियां मंद न पड़ जाएं सरकार को इसकी चिंता करनी होगी। प्रतिनिधि

प्रतिनिधि'गोसंवर्धन के लिए आगे आए समाज'

पिछले दिनों विश्व हिंदू परिषद, गोरक्षा विभाग एवं गोविंद गोशाला समिति के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ के पिथौरा-जोगीदादर में गोपाष्टमी महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद, गोरक्षा विभाग के केंद्रीय मंत्री एवं छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश के प्रभारी श्री उमेश पोरवाल उपस्थित थे। श्री पोरवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि बड़ा दुख होता है कि आज भी देश में गोहत्या हो रही है। पूरे देश में गो-तस्करी का जाल फैला हुआ है। गोतस्कर लगातार तस्करी में लिप्त हैं। ऐसा नहीं है कि शासन-प्रशासन इस विषय पर काम नहीं करता, हमारे गोरक्षक अपनी जान पर खेलकर गोरक्षा करने का काम करते हैं। लेकिन इतने के बाद भी तस्करी थमने का नाम नहीं लेती। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि समाज को इसके लिए आगे आना होगा और फिर से गोपालन करना होगा। गोपालन से व्यक्ति को अनेक अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से फायदे होते हैं। इन सब बातों का ध्यान रखकर हमें गोसंवर्धन के लिए आगे आकर गोरक्षा के क्षेत्र में अपना सहयोग देना होगा। समाज को चाहिए कि वह इस पुण्य काम में सहभागी बनकर गोसेवा का कार्य करे ताकि देश में हो रही गोहत्या पर अंकुश लग सके। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष व छत्तीसगढ़ राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेश्वर पटेल ने गोसेवा की महत्ता पर प्रकाश डाला।   प्रतिनिधि

 

'समाज के लिए मातृशक्ति का जागरूक होना जरूरी'

जम्मू के शक्ति नगर-ईडन गार्डन में पिछले दिनों नारी शक्ति संगम का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि मातृशक्ति के मार्गदर्शन से ही सारा विश्व चलता है, बिना इनके सहयोग के पूरे देश में जागृति नहीं हो सकती। समाज में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं, इसलिए समाज की उन्नति के लिए मातृशक्ति का जागरूक होना जरूरी है। बिना उनके देश, कुटुंब या अपने भाग्य में भी परिवर्तन संभव नहीं है। महिलाओं व पुरुषों में श्रेष्ठता की प्रतिस्पर्धा नहीं होनी चाहिए। न तो सिर्फ महिला श्रेष्ठ है और न ही सिर्फ पुरुष, बल्कि दोनों आपसी सहयोग से श्रेष्ठ बनते हैं। दोनों सब प्रकार के काम कर सकते हैं, किन्तु कुछ काम ऐसे हैं जो केवल महिलाएं ही कर सकती हैं। बच्चों को मातृत्व, वात्सल्य, संस्कार महिला ही दे सकती है। उन्होंने कहा कि भारत की सब भाषाएं अपनी भाषाएं हैं और इन सबकी जननी संस्कृत है। हमें अपने बच्चों को अपनी मातृभाषा से जरूर जोड़े रखना चाहिए। महिलाओं का सशक्तिकरण व जागरण करना जरूरी है क्योंकि एक माता ही अपने बच्चों को उनके कर्तव्य के प्रति जागरूक करती है। देश व समाज के लिए बलिदानों की परंपरा महिलाओं के संस्कारों की ही देन है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि व महिला समन्वय की राष्ट्रीय संयोजिका सुश्री गीता ताई गुण्डे ने कहा कि समाज में नारी शक्ति का जागरण हो रहा है और देश के पुनर्निर्माण में उसका जो योगदान हो रहा है, इसके परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।   (सं.के.,जम्मू)

 

संत ईश्वर सेवा सम्मान से किया सम्मानित

नई दिल्ली के सिविक सेंटर में पिछले दिनों संत ईश्वर फाउंडेशन एवं राष्ट्रीय सेवा भारती द्वारा संत ईश्वर सेवा सम्मान का आयोजन किया गया। इसमें उन 15 संस्थाओं और व्यक्तियों को चुना गया जो देश के दूरदराज क्षेत्रों में सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। समारोह में प्रमुख रूप से लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, गीतामनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज एवं छत्तीसगढ़ की साध्वी विजया उर्मिलेश उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख श्री गुणवंत सिंह कोठारी, अ.भा.स. संपर्क प्रमुख श्री अरुण कुमार विशेष रूप से समारोह में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में चार श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए। पहली श्रेणी में, नागालैंड के वनवासी क्षेत्रों में काम कर रहा,जेलियांग गुरुं क हेराका विद्यालय जो नागा लोगों के बीच शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत रहा है। ऐसे ही विवेकानंद मेडिकल मिशन-केरल, श्री तावा हरे, अरुणाचल प्रदेश और नागपुर के पेंदोर महाराज को इस श्रेणी में रखा गया। दूसरी श्रेणी में, महिला एवं बाल विकास से जुड़ी पुणे की ज्योति पछानिया, मध्य प्रदेश की सुश्री भारती ठाकुर और रायपुर की श्रीमती हर्षा साहू को सम्मानित किया गया।

तीसरी श्रेणी में, ग्रामीण विकास के अंतर्गत हापुड़ की अनवरपुर ग्राम विकास समिति को 100 गांवों में ग्रामीण विकास करने के लिए विशिष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया गया। वहीं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सोणितपुर-असम के श्री दिलीप कुमार नाथ को सम्मानित किया गया। समग्र उत्थान और महाराष्ट्र के पारधी समुदाय के पुनर्वास के लिए श्री गिरीश प्रभुणे को व भुज-गुजरात के श्री रामकृष्ण ट्रस्ट को सम्मान दिया गया। चौथी श्रेणी के तहत स्वदेशी कला को बढ़ावा देने के लिए जगदलपुर की साथी समाज सेवी संस्था को विशिष्ट सेवा सम्मान दिया गया। उ.प्र. के चित्रकूट में दृष्टि ब्लांइड स्कूल नेत्रहीन लोगांे के लिए काम कर रहा है, उसे भी सम्मानित किया गया।

ऐसी ही कुछ और संस्थाएं जो समाज के लिए किसी न किसी प्रकार कार्य कर रही हैं, उन्हें सम्मानित किया गया।              प्रतिनिधि                            

'समस्याओं से जूझ रहे लोगों ने राष्ट्रवाद नहीं छोड़ा'

'समाज के अनुशासित एवं गुणवान होने पर व्यवस्था परिवर्तन से जटिल समस्याओं का हल निकाला जा सकता है। समाज की शायद कुछ कमजोरी रही कि लोग जटिल समस्याओं से जूझ रहे हैं। देश के संविधान एवं कानून व्यवस्था के तहत उन लोगों से सख्ती से निपटने की जरूरत है जो विघटनकारी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। सीमा पार से उकसावे के प्रयासों को भी सख्ती से जवाब देने की जरूरत है।' ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने जम्मू में परेड गा्राउंड में आयोजित शंखनाद कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहीं।

उन्होंने राज्य के लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि लंबे समय से समस्याओं से जूझ रहे यहां के लोगों ने राष्ट्रवाद को नहीं छोड़ा और मैदान में डटे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में समस्याएं रही हैं परन्तु राज्य के लोगों ने हिम्मत एवं धैर्य से इनका मुकाबला किया और देश के पक्ष में आस्था बनाए रखी, जिसका वे अभिवादन करते हैं। जो समस्याएं हैं उनका निदान होना चाहिए। समस्याएं लंबी चलती रहीं, उसका पहला अर्थ है कि हममें सामर्थ्य नहीं है या समाधान निकालने में कोई कमी रह गई। देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है और संविधान के तहत राज्य व्यवस्था के माध्यम से समस्याओं का समाधान हो सकता है और इसके लिए समाज को राज्य शासन में ऐसी व्यवस्था बनानी होगी और लोकतंत्र का यही नियम है। कानून, संविधान, राज्य व्यवस्थाएं सहायक होती हैं, परन्तु मात्र उतने से काम नहीं होता। असली करने वाला तो समाज होता है। मंच पर उत्तर क्षेत्र संघचालक डॉ़ बजरंग लाल गुप्त, प्रांत संघचालक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत) सुचेत सिंह उपस्थित थे।   

(वि.सं.के, जम्मू)

 

गंगा के किनारे हो वृक्षारोपण

गंगा की निर्मलता व अविरलता को लेकर पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े गंगा-समग्र संगठन के केन्द्रीय पदाधिकारियों की दो दिवसीय बैठक शनिवार को प्रयाग के अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में संपन्न हुई। बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ़ कृष्ण गोपाल ने किया। उन्होंने गंगा की निर्मलता व अविरलता के लिए गंगा किनारे बसे लोगों को जागरूक करने पर बल दिया और कहा कि गंगा किनारे बसे लोगों में गंगा के प्रति श्रद्धा व समर्पण का भाव जगाना जरूरी है। उसके किनारे के लोग गंगा मईया के प्रति सजग प्रहरी की भूमिका अदा करें। उन्होंने गंगा किनारे वृक्षारोपण अभियान चलाने की बात कही और कहा कि गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक गंगा के दोनों किनारे पर्याप्त वृक्षारोपण किया जाए ताकि निर्मलता व अविरलता आ सके। प्रतिनिधि

 

कार्यशाला संपन्न

गत दिनों उ.प्र. के मुरादाबाद विश्व संवाद केंद्र के तत्वावधान में भारत रत्न पं. मदन मोहन मालवीय की पुण्य तिथि पर शहर के बुद्ध बाजार स्थित हिन्दू कॉलेज में पत्र लेखन व सोशल मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पत्रलेखन व विज्ञप्ति का प्रशिक्षण देते हुए जेएस हिन्दू कॉलेज, अमरोहा के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीपक अग्रवाल ने कहा कि पत्र लेखन अपनी बात रखने का उचित माध्यम है। अपने विचारों की अभिव्यक्ति करना ही लेखन कार्य है। विज्ञप्ति लिखते समय समाचार से जुड़े प्रत्येक पहलू को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित एम.एच.पी.जी. कॉलेज, मुरादाबाद के प्राचार्य डॉ. विशेष गुप्ता ने महामना को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महामना ने पत्रकारिता, वकालत, समाज सुधार, मातृ भाषा तथा भारत माता की सेवा में अपना जीवन अर्पण किया। उनके किए कार्य आज हम सभी के लिए प्रेरणा रूप में हैं। सोशल मीडिया का प्रशिक्षण विभाग प्रचार प्रमुख श्री पवन जैन द्वारा दिया गया। प्रतिनिधि

 

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