| दिंनाक: 16 Feb 2015 13:14:39 |
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असीम कुमार मित्र
यह घटना 30 जनवरी, 2015 की है। कोलकाता बड़ाबाजार इलाके से गुजरने वाली एक बस का चालक भाजपा नेता सिद्धार्थनाथ सिंह को देखते ही चिल्लाया-'भाग ममता भाग' चालक के साथ अनायास ही सभी यात्री भी चिल्लाये- 'भाग ममता भाग'। सिद्धार्थनाथ मुस्कान भरी नजरों से दूर जाती हुई बस को देख रहे थे। लोगों ने तालियां भी बजाईं। असल में आजकल बंगाल में ऐसा ही माहौल है।
सिद्धार्थनाथ की भविष्यवाणी को सच होते देखकर आम लोगों के अन्दर काफी उत्साह है। सिद्धार्थनाथ वर्ष 2012 में अपने कोलकाता में दिए गए एक भाषण में पहले ही बोल चुके थे कि राज्य के परिवहन मंत्री मदन मित्र 'सारदा घोटाले' के चलते जेल की हवा खाएंगे और वही हुआ। उनके द्वारा दी गई सूची में तृणमूल कांग्रेस के महामंत्री तथा सांसद मुकुल राय का नाम भी दूसरे स्थान पर था। जनवरी, 2015 के अंतिम सप्ताह में सीबीआई के बुलावे पर मुकुल राय 30 जनवरी को सीबीआई के समक्ष हाजिर हुए और सीबीआई ने उनसे पांच घंटे तक गहन पूछताछ की।
अब सीबीआई कार्यालय से मुकल जब हंसते हुए बाहर आए तो सबसे ज्यादा चिन्ता में थीं ममता बनर्जी। क्योंकि तृणमूल और स्वयं दीदी ने लगभग मान ही लिया था कि मुकुल को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परन्तु ऐसा न होने पर तुरन्त टीएमसी दल की कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में मुकुल भी हाजिर थे। ममता से लेकर बाकी सभी नेता हाजिर थे। इसके पहले कोर कमेटी की जितनी भी बैठकें हुईं उनमें ममता दीदी का एक ही रुख रहा-'दरवाजा खुला है, जिस किसी को भी तृणमूल दल अच्छा न लगता हो-वे जा सकते हैं।'
इस बार की बैठक में दीदी ने उस तरह का एक भी शब्द उच्चारण नहीं किया। और पूरी बैठक में सभी डरे-डरे सहमे से दिखाई दिए। आखिर क्यों? मुकुल के प्रति दीदी का विश्वास इतना टूट गया कि बैठक में एक भी विषय पर बात नहीं की। मुकुल से उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि आखिर सीबीआई ने उनसे क्या-क्या सवाल किए? क्या पूछताछ में ऐसी भी कोई जानकारी दी जिससे सीबीआई ममता दीदी की तरफ भी हाथ बढ़ा सकती है? क्या यही कारण है कि ममता अब कह रही हैं कि 'अब तो किसी भी समय मैं भी गिरफ्तार हो सकती हूं. ..' मैं जेल से नहीं डरती, जेल जाना तो मेरे लिए आशीर्वाद होगा, क्योंकि उससे मुझे थोड़ा विश्राम मिलेगा।' जेल की बात आ ही क्यों रही है? मुकुल ने तो सीबीआई को केवल इतना ही कहा कि, 'आपके काम में मैं सहयोग दूंगा, आप जब भी बुलाएंगे मैं आपके सामने उपस्थित हो जाऊंगा। राजनीतिक पण्डितों ने इसकी व्याख्या करते हुए बताया कि एक तो मुकुल ने जरूर ऐसा कुछ सीबीआई को बता दिया होगा, जिसके कारण ममता इस पूरे मामले में दोषी हैं यह प्रमाणित हो जाएगा और अगर ऐसा हुआ तो ममता के लिए सत्ता में टिकना मुश्किल हो जाएगा। दूसरे ममता ने अपने भतीजे अभिषेक को दल के वरिष्ठ नेताओं के ऊपर बैठाना प्रारम्भ किया तब से मुकुल राय, शुभेन्दु अधिकारी आदि नेताओं ने दीदी की नीयत पर सन्देह करना शुरू कर दिया था। यही कारण था कि दो सप्ताह पहले मोतुआ जाति के नेता तथा राज्य सरकार के मंत्री मंजुल कृष्ण ठाकुर ने मंत्री पद तथा दल से केवल त्यागपत्र ही नहीं दिया, वे अपने बेटे सुब्रत को साथ लेकर भाजपा में शामिल हो गए। तीसरे तृणमूल का अन्दर ही अन्दर टूटना तथा भाजपा के साथ जनता का जुड़ाव का सिलसिला शुरू हो गया। चौथी सबसे महत्वपूर्ण बात, सारदा मामले में तृणमूल की प्रतिभागिता के विषय में ज्यों-ज्यों खबर 'पब्लिक डोमेन' में पहुंचती गयी त्यों-त्यों तृणमूल के अन्दर विद्रोह का स्वर जोर पकड़ता गया,जो लोग ममता दीदी के विरोध में कुछ कहने से डरते थे, आज वही लोग खुलकर ममता विरोधी बातें करते देखे जा सकते हैं। जैसे- जादवपुर के सांसद मुगल बसे (नेताजी सुभाष के आत्मीय), बोलपुर के सांसद अनुपम हाजरा, बैरकपुर के सांसद तथा पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी आदि। दिनेश त्रिवेदी ने तो लिखित रूप से समाचार पत्रों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इतनी प्रशंसा की है कि ममता को यह सहन करना भी नामंजूर ही था। परन्तु फिर भी अभी तक ममता चुप्पी साधे बैठी हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य के तृणमूल विधायकों के अन्दर भी विद्रोह की होड़ लगी है। अब तक जितने भी इस लाइन पर आए हैं, उनमें सबसे अधिक उल्लेखनीय वरिष्ठ नौकरशाह तथा वर्तमान में तृणमूल विधायक देवव्रत, पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा विधायक सुल्तान सिंह आदि अब विद्रोही तेवर अपनाए हैं।
हाल ही में बीआर चोपड़ा के विख्यात धारावाहिक महाभारत में द्रौपदी की भूमिका निभाने वाली रूपा गांगुली, विख्यात गायक कुमार शानू, इनसे पहले संगीतकार बप्पी लाहिड़ी आदि भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। राज्य भाजपा ने नए तौर पर दल में आए मंजुल कृष्ण ठाकुर के सुपुत्र सुब्रत ठाकुर को बनगांव उपचुनाव में अपना उम्मीदवार भी बनाया। अगर इस उपचुनाव में भाजपा को जीत हासिल होती है तो बंगाल की राजनीति में कुछ हलचल होगी, जिसकी आवाज दूर तक जायेगी।