|
ब्लात्कारी बेटे को बचाने के लिए मासूम का अपहरण
मेरठ में एक मुस्लिम द्वारा महिला और उसके दो साल के बच्चे को बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। इस नेपाली हिन्दू महिला और उसके बच्चे को नसीम नामक शख्स ने पांच माह से शास्त्रीनगर सेक्टर 11 स्थित अपने मकान में बंधक बनाकर रखा हुआ था, जो कि 6 फरवरी को वहां से बचकर निकलने में सफल रही।
जानकारी के मुताबिक इस महिला के साथ नसीम के बेटे नावेद ने एक वर्ष पूर्व बलात्कार किया था। वह नेपाल में कोई छोट-मोटा कारोबार करता था। अभी वह गिरफ्तार है और नेपाल की जेल में बंद है। इस बीच नसीम नेपाल जाकर महिला के दो वर्षीय बच्चे का अपहरण कर लाया। उसकी तलाश में जब पीडि़ता मेरठ पहुंची तो उसे भी बंधक बना लिया गया। उस पर दबाव डाला गया कि वह नावेद के पक्ष में नेपाल के न्यायालय में बयान दे। इसके लिए नसीम पिछले कुछ माह में महिला को चार बार नेपाल लेकर गया और उससे समझौतों पर हस्ताक्षर करवाये। वहां के न्यायालय में किसी कारण से समझौते को स्वीकार नहीं किया गया। इस दौरान महिला का बच्चा मेरठ में ही बंधक बना रहा। 6 फरवरी को महिला मौका देखकर नसीम के चंगुल से भाग निकली। उसने नौचंदी थाने में मामला दर्ज करा दिया। पीडि़ता ने बताया कि उसे सुबह-शाम खाने के लिए मात्र एक-एक रोटी दी जाती थी। उसके मासूम बच्चे को कई माह से पेटभर दूध नहीं दिया गया। मां-बच्चे को ताला लगाकर बंद रखा जाता था। महिला शोर न करे या वहां से भाग न जाए, इसके लिए उसके बच्चे को बार-बार जान से मार देने की धमकी दी जाती थी। नसीम के घर पर नहीं होने पर उसकी पत्नी और बच्चे पहरेदारी करते थे। पुलिस ने महिला की शिकायत पर नसीम, उसकी पत्नी, दो बेटों और चार बेटियों को एफआईआर में नामजद किया है।
……………………………………………….
6 फरवरी को ही एक अन्य मामले में अहमद नामक शख्स एक विवाहिता हिन्दू महिला को भगाकर ले गया। मेरठ के पल्लवपुरम में रहने वाले यशपाल के अनुसार वह मजदूरी कर घर चलाता है। उसके दो बच्चे हैं। दो साल पहले उसके घर में अहमद का आना-जाना शुरू हुआ था। घटना वाले दिन वह अपने काम पर गया हुआ था। इस बीच अहमद उसकी पत्नी सीमा को गहनों सहित भगाकर ले गया। ल्ल
ल्ल मेरठ से अजय मित्तल
मेरठ में लव जिहाद का नया मामला प्रकाश में आया है। इस प्रकरण में पुलिस का लचर रवैया और समाजवादी पार्टी नेताओं द्वारा आरोपियों को दी जा रही शह जनता में चर्चित हो चुकी है। इस मामले में एक सपा नेता भी आरोपी है। पुलिस ने जनदबाव में उसे गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन अधिकांश आरोपी फरार हैं तथा पीडि़ता के लिए खतरा बने हुए हैं।
हाल ही में आया चर्चित मामला माला (बदला हुआ नाम ) नामक अनाथ युवती का है। उसका कोई भाई-बहन नहीं है। मूल रूप से जिला बुलंदशहर निवासी माला दो साल से मेरठ में एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी कर रही थी। वहां एक मुस्लिम युवक आवेस सैफी ने अपनी पहचान छिपाकर और स्वयं को राजा चौधरी बताकर माला से दोस्ती की। राजा ने उससे शादी का वादा भी किया। कुछ समय बाद उसने 'लिव-इन-रिलेशनशिप' में रहने के लिए माला को मना लिया। गर्भवती होने पर जब माला ने शादी का आग्रह किया तो उसने गर्भपात करा दिया। करीब दो माह पूर्व माला पुन: गर्भवती हो गई। इस बार माला ने विवाह की जिद पकड़ ली तो सैफी उसे अपने परिवार से मिलवाने ले गया। माला के मुताबिक गत 3 फरवरी को ही उसे पहली बार पता लगा कि जिस राजा चौधरी से वह प्रेम करती है, वास्तव में वह हिन्दू नहीं मुसलमान है।
इस मुस्लिम परिवार के सभी लोगों ने माला पर दबाव डाला कि पहले वह इस्लाम कबूल करे तो उसका सैफी से निकाह कराया जाएगा। यह सुनकर माला ने स्पष्ट तौर पर मना कर दिया। आवेस तथा उसके पिता युसूफ एवं भाई साजिद व शाहिद ने माला से दुर्व्यवहार किया, लेकिन माला हिन्दू धर्म न छोड़ने पर अडिग रही। इसके बाद आवेस ने गर्भपात की एक गोली जबरदस्ती माला को खिला दी।
माला किसी तरह इन लोगांे के चंगुल से छूट कर भाग निकली। उसने इंचौली थाने में उक्त चारांे के विरुद्ध मामला दर्ज कराया, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने दुष्कर्म व 'कन्वर्जन' के विरुद्ध लिखी एफआईआर को अपनी शैली के अनुरूप गंभीरता से न लेते हुए तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की। घबराई माला आवेस के संग रहने वाले ठिकाने को छोड़कर अपनी एक विवाहिता सहेली के घर चली गई। उसके बाद गत 5 फरवरी को आवेस ने एक सपा नेता अमन फौजी और उसके साथियों के साथ मिलकर माला का अपहरण कर लिया। उसे गाड़ी में बंधक बनाकर दबाव डाला गया कि वह अपनी एफआईआर वापस ले और इस्लाम कबूल कर आवेस से निकाह करे। माला के अगवा होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपियों की गाड़ी का पीछा किया। पुलिस को पीछा करता देख आवेस और उसके साथी माला को गाड़ी से फेंक कर फरार हो गए। उसके अपहरण करने वालों में आवेस और अमन शामिल हैं। इनके विरुद्ध मेडिकल थाने में मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले कि पुलिस कुछ कार्रवाई न कर सिर्फ लीपापोती करती और पीडि़ता माला पर ही समझौते का दबाव बनाती तब तक हिन्दू संगठन मामले की पैरवी के लिए आगे आ गए। दुर्गावाहिनी की विभाग संयोजिका अधिवक्ता चेतना शर्मा एवं हिन्दू जागरण मंच के अशोक त्यागी आदि इस सिलसिले में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिले।
इसके बाद आनन-फानन में पुलिस ने दोनों मामलों में नामजद आठ आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया। अभी आवेस के पिता और भाई फरार हैं। न्यायालय में मजिस्टे्रट के समक्ष माला ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज करवा दिए जिसमें उसने आरोपों की पुष्टि की है। फरार चल रहे आरोपियों के कारण पीडि़ता काफी घबराई हुई है क्योंकि उसे कोई पुलिस संरक्षण नहीं दिया गया है। इस विषय पर मेरठ से भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की है। ल्ल











