जम्मू के संघ संगम में सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कहा-
| दिंनाक: 05 Oct 2013 15:51:14 |
|
गत दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जम्मू-कश्मीर द्वारा जम्मू के परेड ग्राउंड में संघ संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें हजारों की संख्या में संघ के स्वयंसेवकों ने खाकी निक्कर, सफेद कमीज, काली टोपी में भाग लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जम्मू के प्रबुद्व नागरिक और महिलाएं भी उपस्थित थीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा़ मोहनराव भागवत ने हाल ही में हीरानगर पुलिस स्टेशन व साम्बा सैन्य शिविर में घटी आतंकी घटना में शहीद हुए जवानों व नागरिकों को श्रद्घाञ्जलि दी।
भागवत जी ने सेना और सुरक्षाबलों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि वे गत 67 वर्षों से अपनी कुर्बानी देकर देश व समाज की रक्षा कर रहें हैं। उन्होंने प्रश्न पूछा कि क्या यह संकट सैनिकों पर ही है? क्या यह लड़ाई केवल वही लड़ेंगे? संकट तो समाज पर है, समाज ठीक से जी सके इसलिए अपने सीने को ढाल बनाकर सैनिक अपना कार्य करते हैं। समाज का कर्तव्य है कि वह सुरक्षाबलों के मनोबल को ऊंचा रखे। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा का जिम्मा सरकार, समाज, नेतागण आदि सब पर है। समाज बल से ही सरकारें चलती हैं। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज देश की परिस्थतियां वैसी ही हैं जैसे हम किसी ठेकेदार को किसी काम का ठेका देकर सौ जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की जागृत शक्ति ही देश की सभी समस्याओं का हल है। वर्तमान परिस्थितियों को देखकर लगता है कि देश भगवान के भरोसे ही चल रहा है लेकिन भयभीत, उदास व मायूस होने से काम नहीं चलने वाला, समाज को उठ खड़े होना होगा। उन्होंने किश्तवाड़ घटनाक्रम पर कहा कि यह अपने ही देश के नागरिकों को बेदखल कर राजनीतिक स्वार्थ साधने की योजना है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के विलय पर कुछ यूरोपीय लोगों के समक्ष लगाए गए प्रश्न चिन्ह पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह विलय बहुत सोच समझकर लिया गया निर्णय है जिसे वापस नहीं लिया जा सकता। जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय अंतिम और पूर्ण है। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि जिनको देश को जोड़ने वाली बात करनी चाहिए वही लोग अलगाववाद को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने देश की विविधताओं की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति ही सबको एक साथ चलाने वाली अद्वितीय संस्कृति है। उन्होंने कहा कि इस भूमि को संरक्षित रखने के लिए जिन महापुरुषों ने बलिदान दिए, उनका गौरव मन में धारण कर समाज को आगे बढ़ना चाहिए। मंच पर डा़ भागवत के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र संघचालक डा़ बजरंग लाल गुप्त, प्रांत संघचालक सेवानिवृत्त ब्रि़ सुचेत सिंह, जम्मू विभाग संघचालक डा. गौतम मैंगी व जम्मू महानगर संघचालक श्री यश पुरी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य श्री इन्द्रेश कुमार, उत्तर क्षेत्र कार्यवाह श्री सीता राम व्यास , क्षेत्र प्रचारक श्री रामेश्वर , सह क्षेत्र क्षेत्र प्रचारक श्री प्रेम कुमार , क्षेत्र प्रचार प्रमुख श्री नरेन्द्र ठाकुर , प्रांत कार्यवाह श्री पुरुषोतम दधीचि , सह प्रांत कार्यवाह श्री अश्विनी कुमार व प्रांत प्रचारक रमेश पप्पा विशेष रूप से उपस्थित रहे।