प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) भारत सरकार की एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मदद देना है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि एक साथ नहीं बल्कि तीन किस्तों में, यानी हर चार महीने में 2000 रुपये करके सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है।
हाल ही में 13 मार्च को 22वीं किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद अब सभी किसान 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। पिछले रिकॉर्ड को देखा जाए तो किस्तें लगभग हर चार महीने में आती हैं, इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि अगली किस्त जुलाई महीने में आ सकती है। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए किसानों को सही जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइट या नोटिस पर नजर रखनी चाहिए।
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी हैं। सबसे महत्वपूर्ण है ई-केवाईसी (e-KYC) कराना। अगर किसी किसान ने अभी तक e-KYC पूरा नहीं किया है, तो उसकी किस्त अटक सकती है। इसके साथ ही फार्मर आईडी का अपडेट होना भी जरूरी है। हर किसान इस योजना के लिए पात्र नहीं होता। जो लोग सरकारी नौकरी में हैं या पहले रह चुके हैं, वे आमतौर पर इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। लेकिन ग्रुप-डी या छोटे कर्मचारी इसमें शामिल हो सकते हैं। इसी तरह, जिन लोगों को 10,000 रुपये से ज्यादा पेंशन मिलती है या जो इनकम टैक्स भरते हैं, वे भी इस योजना के दायरे से बाहर होते हैं। इसके अलावा डॉक्टर, वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे प्रोफेशनल्स को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलता, भले ही वे खेती करते हों। सरकार का मकसद इस योजना से उन किसानों की मदद करना है, जिन्हें सच में आर्थिक सहारे की जरूरत है।














