उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य इस समय तेजी से जारी है। बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने जानकारी दी है कि 01 अप्रैल 2026 तक सभी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी कर ली जाएगी। इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, जिसके तहत पूरे प्रदेश में 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर लगभग 1.53 लाख परीक्षक लगातार कॉपियों की जांच में जुटे हुए हैं।
बोर्ड द्वारा इस बार निगरानी व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी तरह की गलती या लापरवाही की संभावना न रहे। हालिया आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में 78,533 परीक्षकों ने बड़ी संख्या में कॉपियां जांचीं। इसी दौरान हाईस्कूल की 15,77,833 और इंटरमीडिएट की 10,02,367 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया, जो कुल मिलाकर 25,80,200 कॉपियां होती हैं। यह दर्शाता है कि मूल्यांकन कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। हालांकि, इस दौरान आने वाले प्रमुख त्योहारों को ध्यान में रखते हुए कुछ दिनों की छुट्टियां भी घोषित की गई हैं, जिससे परीक्षकों को थोड़ी राहत मिल सके। इसके बावजूद बोर्ड यह सुनिश्चित कर रहा है कि मूल्यांकन कार्य की गति प्रभावित न हो और तय समय पर प्रक्रिया पूरी हो जाए।
मूल्यांकन कार्य समाप्त होने के बाद अंकों की फीडिंग, सत्यापन और स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें करीब 15 से 20 दिन लग सकते हैं। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अप्रैल 2026 के तीसरे या चौथे सप्ताह में यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के परिणाम जारी किए जा सकते हैं। संभावना यह भी है कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी दोनों कक्षाओं के परिणाम एक ही दिन घोषित किए जाएं। छात्रों के बीच अपने परिणाम को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है। वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर अपडेट देख रहे हैं।














