दिल्ली के उत्तम नगर में होली की शाम हुई तरुण की निर्मम हत्या को करीब 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उसके परिवार का दर्द अभी भी कम नहीं हुआ है। ‘तरुण हत्याकांड’ में एक नई बात पता चली है। तरुण की मां सुनीता ने अपने 26 वर्षीय बेटे को याद करते हुए बताया कि किस वजह से उनके बेटे को टारगेट किया गया।
तरुण की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि तरुण न केवल पढ़ाई में होनहार था, बल्कि पूरी गली में सबसे नेक दिल लड़का था। वह अक्सर सड़क पर घूमने वाली गाय और कुत्तों की सेवा करता था। यदि किसी जानवर को चोट लग जाती, तो वह खुद जाकर उसका इलाज करवाता था।
तरुण को टारगेट करने का असली कारण
तरुण की मां ने बताया कि दूसरे समुदाय के लोग अक्सर गली के जानवरों पर पानी, पेट्रोल या तेजाब डालकर उन्हें भगाते थे। तरुण जब भी उन्हें ऐसा करने से रोकता या डांटता था, तो वो उससे खफा होने लगे, धीरे-धीरे उनके मन में उसके प्रति रंजिश पलने लगी।
जानवरों के प्रति उसका प्रेम उन लोगों की आंखों में खटकने लगा। उनकी मां का कहना है कि इसलिए उसे एक सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि वह नौकरी की तैयारी कर रहा था, वह आगे जाकर उनके बुढ़ापे का सहारा बनता, लेकिन अब वह इस दुनिया में नहीं रहा।
सुनीता ने अफवाहों और फरार आरोपियों पर उठाए सवाल
तरुण की मां ने साफ किया कि उनके परिवार की लड़ाई किसी विशेष धर्म या समुदाय से नहीं, बल्कि सिर्फ उन दरिंदों से है जिन्होंने उनके बेटे की जान ली। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि उस समुदाय के लोगों को पीड़ित परिवार का साथ देना चाहिए था, लेकिन इसके उलट वो आरोपियों की तरफदारी कर रहे हैं और तरुण के बारे में झूठी अफवाह फैला रहे हैं।
प्रशासन से मांग और फरार आरोपी
सुनीता के अनुसार, हमले के समय करीब 21 लोग मौजूद थे, जिनमें से अभी भी 5 मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। परिवार ने सरकार से मांग की है कि इन सभी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।
तरुण के परिवार का कहना है कि अब तक नेताओं और प्रशासन ने सिर्फ आश्वासन दिया है, लेकिन जमीन पर ठोस कार्रवाई और आर्थिक मदद की दरकार है। उनके पिता ने कहा कि अब उनका बस बड़ा बेटा बचा है वही उनका आखिरी सहारा है। परिवार ने उसके लिए सरकार से सरकारी नौकरी की गुहार लगाई है।
तरुण के नाम पर हो रही ठगी का पर्दाफाश
वहीं दूसरी तरफ यह भी सामने आया है कि कुछ लोग तरुण की हत्या का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने परिवार की एक महिला का वीडियो बनाकर कर तरुण के परिवार की आर्थिक मदद करने की अपील की। वीडियो बनाने वाले शख्स ने इसका एक वीडियो एक क्यूआर कोड के साथ अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दिया, जिसके बाद पूरे देश से लगभग 37 लाख रुपये खाते में जमा हो गए।
दिल्ली पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश किया। मामले का पता चलते ही उन्होंने बैंक मैनेजर से बात कर खाते को सीज कर दिया है। पुलिस फिलहाल इस साजिश को रचने वाले का पता लगा रही है। हो सकता है कि ऐसा किसी ने तरुण और उनके परिवार को बदनाम करने के लिए किया हो, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

















