पटना की सड़कों पर नीट की तैयारी करने आई दो छात्राओं की मौत के बाद हंगामा मचा हुआ है। यह मामला पटना से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी जानकारी पूरी दुनिया को हो रही है जबकि वास्तविकता इससे कहीं ज्यादा भयावह है। एक अनुमान के मुताबिक बिहार से प्रतिवर्ष 500 से अधिक लड़कियां गायब हो रही हैं। इसमें बिहार और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों की लड़कियां सबसे ज्यादा हैं। गायब होने वाली लड़कियों की आयु 13- 14 से लेकर 20- 21 वर्ष के बीच सबसे अधिक है।
इस गंभीर मामले को लेकर अधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। अधिवक्ता ने आशंका जताई है कि सऊदी अरब, नेपाल, चीन, ब्राजील समेत अन्य देशों में इन लड़कियों को बड़े पैमाने पर बेचा जा रहा है।
ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह सक्रिय हैं। इन लड़कियों का इस्तेमाल नशा कारोबारी द्वारा नशीले पदार्थ की तस्करी में तो किया ही जाता है। इसके अलावा भारत के जम्मू-कश्मीर, पांडिचेरी, सऊदी अरब, अर्जेंटीना, दुबई और अन्य देशों में लड़कियों को शादी करा कर बच्चा पैदा करने, देह व्यापार, बॉडी पार्ट्स की खरीद फरोख्त जैसी गतिविधियों के लिए विदेश भेजा जाता है। इन लड़कियों में मुश्किल से कुछ दर्जन लड़कियाें की ही बरामदगी हो पाती है।
नीट की तैयारी करनेवाली लड़कियों की मृत्यु का बंगाल कनेक्शन
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल और परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल में दो लड़कियों की मृत्यु हुई। दोनों लड़कियों की मौत को आत्महत्या बताया गया। अगर लगातार गायब होती हुई लड़कियों के साथ इन घटनाओं को जोड़कर देखा जाए तो मामला कुछ और बनता दिख रहा है। पटना के चर्चित ‘शंभू गर्ल्स हॉस्टल’ और ‘परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल’ मामले में ‘बंगाल एंगल’ सामने आया है। पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता डॉ कौशलेंद्र नारायण ने दावा किया है कि हॉस्टल के ऊपरी तल पर एक खास मकसद से लगभग 50 प्रतिशत लड़कियां पश्चिम बंगाल की रहती थीं। उनका पढ़ाई से कोई लेना- देना नहीं बल्कि कुछ अलग उद्देश्य था। इनका दावा है कि हॉस्टल का मुख्य आरोपी मनीष रंजन एक बड़े सिंडिकेट का पार्ट है। वह बंगाल से लड़कियों को नीट (NEET) की तैयारी के नाम पर पटना बुलाता था और फिर उनको बड़े-बड़े व्यापारियों और रसूखदारों के पास पहुंचाता था। इस धंधे में लगी छात्राओं को हॉस्टल एक सुरक्षित ठिकाना था।
पटना के एग्जीबिशन रोड में स्थित परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल में रहनेवाली अनामिका गुप्ता की मौत भी संदिग्ध है। हॉस्टल इस मौत को आत्महत्या बता रहा है वहीं मृतक के पिता इसे लव जिहाद का कारण मान रहे हैं। अनामिका के पिता का सवाल है कि हॉस्टल के अंदर दो मुस्लिम लड़के क्या कर रहे थे जबकि वहां परिवार वालों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं रहती है?
इस संबंध में छात्रा के पिता धर्मेंद्र कुमार ने पटना गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें पूर्णिया जिले के चोचा गांव के रहने वाले शम्सुज जोहा के बेटे मुसाहिद रजा और पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के डालखोला पुलिस स्टेशन के तहत दावतन के रहने वाले गुलाम इजदानी के बेटे मुकर्रम रजा समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है।











