बुलंदशहर में नेशनल हाईवे-91 पर पूरे परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। पॉक्सो कोर्ट ने 9 साल 4 महीने और 22 दिन के बाद पांच अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने कहा – सभ्य समाज से राक्षसों से दूर रखा जाए। जब तक जिंदा रहें, इन्हें जेल में रखा जाए। सजा के बाद दोषी जुबैर ने कहा- मैं निर्दोष हूं। मुझे झूठा फंसाया गया है। हाईकोर्ट में अपील करूंगा।
इस जघन्य अपराध में पुलिस ने बुलंदशहर और हरियाणा से कुल 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। मुकदमे के ट्रायल के दौरान अभियुक्त सलीम की बीमारी से मृत्यु हो गई थी। अभियुक्त अजय उर्फ असलम उर्फ कालिया, हरियाणा पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। बंटी उर्फ गंजा उर्फ बबलू, यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। विवेचना के दौरान तीन के खिलाफ साक्ष्य नहीं पाए गए थे इसलिए पुलिस ने रहीसुद्दीन, जावेद उर्फ शावेज और जबर सिंह को अभियुक्त नहीं बनाया था। शेष 5 अभियुक्तों को आज न्यायालय ने दोषी करार दिया।
बुलंदशहर हाई वे पर हुई लूट और बलात्कार की घटना ने मानवता को कलंकित कर दिया था। कार से उतार कर दरिंदों ने पुरुषो को बंधक बनाया और उनके सामने से महिलाओं और उनकी एक बेटी को घसीटते हुए ले गए थे। पीड़ित के पिता ने मीडिया से कहा कि “ मेरी बेटी पापा – पापा चिल्ला रही थी मगर मै उसे बचा नहीं सका।
डायल 100 नहीं आई काम
बलात्कार के बाद बदमाश नगदी और जेवर लेकर फरार हो गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी योजना डायल 100 भी समय पर काम ना आ सकी थी। पीड़िता के पिता ने करीब 15 मिनट तक 100 नंबर डायल किया मगर फोन कनेक्ट नहीं हुआ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सकरार ने कई करोड़ रूपया खर्च कर के डायल 100 को अत्याधुनिक बनाया था। सभी जनपदों में डायल 100 के लिए इनोवा और स्कार्पियो जैसी गाड़ियां खरीदी गई थीं।
पिस्तौल के बल पर परिवार को बंधक बनाया
पीड़ित परिवार नोएडा में रहता है। मूल निवासी उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के हैं। बुलंदशहर मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूरी पर नेशनल हाई वे ( एन एच 91 – अलीगढ़ – गाज़ियाबाद ) पर जब पहुंचे तो रात के करीब साढ़े बारह बजे हुए थे। रास्ते में फ्लाईओवर पर से गुजरते हुए कार में कुछ आवाज सुनाई दी मगर ड्राईवर ने कार नहीं रोका। कुछ ही देर बाद फिर आवाज हुई। इस बार ड्राईवर को लगा कि कार में कोई खराबी आ गयी है। ड्राईवर ने कार रोक दिया। कार के रुकते ही करीब आधा दर्जन बदमाशों ने घेर लिया और कार को फ्लाईओवर से नीचे उतारने के लिए कहा। कार जैसे ही नीचे उतरी बदमाश अपने अपने हाथो में पिस्तौल लिए हुए थे। पिस्तौल के बल पर बदमाशों ने पीड़ित परिवार के तीनो पुरुषों को बंधक बनाया। उसके बाद कार में बैठी दोनों भाइयों की पत्नियों और एक 14 वर्षीय बेटी को घसीटते हुए खेत की तरफ ले गए।
दोस्तपुर गांव के पास हुई वारदात
बुलंदशहर के थाना देहात कोतवाली के दोस्तपुर गांव से सटे फ्लाई ओवर से नीचे उतारकर आधा दर्जन बदमाशों ने मां और 14 वर्षीय बेटी के साथ बलात्कार किया। करीब तीन घंटे बाद साढ़े तीन बजे बदमाश नगद रुपये और जेवर लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित बेटी के पिता 100 नंबर डायल करते करते जब थक गए तो उन्होंने अपने मित्र को घटना की जानकारी दी। उनके मित्र ने पुलिस को सूचित किया। घटना के बाद पुलिस ने अपना चिर परिचित रवैया दिखाते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज किया ।
कई अधिकारियों पर गिरी थी गाज
30 जुलाई 2016 की सुबह जघन्य वारदात की खबर फैल गयी। उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इलाके के सिपाही, दो दरोगा, एक इन्स्पेक्टर, एक डिप्टी एस पी , एस पी सिटी और एस एस पी को एक साथ निलंबित कर दिया।
सदन में मायावती ने उठाया था मुद्दा
उस समय विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा था। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई बसपा सुप्रीमो मायावती ने यह मुद्दा उठाया था। मायावती ने कहा था कि इस घटना के पीछे सपा सरकार का नाकारापन सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उत्तर प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था बेहद खराब है। सपा सरकार में महिलाओं की इज्जत आबरू का कोई मूल्य नहीं रह गया है । पीड़िता की आबरू क्या पैसे दे कर अखिलेश सरकार वापस ला सकती है।











