यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में अमेरिका तेजी से कदम उठा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विट्कॉफ मंगलवार को मॉस्को पहुंचकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे। ये बातचीत अमेरिका के शांति प्रस्तावों पर केंद्रित होगी, जो यूक्रेन के साथ वीकेंड पर फ्लोरिडा में हुई चर्चाओं के बाद हो रही है। वाशिंगटन में आशावादी माहौल है, लेकिन यूरोपीय सहयोगी चिंतित हैं कि ये कदम मॉस्को को फायदा पहुंचा सकते हैं। तीन साल से ज्यादा चले इस संघर्ष में ये एक बड़ा मोड़ हो सकता है।
विट्कॉफ-पुतिन बैठक: क्या उम्मीदें?
ट्रंप के पुराने व्यापारिक साथी स्टीव विट्कॉफ अब शांति दूत बने हुए हैं। वो यूक्रेन के साथ बातचीत के बाद रूस जा रहे हैं। क्रेमलिन ने अभी पुष्टि नहीं की, लेकिन विट्कॉफ ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर के साथ पहुंच सकते हैं। अगस्त में दोनों की मॉस्को मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पुतिन ने विट्कॉफ का स्वागत किया था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करोलिन लेविट ने कहा, “प्रशासन को लगता है कि डील हो सकती है।” यूक्रेन के बातचीतकर्ता रुस्तेम उमेरोव ने फ्लोरिडा वार्ता को “महत्वपूर्ण प्रगति” बताया, लेकिन बोले कि चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर और काम बाकी है।
यूक्रेन की स्थिति
अमेरिका यूक्रेन को युद्ध से बाहर निकालने के लिए दबाव डाल रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जल्दी समझौता संभव है। उमेरोव ने दो दिनों की चर्चा में कुछ राहत की बात कही, लेकिन डिटेल्स साझा नहीं कीं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने फ्रेंच प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रॉन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी, “रूस को ये न लगे कि युद्ध का इनाम मिल रहा है।” उन्होंने ब्रिटेन के पीएम कीयर स्टार्मर और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से फोन पर बात की, और एक्स पर लिखा, “शांति स्थायी होनी चाहिए। युद्ध जल्द खत्म हो।”
यूरोप की चिंताएं: दबाव का डर
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कलास ने आशंका जताई कि पुतिन-विट्कॉफ मीटिंग से यूक्रेन पर रूस की कठोर मांगें मानने का दबाव बनेगा। यूरोपीय देशों को लगता है कि अमेरिका जल्दबाजी में मॉस्को को रियायत दे सकता है। कलास ने कहा, “ये यूक्रेन को मजबूर कर सकता है।” ज़ेलेंस्की भी सहयोगियों से समर्थन मांग रहे हैं ताकि कोई एकतरफा फैसला न हो।
रूसी सफलताएं और हमले
रूस ने सोमवार को पुतिन को रिपोर्ट दी कि उनके सैनिकों ने यूक्रेन के महत्वपूर्ण शहर पॉक्रोवस्क और वॉवचांस्क पर कब्जा कर लिया। पॉक्रोवस्क को डोनबास का गेटवे कहा जाता है, जो लॉजिस्टिक्स हब है। पुतिन ने इसे “और सफलताओं” का संकेत बताया। यूक्रेन की ओर से अभी पुष्टि नहीं हुई। उसी दिन ड्निप्रो पर रूसी मिसाइल हमले में चार लोग मारे गए और दो दर्जन घायल हुए। स्थानीय गवर्नर ने इसे “भयानक” बताया। पूर्वी मोर्चे पर रूसी फौजें आगे बढ़ रही हैं।
यूक्रेन का भ्रष्टाचार का झटका
यूक्रेन में भ्रष्टाचार कांड ने सरकार हिला दी। पिछले हफ्ते टॉप नेगोशिएटर और चीफ ऑफ स्टाफ अंद्रिय यरमाक को हटा दिया गया। इसे “मिनी-क्रांति” कहा जा रहा है, जो युद्धकालीन पावर स्ट्रक्चर को बदल रही है। ज़ेलेंस्की ने इसे सुधार बताया, लेकिन इससे नेगोशिएशन टीम कमजोर हुई है।













