नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। भारत उनके इस टैरिफ के आगे झुका नहीं बल्कि स्वदेशी को बढ़ावा देना शुरू कर दिया और रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। वहीं, दूसरी तरफ यूरोप को भी रिकॉर्ड तोड़ डीजल निर्यात (Diesel Exports ) किया है। भारत से बाहर गई डीजल की इस खपत के बारे में जानकर डोनाल्ड ट्रंप जरूर अपना माथा पकड़ लेंगे क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि ‘नया भारत’ किसी के आगे न झुकता है और न ही किसी के दबाव में आता है। जबकि ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ सिर्फ रूस से तेल खरीदने पर लगाया था।
वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप और अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि वो रूसी तेल खरीदने पर टैरिफ लगाकर मोदी को झुका नहीं सकते।
2017 के बाद सबसे ज्यादा यूरोप को डीजल निर्यात सितंबर में
भारत की तरफ से यूरोप को इसी साल सितंबर यानी पिछले ही महीने रिकॉर्ड तोड़ डीजल निर्यात किया गया है जो कि 2017 के बाद से सबसे ज्यादा है। यूरोप में रिफाइनरी रखरखाव की वजह से डीजल की सप्लाई कम हो गई थी। जिससे भारत के डीजल निर्यात को बढ़ावा मिला। इसी के कारण पिछले महीने पांच साल के सबसे ऊंचे स्तर पर यूरोप को डीजल का निर्यात हुआ। ट्रंप यह भूल गए कि चीन और यूरोप भारत से कहीं ज्यादा रूसी ऊर्जा का आयात करते हैं लेकिन खुन्नस सिर्फ भारत के साथ क्योंकि ट्रंप को लगा था कि वो देश को डरा लेंगे।
भारत ने 30 लाख टन डीजल यूरोप को किया निर्यात
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में एशिया से यूरोप जाने वाले डीजल की मात्रा 13 लाख से 14 लाख टन (97 लाख से 1.04 करोड़ बैरल) थी। केप्लर के शिपट्रैकिंग डाटा ने बताया कि पिछले महीने सितंबर में भारत का यूरोप को कुल डीजल निर्यात करीब 30 लाख टन रहा जो कि पांच साल के सबसे ऊंचे स्तर पर था। दरअसल भारत के रिफाइनर अपने कच्चे तेल का लगभग एक तिहाई रूस से हासिल करते हैं। इससे उत्पादन बढ़ रहा है और अतिरिक्त उत्पादों को विदेश भेजा जा रहा है। इसी कारण से पेट्रोल और डीजल का शिपमेंट कई सालों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है। ये इसलिए भी हुआ कि यूरोप में रिफाइनरी रखरखाव के कारण डील की सप्लाई कम कम हो गई थी। भारत की यूरोप को डीजल निर्यात की शिपिंग कॉस्ट भी कम आई है।
पुतिन ने ट्रंप को दी चेतावनी- मोदी को झुका नहीं सकते…
ट्रंप टैरिफ के बीच जहां भारत का स्टैंड क्लियर है वहीं रूस ने भी अब अमेरिका को सख्त चेतावनी दे दी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को साफ कह दिया है कि भारत किसी के आगे झुकने वाला नहीं है। पुतिन ने साफ कहा है कि मोदी कोई भी ऐसा कदम नहीं उठा सकते जिससे भारतीयों को नुकसान हो। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए भारत से आयात को बढ़ाया जाएगा।

















