ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने हाल ही में अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ब्राजील में सत्ता पलट की कोशिश में मदद की थी। यह बयान लूला ने ब्रासीलिया में वर्कर्स पार्टी के एक कार्यक्रम में दिया। इसके साथ ही, उन्होंने अमेरिका की ओर से ब्राजील के खिलाफ लगाए जा रहे 50% आयात शुल्क की धमकी की भी कड़ी आलोचना की। लूला ने साफ कहा कि ब्राजील अब अमेरिका पर आर्थिक रूप से निर्भर नहीं है और वह बराबरी के आधार पर बातचीत चाहता है।
लूला का अमेरिका पर आरोप
लूला ने अपने भाषण में कहा, “मैं नहीं भूलूंगा कि उन्होंने (अमेरिका) यहां कूप की साजिश में मदद की थी।” उनका इशारा 2022 के चुनावों के बाद पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो की ओर से की गई उस कोशिश की तरफ था, जिसमें बोल्सोनारो ने चुनाव परिणामों को पलटने की कोशिश की थी। लूला का कहना है कि अमेरिका ने इस मामले में बोल्सोनारो का साथ दिया। यह पहली बार नहीं है जब लूला ने अमेरिका पर इस तरह का आरोप लगाया हो, लेकिन इस बार उनका लहजा बेहद तीखा था।
अमेरिका की टैरिफ वाली धमकी
अमेरिका ने हाल ही में ब्राजील से आयात होने वाले सामानों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी है। लूला ने इसे “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि यह ब्राजील जैसे देशों पर आर्थिक दबाव डालने की कोशिश है। उन्होंने इसे “राजनीतिक हथियार” के रूप में इस्तेमाल करने की निंदा की। लूला ने कहा, “हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन यह बराबरी के आधार पर होनी चाहिए, न कि दबाव में।” इसके जवाब में ब्राजील ने भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी शुल्क लगाने की बात कही है।
हम अमेरिका पर निर्भर नहीं
लूला ने जोर देकर कहा कि ब्राजील अब पहले की तरह अमेरिका पर निर्भर नहीं है। उन्होंने देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक व्यापार में बढ़ती हिस्सेदारी का हवाला दिया। लूला ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी डॉलर के विकल्प के रूप में अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दूसरी मुद्राओं को बढ़ावा देना चाहते हैं। उनका मानना है कि अमेरिका छोटे देशों पर हावी होने की कोशिश कर रहा है, जिसे वह “एकतरफा सौदों” की नीति मानते हैं।
वैश्विक मंच पर ब्राजील की स्थिति
लूला ने अपने बयान में ब्राजील की संप्रभुता और स्वतंत्रता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम एक बड़े देश हैं, हमारे पास अपनी रणनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताएं हैं।” वह चाहते हैं कि ब्राजील वैश्विक मंच पर एक मजबूत और स्वतंत्र आवाज बनकर उभरे। इसके लिए वह BRICS देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के साथ सहयोग को और मजबूत करने की बात कर रहे हैं, जिसे अमेरिका “डॉलर के खिलाफ” मानता है।
अमेरिका-ब्राजील तनाव
यह विवाद तब और गहरा गया जब अमेरिका ने बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही जांच को “विच हंट” करार दिया। लूला ने इसे ब्राजील की न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताया और कहा कि यह पूरी तरह से ब्राजील का आंतरिक मामला है। इस तनाव ने दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।











