जीवनशैली

क्या सच में खरबूजा खरबूजे को देखकर रंग बदलता है?

ऐसी कई कहावतें हैं जो हम सभी अपनी दिनचर्या में कहते हैं, उन्हीं कहावतों में से एक कहावत है कि खरबूजे को देखकर खरबूजा अपना रंग बदल लेता है।

Published by
Mahak Singh

ऐसी कई कहावतें हैं जो हम सभी अपनी दिनचर्या में कहते हैं, उन्हीं कहावतों में से एक कहावत है कि खरबूजे को देखकर खरबूजा अपना रंग बदल लेता है। अब आप सभी सोच रहे होंगे कि ये सिर्फ कहावत है या ऐसा सच में होता है, तो चलिए आज इस आर्टिकल की मदद से आप लोगों का ये भ्रम दूर करते हैं और आपको बताते हैं कि क्या वाकई इस बात में सच्चाई है कि खरबूजा खरबूजे को देखकर रंग बदलता है?

यह कहावत आमतौर पर संगति या साथ के असर को समझाने के लिए कही जाती है। इसका मतलब है कि हम जैसे लोगों के साथ रहते हैं, वैसा ही हमारा व्यवहार भी हो जाता है। इसीलिए कहा जाता है कि अच्छे लोगों की संगति करनी चाहिए ताकि हम भी अच्छे गुणों को अपना सकें। अब बात करते हैं इस कहावत के वैज्ञानिक पहलू की। दरअसल, विज्ञान में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि खरबूजा दूसरे खरबूजे को देखकर सचमुच अपना रंग बदलता है लेकिन इसमें एक वैज्ञानिक तथ्य जरूर छुपा है।

जब कोई फल पकता है, तो उसमें से एक गैस निकलती है जिसे एथिलीन (Ethylene) कहते हैं। यह गैस पास में रखे फलों को भी जल्दी पकाने में मदद करती है। इसी तरह जब एक खरबूजा पकता है, तो उसमें से एथिलीन गैस निकलती है, जो पास रखे खरबूजों को भी पकने में मदद करती है। इसलिए ऐसा लगता है कि वे एक-दूसरे को देखकर बदल रहे हैं। ये प्रक्रिया सिर्फ खरबूजे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आम, केला, अमरूद जैसे अन्य फलों में भी देखने को मिलती है।

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