नई दिल्ली (हि.स.) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच कोलंबो में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद शुक्रवार को सात समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। भारत की ओर से श्रीलंका को पांच परियोजनाओं की सौगत मिली और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
प्रधानमंत्री ने श्रीलंका के राष्ट्रपति से भारतीय मछुआरों का मुद्दा उठाया और उन्हें तुरंत रिहा किये जाने और उनकी नौकाओं को वापस भेजने पर बल दिया। वहीं श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भारत को मुश्किल वक्त का सहयोगी बताया और आश्वसन दिया कि श्रीलंका अपनी भूमि का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के प्रतिकूल किसी भी तरीके से नहीं होने देगा।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दोनों नेताओं की वार्ता के बाद पत्रकार वार्ता में बताया कि श्रीलंकाई अधिकारियों ने 11 मछुआरों को रिहा करने का निर्णय लिया है और उन्हें विश्वास है कि आने वाले दिनों में कुछ और मछुआरों को रिहा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि भारत के हितों के लिए हानिकारक श्रीलंकाई क्षेत्र (भूमि और आस-पास के सागर) के किसी भी तरीके के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग पर समझौता किया है। इससे मौजूदा रक्षा साझेदारी को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। यह क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्टेबिलिट के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित
प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री इस सम्मान को प्राप्त करने वाले केवल दूसरे विदेशी नेता और पहले भारतीय हैं।
द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने एक साथ कोलंबों में प्रेस मीट को संबोधित किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच एक महत्वाकांक्षी रक्षा सहयोग समझौते सहित अन्य महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्ष त्रिंकोमाली को ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते में भी शामिल हुए हैं।
समझौता ज्ञापन
दोनों देशों के बीच आज रक्षा, सफल डिजिटल समाधान, त्रिंकोमाली ऊर्जा केंद्र के विकास, स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग, बिजली के आयात/निर्यात के लिए एचवीडीसी इंटरकनेक्शन के कार्यान्वयन, पूर्वी प्रांत के लिए बहु-क्षेत्रीय अनुदान सहायता और फार्माकोपियल सहयोग पर सात समझौता ज्ञापन हुए हैं ।
श्रीलंका को भारत की ओर से कई सौगातें-
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत की ओर से श्रीलंका को कई सौगातें दी गईं। इसमें महो-ओमानथाई रेलवे लाइन के उन्नत रेलवे ट्रैक का उद्घाटन, महो-अनुराधापुरा रेलवे लाइन के लिए सिग्नलिंग सिस्टम के निर्माण का शुभारंभ, सामपुर सौर ऊर्जा परियोजना का भूमिपूजन समारोह (वर्चुअल), दांबुला में तापमान नियंत्रित कृषि गोदाम का उद्घाटन (वर्चुअल), श्रीलंका भर में 5000 धार्मिक संस्थानों के लिए सोलर रूफटॉप सिस्टम की आपूर्ति (वर्चुअल) शामिल है।
घोषणाएं-
इस दौरान भारत में सालाना 700 श्रीलंकाइयों के लिए व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम, त्रिंकोमाली में थिरु कोनेश्वरम मंदिर के विकास के लिए भारत की अनुदान सहायता, नुवाड़ा एलिया में सीता एलिया मंदिर, और अनुराधापुरा में सेक्रेड सिटी परियोजना; अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस 2025 पर श्रीलंका में भगवान बुद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी साथ ही ऋण पुनर्गठन पर द्विपक्षीय संशोधन समझौतों के निष्कर्ष की घोषणा की गई।
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