बांदा, (हि.स.)। एक बच्चे के लिए चने का दाना जानलेवा साबित हुआ। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू कस्बे में एक दर्दनाक हादसे में छह साल के मासूम की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि गले में चने का दाना फंस गया।
बबेरू के जमुनिया पुरवा निवासी प्रेमचंद वर्मा मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सोमवार की देर शाम उनका छह वर्षीय बेटा गोलू अपनी मां सुमन और दो बहनों के साथ बैठकर होला (भुना चना) खा रहा था। गोलू के गले में अचानक एक चने का दाना फंस गया। मासूम खांसने लगा, परिवार कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उसकी सांसें थम गईं।
परिवार के लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पलों में गोलू ने दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद पूरे घर में कोहराम मच गया। गोलू तीन बहनों और एक भाई में तीसरे नंबर का था। उसकी मौत से मां-बाप और बहनें बदहवास हैं।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के नाक-कान-गला विशेषज्ञ डॉ. शंकर कबीर ने मंगलवार को बताया कि संभवतः चने का दाना श्वास नली में फंस गया होगा। ऐसे मामलों में अगर तुरंत इलाज न मिले तो मात्र कुछ ही पलों में दम घुटने से मौत हो सकती है।
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