मोहाली । जीरकपुर की एक महिला से जुड़े यौन उत्पीड़न और बलात्कार मामले में मोहाली की पॉक्सो अदालत ने पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
बजिंदर सिंह को जुलाई 2018 में दिल्ली एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वह लंदन जाने की कोशिश कर रहा था। वह ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विज्डम’ नामक संस्था से जुड़ा हुआ था और खुद को चमत्कारी पादरी बताकर बीमारियों को ठीक करने के दावे करता है। जिसके वीडियो भी अक्सर सोशल मीडिया पर प्रमोशन कर वायरल कराए जाते हैं।
हालांकि अभी हाल फ़िलहाल में ही पादरी बजिंदर सिंह से जुड़ा एक CCTV वीडियो और सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ. जिसमे पादरी बजिंदर सिंह एक महिला और एक पुरुष से मारपीट करता दिखा।
जिस मामले में पादरी बजिंदर सिंह को सजा हुई उस मामले में पीड़िता की शिकायत पर बजिंदर सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ जीरकपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इनमें अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप उर्फ पहलवान के नाम भी शामिल थे। हालांकि, अदालत ने सबूतों के अभाव में छह आरोपियों को बरी कर दिया।
पादरी की काली करतूत
चार्जशीट के मुताबिक बजिंदर सिंह ने ताजपुर गांव स्थित चर्च में पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें कीं। वह उसे चर्च के केबिन में अकेले बुलाता और वहां उसका यौन शोषण करता। उसने पीड़िता का फोन नंबर लेकर उसे अश्लील संदेश भी भेजे।
कपूरथला पुलिस द्वारा इस गंभीर मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। वहीं अदालत की अंतिम सुनवाई के दौरान सभी आरोपी पेश हुए, जिनमें से केवल बजिंदर सिंह को दोषी पाया गया।
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