इन दिनों जेंडर बदलकर लड़का या लड़की बनने के उदाहरण आये दिन सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में एक और नया शब्द सामने आया है। उसका अर्थ बहुत ही हैरान करने वाला है। यह शब्द है transmaxxing… इसके विषय में इंटरनेट पर खोजने पर इसका अर्थ और भी हैरान करने वाला है।
इसका अर्थ है transmaxx करना। इसका अर्थ होता है कि उन सामाजिक लाभों को पाने के लिए अपने जेंडर को बदलना, जो उसके विपरीत लिंग वाले को सरकार या समाज से मिल रहे हैं। इंटरनेट पर transmaxxing फोरम भी मिलते हैं। भारत ही नहीं पश्चिम में भी महिलाओं को कुछ सामाजिक लाभ मिलते हैं, जैसे सस्ता कार बीमा, फ्री में खाना, और अगर लड़की की शादी किसी ठीकठाक पैसे वाले आदमी से हो जाती है तो उसकी जिंदगी उसके जीवनसाथी की तुलना में काफी आसान हो जाती है। ऐसे पुरुष जो महिलाओं से घृणा करते हैं, उन्हें incel कहा जाता है। ये पुरुष भी महिलाओं को मिल रहे सामाजिक एवं सरकारी लाभों को पाने के लिए महिला के रूप में जेंडर परिवर्तन करवा रहे हैं। डेली मेल ने Transmaxxing Manifesto का भी उल्लेख अपनी रिपोर्ट में किया है।
यह कल्पना ही हास्यास्पद है कि एक विकृत मानसिकता से भरे आंदोलन का घोषणापत्र (Manifesto) भी हो सकता है? इसके घोषणापत्र में लिखा है कि कैसे महिला बनने का लाभ यह है कि उन्हें महिलाओं की नजाकत और सुंदरताबोध के कारण ऊंचा स्थान मिलता है और कैसे वे महिला बनकर पुरुषों के हाथों से संसाधन जाने से बचा सकते हैं। इसके साथ ही उसमें यह भी लिखा है कि कैसे यह परिवर्तन उन्हें महिलाओं की जगहों पर जाने देता है, जो बहुत साफ होते हैं और आम तौर पर सुकून देने वाले होते हैं।
ऐसे ही एक पुरुष का इंटरव्यू डेलीमेल ने प्रकाशित किया है, जिसने पुरुषों वाली मेहनत न करने के कारण अपना जेंडर बदलवा दिया। इसका पूरा इंटरव्यू चैनल 4 की डाक्यूमेन्ट्री Transmaxxer Life Uncovered में दिया गया है। इसमें सैमी नामक महिला आई थी, जिसमें उसने पुरुषों को प्रभावशाली, सफल, मिलनसार, आत्मविश्वासी और लचीला बताया है। उसने बताया है कि वह कभी भी “उच्च मूल्यों” वाला पुरुष नहीं था, और महिला होने की फायदे अपने निजी लाभ के लिए ले रहा है। उसने बताया कि जबसे उसने हार्मोन थेरेपी लेनी शुरू की है, तभी से उसे पुरुषों से मुफ्त का खाना और ड्रिंक्स मिल रहे हैं और अब तो उसका एक बॉयफ्रेंड भी है।
उस क्लिप में वह कहती है, ‘मैं एक ‘सच्चा पुरुष’ बनने के लिए सप्ताह में 70 घंटे काम नहीं करना चाहती या कोई निजी प्रशिक्षक नहीं रखना चाहती थी।’ सैमी का कहना एकदम स्पष्ट है कि उसे पुरुषों के जितनी मेहनत नहीं करनी है और महिलाओं को मिलने वाले लाभ लेने हैं, इसलिए उसने अपना जेंडर परिवर्तन कराया है और उसका यह भी कहना है कि परंपरागत हाउस वाइफ बनने के लिए उसे काफी मेहनत करनी होगी।
ऐसा नहीं है कि सैमी अकेला ही ऐसा आदमी है, जिसने महिलाओं के सामाजिक और सरकारी लाभ पाने के लिए यह किया है। दरअसल transmaxxing का जो घोषणापत्र है, उसमें ऐसी कई कहानियां हैं। मगर सबसे महत्वपूर्ण है ऐसे पुरुषों का महिला में बदलना, जो महिलाओं से घृणा करते हैं।
इस मैनिफेस्टो में किसी ने लिखा है कि “Former incel, current happy trans girl.” अर्थात भूतपूर्व इन्सेल मगर अभी खुश ट्रांस गर्ल!
यह दृश्य ही कल्पना से परे है कि वे आदमी जो महिलाओं से घृणा करते हैं, वे हार्मोनल थेरेपी लेकर या सर्जरी के माध्यम से महिलाओं की दुनिया में कदम रख रहे हैं, और इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण यह कि जेंडर बदलवाकर महिला बने पुरुष पुलिस अधिकारी ब्रिटेन में अब शायद महिलाओं की निर्वस्त्र तलाशी भी ले सकेंगे। मगर उससे भी बढ़कर यह सोच ही विकृत है कि महिलाओं को मिल रहे सामाजिक और सरकारी अधिकार महिलाओं को न मिल सकें, इसलिए पुरुष महिला बन जाएं!
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