बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार लगातार अपने विरोधियों की आवाजों को कुचलने की कोशिशों में लगी हुई है। इसके लिए ऑपरेशन डेविल हंट चालू किया गया है, जिसके तहत बीते 24 घंटे के अंदर 743 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही स्थानीय पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस देशव्यापी अभियान में इसी अवधि के दौरान विभिन्न वारंटों और मामलों में 914 अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
इस अभियान की शुरुआत 9 फरवरी को हुई थी। सरकार कहती है कि इस अभियान का उद्येश्य अशांति को रोकना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लेकिन इसके बहाने सरकार अपने विरोध में उठने वाली हर उस आवाज को कुचलने का काम कर रही है। डेविल हंट अर्थात शैतान का शिकार। यह शैतान कौन लोग हैं? ये शैतान वे लोग हैं, जो मोहम्मद यूनुस की सरकार के कदमों का विरोध करते हैं या उनके प्रति असहमति व्यक्त करते हैं।
इस ऑपरेशन के क्षेत्र में बात करते हुए गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने संवाददाताओं को बताया था कि अभियान का ध्यान उन व्यक्तियों को हिरासत में लेने पर होगा जो देश की स्थिरता के लिए खतरा पैदा करते हैं और यह तब तक जारी रहेगा जब तक सभी शैतानों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता। उन्होंने सॉइल रीसोर्स इंस्टीट्यूट में नई सॉइल बिल्डिंग का उद्घाटन करने के बाद कहा था, “ऑपरेशन डेविल हंट तब तक जारी रहेगा जब तक हर शैतान को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता।”
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अब ऐसे में यह प्रश्न उठना लाजिमी है कि शैतान कौन है? सरकार की नजरों में शैतान कौन हैं? इसका भी जबाव देते हुए सलाहकार मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि हर वह व्यक्ति शैतान है, जो देश में अस्थिरता को बढ़ावा देता है और कानूनों का उल्लंघन करता है। शुक्रवार को गाजीपुर में विद्यार्थियों और आम लोगों पर कथित गंभीर हमले के बाद इस ऑपरेशन को शुरू किया गया।
इस अभियान को आरंभ करने के बाद बांग्लादेश की यूनुस सरकार का दमनचक्र आरंभ हो गया है। डेविल हंट में हर उस व्यक्ति की आवाज को दबाया जा रहा है, जो यूनुस का विरोध कर रहा है।
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