पंजाब

उलझती जा रही है अमृतसर में बाबा साहब भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा से हुई अभद्रता की घटना

- भाजपा की जांच समिति गठित, सवाल कि प्रतिमा पर सीढ़ी किसने लगाई

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राकेश सैन

अमृतसर में 26 जनवरी को बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा के साथ की गई तोडफ़ोड़ व अभद्रता को लेकर मामला उलझता ही जा रहा है। इस बारे  नया खुलासा हुआ है, जिसमें हेरिटेज स्ट्रीट स्थित इस प्रतिमा का अपमान किए जाने के मामले में नगर निगम की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले ही निगम के दमकल विभाग ने प्रतिमा के पास सीढ़ी लगा दी थी। जांच के दौरान दमकल विभाग की ओर से संबंधित जगह पर सीढ़ी लगाने का सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आ गया है। यह फुटेज 25 जनवरी की रात का है। करीब 8:45 बजे दमकल विभाग की गाड़ी प्रतिमा के नजदीक पहुंची और वहां पर विभाग के कर्मचारियों ने सीढ़ी प्रतिमा के पास लगा दी। यह सीढ़ी सारी रात ही वहीं पर ही लगी रही और गणतंत्र दिवस वाले दिन भी लगी रही। जांच की जा रही है कि निगम की तरफ से यहां पर सीढ़ी किसके कहने पर लगाई गई थी। ज्ञात रहे कि गणतंत्र दिवस वाले दिन शाम पौने पांच बजे के करीब मोगा धर्मकोट का आकाशदीप सिंह बाबा साहिब की प्रतिमा के पास पहुंचा और वहां पर पहले संविधान की बनी किताब को आग लगाई और उसके बाद सीढ़ी पर चढ़ गया और बाबा साहिब की प्रतिमा पर हथौड़े मारे थे जिस की जांच चल रही है।

पूरी घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने घटना की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी जांच रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी। कमेटी में यूपी राज्यसभा सांसद व पूर्व डीजीपी, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री सोमप्रकाश, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरुप्रकाश पासवान, यूपी के मंत्री असीम अरुण और अंबाला से भाजपा महिला नेता बंतो कटारिया को शामिल किया गया है।

दुबई से लौटकर आया है आरोपी आकाशपदीप

घटना के अंजाम देने वाले आरोपी आकाशदीप की मां आशा रानी का कहना है कि बेटे का उनसे कोई रिश्ता नहीं है। आकाशदीप सिंह तीन भाई और एक बहन है। बारहवीं तक पढ़ाई के बाद वह काम की तलाश में दुबई चला गया था। आकाशदीप की बहन मस्कट में रहती है। मोगा में उसके माता-पिता और दो छोटे भाई हैं। माता-पिता मजदूरी करते हैं। आकाशदीप का एक भाई पढ़ाई कर रहा है और दूसरा मजदूरी करता है। आकाशदीप ने दुबई जाने के बाद घर के साथ कोई संपर्क नहीं रखा। वह चार महीने पहले दुबई से भारत आ गया था। लेकिन अमृतसर में किराए के मकान में रहने लगा।

 

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राकेश सैन