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हिंदुओं के मंदिरों को हिंदू बोर्ड के अधीन करे सरकार : धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

तिरुपति मंदिर प्रसाद विवाद पर जमकर बरसे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, सम्पूर्ण प्रकरण को बताया-'सनातनियों के खिलाफ षड्यंत्र'

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SHIVAM DIXIT

छतरपुर । तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद को लेकर उठे विवाद पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का बयान सामने आया है। शुक्रवार रात अपने प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि अगर तिरुपति मंदिर के प्रसाद में चर्बी घी का इस्तेमाल होने की खबर सत्य है, तो यह सनातन धर्म और हिंदुओं के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि हिंदू मंदिरों को जल्द ही हिंदू बोर्ड के अधीन किया जाए, ताकि सनातन धर्म और आस्थाओं को किसी भी तरह की ठेस न पहुंचे।

“यह षड्यंत्र सनातन धर्म को कमजोर करने का प्रयास”

धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा, “अगर तिरुपति बालाजी के लड्डू प्रसाद में चर्बी का घी मिलाने की सूचना सत्य है, तो यह बहुत बड़ा अपराध है। यह न केवल सनातनियों की आस्था के खिलाफ है, बल्कि यह धर्म भ्रष्ट करने का भी प्रयास है। यह सुनियोजित षड्यंत्र है, और हमें इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए।”

उन्होंने इस मामले की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू मंदिरों को हिंदू बोर्ड के अधीन किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

“सख्त कानून और एकजुटता की आवश्यकता”

शास्त्री ने कहा, “भारत के सभी तीर्थस्थलों की बारीकी से जांच होनी चाहिए, ताकि सनातनियों की आस्था पर किसी भी प्रकार का आघात न हो। सरकार को ऐसे मामलों पर सख्त से सख्त कानून बनाना चाहिए, और दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।”

उन्होंने भारत के सभी सनातनी धर्मावलंबियों से एकजुट होकर ऐसे षड्यंत्रों के खिलाफ तैयार रहने की अपील की।

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