भारत

2027 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा- गीता गोपीनाथ

इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसने भारत के आर्थिक विकास की दिशा में एक नया उत्साह पैदा किया है।

Published by
Mahak Singh

इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसने भारत के आर्थिक विकास की दिशा में एक नया उत्साह पैदा किया है। गीता गोपीनाथ का मानना ​​है कि वर्ष 2027 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उनका यह बयान न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है, बल्कि इसके उज्ज्वल भविष्य की ओर भी इशारा करता है।

भारत की वर्तमान स्थिति और संभावनाएं

वर्तमान में, भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और इसके विकास की गति बेहद प्रभावशाली रही है। गीता गोपीनाथ के अनुसार, भारत की विकास दर उम्मीद से कहीं बेहतर है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले वित्तीय वर्ष में जिस प्रकार का प्रदर्शन किया है, वह हमारी अपेक्षाओं से अधिक सकारात्मक है।

इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए गीता गोपीनाथ ने कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था पिछले वित्तीय वर्ष में हमारी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही है।” उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत की आर्थिक विकास दर में स्थिरता दिखाई दे रही है और विभिन्न सेक्टरों में सुधार देखा जा रहा है।

विकास दर में सुधार के पीछे के कारण

भारत की विकास दर में सुधार के कई प्रमुख कारण हैं, जिन्हें गीता गोपीनाथ ने विस्तार से स्पष्ट किया। सबसे पहले, उन्होंने खपत में हो रहे सुधार का उल्लेख किया। खपत में वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो कि बाजार में मांग और उत्पादन दोनों को बढ़ावा देती है।

इसके अलावा, गीता गोपीनाथ ने दोपहिया वाहनों की बिक्री में हो रही वृद्धि और FMCG (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) सेक्टर में वापस आने वाले सकारात्मक रुझानों को भी रेखांकित किया। ये संकेत इस बात की पुष्टि करते हैं कि उपभोक्ता विश्वास और खर्च में सुधार हो रहा है, जो अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत हैं।

कृषि क्षेत्र का प्रभाव

भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस वर्ष मानसून के बेहतर रहने से फसलों की अच्छी पैदावार की उम्मीद है, जो कृषि आय में वृद्धि का कारण बनेगी। कृषि आय में वृद्धि न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि यह उपभोक्ता खर्च और खपत को भी बढ़ावा देगी, जिससे देश की समग्र आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

विकसित राष्ट्र बनने की ओर कदम

गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया था। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि 2047 तक विकसित भारत केवल एक नारा नहीं है, बल्कि इसके पीछे देश की कड़ी मेहनत और योजना है। गीता गोपीनाथ का यह बयान इस दृष्टिकोण को और मजबूत करता है, और यह संकेत देता है कि भारत सही दिशा में बढ़ रहा है।

गीता गोपीनाथ के बयान से पहले, एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रशंसा की थी। ADB ने भारत के जीडीपी पूर्वानुमान को 7 प्रतिशत पर बरकरार रखा है, जबकि IMF ने भी अपने अनुमान में सुधार करते हुए इसे 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आर्थिक प्रगति को मान्यता मिल रही है।

 

 

 

 

 

Share
Leave a Comment