गुजरात

मौलवी केस में बड़ा खुलासा, पाकिस्तान का कनेक्शन निकला, हिंदू रहते थे निशाने पर

हिन्दू नेताओं को धमकी देते थे मौलवी और उसके साथी, 17 वर्चुअल नंबर और 42 ई-मेल आईडी का किया गया इस्तेमाल

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सोनल अनडकट

कर्णावती: हिंदूनिष्ठ संगठनों के नेताओं को फोन पर जान से मारने की धमकी देने वाले सूरत के कठोर गाँव निवासी मौलवी सोहेल टिमोल, मुज़फ्फरपुर के शहनाज़ और महाराष्ट्र के शकील से पूछताछ में बड़ी जानकारी सामने आई है। पुलिस की जांच में पाकिस्तान और नेपाल का कनेक्शन मिला है। पुलिस को फर्जी दस्तावेज भी हाथ लगे हैं।

इस पूरे मामले की जांच के लिए पुलिस ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की। सूरत क्राइम ब्रांच, NIAऔर सेन्ट्रल एजेन्सियोंने मौलवी के कठोर स्थित घर पर मौलवी को साथ रखकर छापा मारा था। मौलवी के घर से पुलिस को उसके नाम के दो वोटिंग कार्ड और जन्म का प्रमाणपत्र मिला है। इनमें से एक सूरत के कठोर का था और दूसरा महाराष्ट्र के नवापुर का था। शहनाज़ के पास से नेपाल और भारत की नागरिकता के दस्तावेज मिले हैं। इन डॉक्यूमेंट का कहां-कहां उपयोग किया गया है, इस पर पुलिस ने जांच शुरू की है।

आरोपी पाकिस्तान के हैंडलर डोगर के संपर्क में थे। हिंदू विचारधारा के साथ जुड़े हुए लोगों से मौलवी, शहनाज और शकील अलग-अलग वर्चुअल नंबर से संपर्क करते थे और उनको फोन पर धमकी देते थे। शहनाज़ भारत-नेपाल बॉर्डर पर गांव लहान में गारमेंट्स का धंधा करता था और वह पाकिस्तानी हैंडलर के साथ संपर्क में था। मौलवी सोहेल पाकिस्तान के डोगर के संपर्क में था और डोगर तमाम आरोपियों को उकसाने का काम करता था। हिन्दू विचारधारा से जुड़े जो लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव थे, वह सब उनके निशाने पर थे। सोशल मीडिया पर हिन्दुओं के बारे में विचार रखने या मुसलमान के खिलाफ कुछ भी लिखने या कमेंट्स करनेवालों को वह रडार पर रखते थे। बाद में फोन पर धमकी देते थे। हिंदूवादी विचारधारा रखनेवालों को वर्चुअल कॉल कर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। आरोपी जिस फोन नंबर का उपयोग करते थे वह नंबर भी डोगर ही एक्टिव कराकर देता था। सरफराज, सादिक, एम वखास और जशबाबा जैसे और भी पाकिस्तानी हैंडलर्स के नाम सामने आए हैं। तमाम आरोपी इन सब हैंडलर्स के साथ क्या बातचीत करते थे? मौलवी को मिला हुआ फंड कहा से आया और किसने दिया इस दिशा में भी पुलिस ने जांच शुरू की है। धमकी देने के लिए 17 अलग-अलग नंबर और 42 ई-मेल आईडी का इस्तेमाल किया गया।

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