'ऑपरेशन मेघदूत' के 40 साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने जारी किया वीडियो, दुनिया ने की सराहना
July 7, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

‘ऑपरेशन मेघदूत’ के 40 साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने जारी किया वीडियो, दुनिया ने की सराहना

भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन मेघदूत' के 40 साल पूरे होने पर एक वीडियो जारी किया है। जिसमें दिखाया गया कि दुर्गम इलाकों में भारतीय सेना के जवान बड़ी सतर्कता के साथ वहां खड़े हैं।

Written byMahak SinghMahak Singh
Apr 15, 2024, 03:52 pm IST
in भारत

13 अप्रैल, 2024 को भारत ने सियाचिन ग्लेशियर पर 40 गौरवशाली वर्ष पूरे किए। 1984 में ऑपरेशन मेघदूत के तहत सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेकर भारतीय सेना ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प की अनूठी मिसाल कायम की। हिमालय की काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है। यह क्षेत्र समुद्र तल से 5,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके अलावा यह अपनी कठिन परिस्थितियों और बर्फीली चोटियों के लिए भी जाना जाता है। 1984 से यानी पिछले 40 सालों से इस इलाके पर नियंत्रण को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद चल रहा है। लेकिन जब से भारतीय सेना यहां पहुंची है तब से यहां भारत का तिरंगा शान से लहरा रहा है।

ऐसे में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन मेघदूत’ के 40 साल पूरे होने पर एक वीडियो जारी किया है। जिसमें दिखाया गया कि दुर्गम इलाकों में भारतीय सेना के जवान बड़ी सतर्कता के साथ वहां खड़े हैं। वीडियो में भारतीय सेना के जवानों को सफेद चादर से ढके ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ते हुए दिखाया गया है। वीडियो में ‘सियाचिन ग्लेशियर’ में ऑपरेशन मेघदूत के 40 साल के सफर को दिखाया गया है। सियाचिन ग्लेशियर पर फहराए गए तिरंगे को भी शेयर किया गया है।

#WATCH | Indian Army releases a video on the occasion of 40 years of Operation Meghdoot in the world's highest battlefield Siachen Glacier in Ladakh. pic.twitter.com/NOcVYr7k5H

— ANI (@ANI) April 13, 2024

‘ऑपरेशन मेघदूत’ की ऐसे हुई थी शुरुआत

पाकिस्तानी जनरलों ने अपना दावा मजबूत करने के लिए 1983 में सियाचिन में सेना की एक टुकड़ी भेजने का फैसला किया। भारतीय सेना के पर्वतारोहण अभियानों के कारण उन्हें यह डर सताने लगा कि कहीं भारत सियाचिन पर कब्जा न कर ले। इस कारण उन्होंने पहले अपनी सेना भेजने का निर्णय लिया। इसके लिए पाकिस्तान ने लंदन के एक सप्लायर को ठंड से बचाने वाले कपड़ों का ऑर्डर दिया था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वही सप्लायर भारत को भी ठंड से बचाने वाले कपड़े सप्लाई करता है।
जब भारत को इस बात का पता चला तो उसने पाकिस्तान से पहले सियाचिन में सेना भेजने की योजना तैयार की। भारत ने उत्तरी लद्दाख में सेना और ग्लेशियर के कई अन्य हिस्सों में अर्धसैनिक बलों को तैनात करने का निर्णय लिया। इसके लिए 1982 में अंटार्कटिका में एक अभियान में भाग लेने वाले ऐसे सैनिकों का चयन किया गया, जो ऐसी विपरीत परिस्थितियों में रहने के आदी थे।

भारतीय सेना ने पाकिस्तान की निर्धारित तिथि 17 अप्रैल से केवल चार दिन पहले 13 अप्रैल 1984 को पाकिस्तानी सेना को हराने और ग्लेशियर पर कब्जा करने का फैसला किया। इस ऑपरेशन का कोडनेम ‘ऑपरेशन मेघदूत’ रखा गया। इस ऑपरेशन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल प्रेम नाथ हून को दी गई। वह उस समय जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर 15 कॉर्प के जनरल कमांडिंग ऑफिसर थे। भारतीय सेना के कर्नल नरिंदर कुमार के नेतृत्व में चढ़ाई शुरू हुई।

सियाचिन पर पाकिस्तान के पहुंचने से पहले ही भारत ने कब्जा कर लिया था

ऑपरेशन मेघदूत की शुरुआत वायु सेना के जहाजों के माध्यम से सेना के जवानों को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ हुई। इसके लिए वायुसेना ने सामान ढोने के लिए एनएन-12, एएन-32 और आईएल-76 विमान तैनात किए, जो सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित एयरबेस पर सैनिकों और सामान को पहुंचाने लगे। इसके बाद एमआई-8, चेतक, एमआई-17 और चीता हेलीकॉप्टरों के जरिए सेना को वहां से आगे पहुंचाया गया।

इस ऑपरेशन का पहला चरण मार्च 1984 में शुरू हुआ, जब सेना ने ग्लेशियर के पूर्वी बेस पर अपना पहला कदम रखा। इस टीम का नेतृत्व कर रहे लेफ्टिनेंट कर्नल डीके खन्ना ने पाकिस्तानी रडार से बचने के लिए आगे का रास्ता पैदल ही तय करने का फैसला किया था। इसके लिए सेना को कई टुकड़ियों में बांट दिया गया। मेजर आरएस संधू के नेतृत्व में पहली टुकड़ी को ग्लेशियर पर कब्जा करने के लिए आगे भेजा गया।

Topics: Indian Armyladakhऑपरेशन मेघदूतoperation meghdootworld highest battlefieldsiachen glacierसियाचिन ग्लेशियरpakistan news40 years completedPakistanIndia News In Hindiभारतीय सेना
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

शोपियां: घने बाग में छिपे लश्कर के 2 आतंकी, सेना ने चारों ओर से घेरा, ऑपरेशन जारी

आज का इतिहास

4 जुलाई का इतिहास: टाइगर हिल विजय और स्वामी विवेकानंद स्मृति दिवस, जानें इस दिन की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

PoJK में पाकिस्तान के खिलाफ तेज़ हुई बगावत, हजारों लोगों ने कहा— “हमें पाकिस्तान में नहीं रहना”

प्रतीकात्मक तस्वीर

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों पर सेना का फैक्ट चेक, कहा-‘ये बेबुनियाद’

सम्मी दीन बलोच (File Photo)

खुद को ‘शांतिदूत’ दिखाने को बेचैन जिन्ना के देश से सम्मी बलोच का सवाल-‘कहां हैं 17 साल पहले अगवा किए मेरे अब्बू?’

हाफिज सईद

हाफिज सईद के करीबी माने जाने वाले 3 आतंकियों की रहस्यमयी मौत

Load More

ताज़ा समाचार

कोर्ट (प्रतीकात्मक चित्र)

ताजमहल में तेजो महालय मंदिर : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और ASI से मांगा जवाब

हिमंत बिस्व सरमा, मुख्यमंत्री, असम

असम विधानसभा की अधिकारिक भाषा हिन्‍दी : राष्ट्रीय एकता के लिए पूर्वोत्तर से हिमंत सरकार का बड़ा संदेश

अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री

अमित शाह ने बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा की रखी आधारशिला, कहा-‘सोनार बांग्ला’ बनाना भाजपा सरकार का संकल्प

किताब में आतंकियों का किया गया महिमामंडन

किताबों में आतंकियों को हीरो बनाने का मामला :  जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू और नोएडा में मारा छापा

स्वर्णांकित रामचरित मानस, कागभुशुंडि जी महाराज और भगवान राम का कंठाहार दिखाते श्री गोविंद देव गिरि जी महाराज

चम्पत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, ट्रस्ट के कार्यकारी महासचिव बने कृष्ण मोहन, दान और चढ़ावा की राशि सार्वजनिक

स्वर्णांकित रामचरित मानस, कागभुशुंडि जी महाराज और भगवान राम का कंठाहार दिखाते श्री गोविंद देव गिरि जी महाराज

रामचरितमानस, कागभुशुंडि जी, हार समेत सभी वस्तुएं सुरक्षित, ट्रस्ट ने दिखाया वो सब जिन्हें गायब होने का किया गया था दावा

भारतीय रेल (प्रतीकात्मक चित्र)

टनकपुर-नांदेड एक्सप्रेस, नांदेड-मुंबई एक्सप्रेस, टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन सेवा का शाहजहांपुर तक विस्तार

कांवड़ यात्रा में शामिल शिव भक्त। (फाइल फोटो)

उत्तराखंड: कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्य सचिव ने की मैराथन बैठक, शिवभक्तों के लिए सुरक्षा की समीक्षा

पाकिस्तानी ड्रामा ज़ब्त का विवादित दृश्य

पाकिस्तानी ड्रामा ज़ब्त का एपिसोड क्यों हुआ यूट्यूब पर बैन?

CM ने रथयात्रा से पूर्व अंतिम समीक्षा बैठक में तैयारियों की समीक्षा की; समन्वय, सुरक्षा उपायों और सुचारु आयोजन पर जोर

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies