Israel hamas war: इजरायली सैनिक नोआ मारिसिआनो की हत्या का वीडियो और सोशल मीडिया पर दिख रही हमास की नृशंसता

वीडियो के अंत में एक लड़की दिखाई देती है और जिसे लेकर वह “सबिया” शब्द का प्रयोग कर रहे हैं। सबिया का अर्थ होता है “सेक्स स्लेव!” इस वीडियो के नीचे एक यूजर ने इस कथन का अनुवाद करते हुए लिखा है कि आतंकी कहता है कि “यह एक महिला युद्ध कैदी है, इसे रखो!”

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सोनाली मिश्रा

आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर को अगवा की गयी सैनिक नोआ मारिसिआनो की हत्या का एक वीडियो जारी किया है। हमास का कहना है कि उसकी हत्या गत गुरुवार को इजरायल द्वारा की गयी गोलीबारी में हुई है। वहीं इजरायल की सेना ने इस वीडियो की पुष्टि करते हुए नोआ की हत्या की बात मानी है और इसे मनोवैज्ञानिक आतंकवाद की संज्ञा दी है।

नोआ एक इंटेलिजेंस यूनिट में कार्यरत थीं और जब हमास ने हमला किया था तब वह किब्बुत्ज़ नहल में एक पोस्ट पर तैनात थीं। इजरायल ने इसे मनोवैज्ञानिक आतंकवाद इसलिए कहा है क्योंकि इसमें नोआ को कैमरे में खुद के बारे में और अपने परिवार के बारे में बोलते हुए दिखाया जा रहा है। वह बता रही हैं कि उन्हें गाजा में रखा गया है और वह अन्य बंधकों के साथ चार दिनों से गाजा में हैं। वह वीडियो में इजरायल की सेना से युद्ध रोकने की अपील करती हुई दिखाई दे रही हैं, और यह कह रही हैं कि नज़दीक हो रहे विस्फोट उन्हें और अन्य बंधकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और उसके बाद उनका शव दिखाई दे रहा है।

इससे पहले भी कुछ और बंधकों का ऐसी ही अपील करते हुए वीडियो जारी किया गया था कि युद्ध रोक दिया जाए। हालांकि अभी तक किसी भी मीडिया की रिपोर्ट में यह साबित नहीं हुआ है कि नोआ की मृत्यु कैसे हुई। वहीं कई लोगों का यह भी दावा है कि नोआ की मृत्यु प्रताड़ना के चलते हुई है। वहीं हमास के आतंकियों द्वारा किस प्रकार आम लोगों को मानव ढाल के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, वह कई वीडियो से नजर आ रहा है। और कैसे मीडिया भी उन लोगों की पीड़ा नहीं दिखा रहा है जो हमास के हमलों का शिकार हो रहे हैं।

इजरायल का यह कहा जाना कि ऐसे वीडियो और हत्याएं मनोवैज्ञानिक आतंकवाद है, इसलिए भी उचित हैं क्योंकि आम तौर पर बंधकों से बयान बहुत दबाव में लिए जाते हैं और उनके वह बयान अपहरणकर्ताओं की इच्छा के अनुसार होते हैं। इजरायल के अनुसार यह वीडियो उस जनता को प्रभावित करने के लिए है जो पहले से ही 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमलों से उबर नहीं पाई है।

वहीं इजरायल के सैनिकों द्वारा कई ऐसे वीडियो प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनमें बंधकों को किन अमानवीय स्थितियों में रखा गया है वह देखा जा सकता है। ऐसे ही एक वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे अस्पताल के नीचे सुरंग में बंधकों को रखा गया था। यह वीडियो रंतिशी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल गाजा का है और इस वीडियो में देखा जा सकता है कि इसमें एक गहरी सुरंग है और इस सुरंग से नीचे जाने पर यह दिखाई देता है कि कई डाइपर वहां पर बिखरे पड़े हैं और बच्चों की फीडिंग बोतल भी वहां पर है। रस्सियों के टुकड़े हैं, जो इस सैनिक के अनुसार यह संकेत कर रहे हैं कि हो न हो बंधकों को यहीं रखा गया था।

वहीं इंटरनेट पर 7 अक्टूबर के हमले के कई और वीडियो सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो सामने आया जिसमें एक शेल्टर पर बम से हमला करने के बाद हमास के आतंकियों ने जिंदा बचे लोगों को बांटा और इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे कुछ लोग बहुत बुरी तरह से घायल हैं, कुछ के हाथ उड़ गए हैं तो कई खून से नहाए हैं।

इस वीडियो के अंत में एक लड़की दिखाई देती है और जिसे लेकर वह “सबिया” शब्द का प्रयोग कर रहे हैं। सबिया का अर्थ होता है “सेक्स स्लेव!” इस वीडियो के नीचे एक यूजर ने इस कथन का अनुवाद करते हुए लिखा है कि आतंकी कहता है कि “यह एक महिला युद्ध कैदी है, इसे रखो!”

ऐसा ही एक और मामला यनाई और लिएल का है। जिनकी उम्र मात्र 12 वर्ष की थी। जहां यनाई की मृत्यु हमास के आतंकियों द्वारा 7 अक्टूबर को उसकी दादी और आंटी के साथ हो गयी थी, जो उनका पालनपोषण कर रही थीं, तो वहीं लिएल का शव नहीं मिला था – उसके शव की पहचान नहीं हो पाई थी।

38 दिनों बाद लिएल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। चूंकि दफनाने के लिए उसके शरीर के पर्याप्त अवशेष नहीं थे, इसलिए परिवार ने उसके मनपसन्द खिलौनों को दफना दिया।
इस परिवार के चार लोग मारे गए और इन जुड़वां बच्चों की वह माँ अकेली रह गयी है, जो बच्चों को जन्म देने के बाद ब्रेन डैमेज से पीड़ित थी।

jewishnewsUK के फॉरेन एडिटर जोटम कांफिनो ने हमास द्वारा 7 अक्टूबर को की गयी यौन हिंसा के विषय में भी X पर पोस्ट लिखी है जिसमें उन्होंने बताया है कि महिलाओं के शवों के साथ बलात्कार किया गया। और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कैसे कई हमास आतंकवादियों ने एक महिला को बालों से खींचा और एक-एक कर उसका बलात्कार किया। एक आतंकवादी ने उसका स्तन काटा और उसके साथ दूसरा आतंकवादी गेंद की तरह खेल रहा था।

अंतिम आतंकवादी जिसने उसके साथ बलात्कार किया, उसने पहले उसके सिर में गोली मारी और फिर तब तक उसके साथ बलात्कार करता रहा, जब तक वह मर नहीं गयी। और प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया कि कैसे कुछ आतंकवादी कटे हुए सिर ट्राफी के रूप में लेकर जा रहे थे और एक ने यह भी बताया कि एक हमास आतंकवादी एक निर्वस्त्र लड़की को अपने कंधे पर ले जा रहा था।

स्तन काटना, यह शब्द भारतीयों के लिए नया नहीं है क्योंकि भारत विभाजन के समय पाकिस्तान से जो ट्रेनें आ रही थीं, उनमें न जाने कितनी ऐसी अभागन हिन्दू महिलाओं के शव थे जिनके स्तन काट लिए गए थे। ऐसी न जाने कितनी दर्द और पीड़ा से भरी कहानियां अभी सामने आनी हैं। हालांकि भारत के लिए न ही यह दर्द नया है और न ही कहानियां अपरिचित हैं। भारत तो दशकों या कहा जाए कि सदियों से इसी नृशंसता का सामना करता आया है।

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