राजस्थान: उत्तराखंड के सीएम ने अमृता देवी विश्नोई के बलिदान को किया नमन, कहा- हम पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक रहे हैं
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राजस्थान: उत्तराखंड के सीएम ने अमृता देवी विश्नोई के बलिदान को किया नमन, कहा- हम पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक रहे हैं

श्रीगंगा नगर और सूरत गढ़ में सीएम धामी ने जनसभाओं को किया संबोधित

Written byविशेष संवाददाताविशेष संवाददाता
Sep 12, 2023, 03:30 pm IST
inभारत, उत्तराखंड, राजस्थान
राजस्थान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया गया स्वागत

राजस्थान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया गया स्वागत

श्रीगंगानगर।  राजस्थान के मानकसर गांव में एक जनसभा में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजस्थान से उनके पूर्वजों के संबंध रहे  हैं। गुरु जम्भेश्वर जी को स्मरण करते हुए धामी ने कहा कि गुरु जम्भेश्वर जी ने जीवन में 29 नियम अपनाने के लिए कहा था। उनके द्वारा दिये गए नियमों को आत्मसात कर आज विश्नोई समाज वाणी पर संयम रखने के साथ ही अन्य नियमों का पालन कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्थान में वन एवं पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाली अमृता देवी विश्नोई के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड जैसे हिमालय क्षेत्र में वन संरक्षण को लेकर हुए चिपको आंदोलन से तो काफी लोग वाकिफ हैं। परंतु इससे सैकड़ों वर्ष पहले राजस्थान में भी अमृता देवी जी के नेतृत्व में चिपको जैसा आंदोलन हो चुका है, जिसमें पेड़ों को बचाने के लिए 363 लोगों ने अमृता देवी जी के नेतृत्व में बलिदान दिया। इस प्रकार हम पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक रहे हैं। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाना हमारा संस्कार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुरखों ने प्रकृति और मानव के सह-अस्तित्व पर एक समृद्ध विचारधारा को पोषित किया और आज सदियों बाद भी, हम उस विचार का, उतनी ही निष्ठा से अनुसरण करते आ रहे हैं।  हमारी संस्कृति में वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण दोनों का ही एक वैभवशाली और अनुसरणीय इतिहास रहा है। अमृता देवी जी और उनके साथियों के बलिदान की गाथा को कोई नहीं भूल सकता। इस महिला सत्याग्रही ने पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को नए अर्थों में परिभाषित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आज भारत एक शक्तिशाली और सुरक्षित राष्ट्र बन चुका है। हमें भी राष्ट्रविरोधी शक्तियों को परास्त कर राष्ट्रवादी शक्तियों को विजयी बनाने का कार्य करना है। आपके एक वोट का ही कमाल है जो आज भारत शक्तिशाली देश बनकर उभर रहा है। आज भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलना भारतवासियों के लिए गर्व की बात है। आप स्वयं देख रहे हैं कि दिल्ली में संपन्न हुये तीन दिवसीय जी-20 के सम्मेलन में भारत ने अपनी शक्ति और सामर्थ्य का परिचय संपूर्ण विश्व को किस प्रकार कराया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वह दिन अब दूर नहीं जब भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आरूढ़ होगा। इसमें हम सबको सहयोगी बनना होगा।

मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिक सम्मान समारोह में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड और वीरभूमि राजस्थान सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। उत्तराखंड ने आध्यात्मिक क्षेत्र में जहां दुनिया को एक नई राह दिखाने का कार्य किया है, वहीं राजस्थान की महान धरती की प्राचीनकाल से ही अपनी अद्धितीय सांस्कृतिक विरासत रही है। राजस्थान प्राचीन काल से ही वीर भूमि रही है। यहां के वीरों तथा वीरांगनाओं ने अपना सिर कटा दिया पर शत्रुओं के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। उन्होंने कहा कि उनका भी राजस्थान की इस महान धरती से गहरा सम्बन्ध है, क्योंकि उनके पूर्वज भी राजस्थान से ही उत्तराखंड में आये थे।

मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को सूरतगढ, श्री गंगानगऱ राजस्थान में पूर्व सैनिक सम्मान समारोह कार्यक्रम में वीर सैनिकों के परिजनों को सम्मानित करते हुये कहा कि राजस्थान और उत्तराखंड, वीरों एवं बलिदानियों की भूमि है, ये बात हमारे सैनिकों ने अब तक हुए सभी युद्धों में सिद्ध की है। हमने हमेशा माना है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है। वे स्वयं एक सैनिक पुत्र हैं, इसलिए जब भी वे इस प्रकार के कार्यक्रमों में सम्मिलित होते हैं तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। अपने पिता जी से सुनी सैन्य वीरों की गाथाओं ने उन्हें बचपन से ही बहुत प्रभावित किया और उनके अंदर राष्ट्र के प्रति संपूर्ण समर्पण की भावना को जागृत किया। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर वे स्वयं को सम्मानित अनुभव कर रहे है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि उन्होंने सैनिक की वीरता तथा उनके परिजनों का संघर्ष भी देखा है। एक सैनिक जीवन में संघर्ष के बावजूद दृढ़ता पूर्वक अपने देश के स्वाभिमान को बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। सैनिकों के प्रति हमारी सरकार का समर्पण किसी से छिपा हुआ नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश मजबूत हाथों में है। प्रधानमंत्री श्री  मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से कहीं अधिक सक्षम और सशक्त हुई है बल्कि उसकी यश और कीर्ति पताका चारों ओर फहरा रही है।  हमने दुश्मन को मात तो पहले भी दी है लेकिन अब हमारे सैनिक दुश्मन को उसके घर में घुस कर धूल चटाते हैं। चाहे पुलवामा हमले का बदला हो, बालाकोट एयर स्ट्राइक हो या गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के दांत खट्टे करना हो, हमारे सैनिकों ने दुश्मन को ये बता दिया कि मोदी जी जैसा राजनीतिक नेतृत्व हो तो वो किसी भी दुश्मन को उसकी माद में जाकर मात दे सकती है। सशस्त्र सेनाएं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तभी कर सकती हैं जब उनके पास अच्छे हथियार हों और उन्हें उम्दा प्रशिक्षण मिला हो। इससे सैनिकों का मनोबल तो बढ़ता ही है, वे चुनौतियों का सामना करके विजयी भी होते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आज भारत एक शक्तिशाली और सुरक्षित राष्ट्र बन चुका है। आज सम्पूर्ण विश्व भारत की शक्ति एवं सामर्थ्य से परिचित हुआ है, जिसका परिणाम है कि आज कोई भी दुश्मन हमें आंख दिखाने की हिम्मत नहीं कर सकता। आज देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों को दुश्मन की गोली का जवाब देने के लिए सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले यूपीए सरकार की पॉलिसी पैरालिसिस ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया। आलम ये था कि 10 साल तक रक्षा समझौते तक ताक पर रख दिए गए थे। पूर्व की सरकारों में, सेना के आधुनिकीकरण की बात दूर, सेना के इस्तेमाल के लिए साजो-सामान की खरीददारी भी भारी पड़ती नजर आती थी। परन्तु जब से प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को आधुनिक बनाने का मोर्चा संभाला है, फर्क साफ दिखता है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से भी देखा जाए तो हमारी केंद्र सरकार के पिछले 9 वर्ष बेमिसाल रहे हैं। सेना के पास अब भारत में बने टैंक, मिसाइल और हैंड ग्रेनेड के साथ- साथ बड़े हथियार हैं जो आत्म निर्भर भारत के नारे को सफल बना रहे हैं।

पीएम मोदी ने साठ साल से लंबित ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग को पूरा कर पूर्व सैनिकों को राहत देने का कार्य किया। इसके साथ ही देश के लिए बलिदान देने वाले हमारे रण बांकुरो की याद में राजधानी दिल्ली में सबसे महत्वपूर्ण स्थान पर सैन्य धाम बना कर सम्मान दिया। ऐसा ही एक सैन्य धाम हम देहरादून में बना रहे है। हमारे यहां चार धाम है और ये सैन्य धाम हमारा पांचवा धाम कहलाएगा। इस सैन्य धाम में देश के लिए बलिदान देने वाले उत्तराखंड के करीब 1750 योद्धाओं के घर आंगन की मिट्टी लाकर उनके बलिदान का गौरवशाली इतिहास लिखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी महान जनता के वोट की ताकत है जो आज प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत शक्तिशाली देश बनकर उभर रहा है। आज भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलना भारतवासियों के लिए गर्व की बात है। दिल्ली में तीन दिवसीय जी-20 के सम्मेलन में भारत ने अपनी शक्ति और सामर्थ्य का परिचय संपूर्ण विश्व को कराया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में वह दिन अब दूर नहीं जब भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आरूढ़ होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे वीर सैनिक मां भारती की आन, बान और शान को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए निरंतर इसी प्रकार देश की सेवा करते रहेंगे।

Topics: सीएम धामीपुष्कर सिंह धामीउत्तराखंड के सीएमअमृता देवी विश्नोई
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