मेरे बापू ने बचपन से ही कहा ”पहले किसी को कुछ बोलना मत, बाद में किसी को छोड़ना मत” : बबीता फोगाट

बबीता फोगाट ने कहा कि छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में मजबूती से कार्य करने की आवश्यकता है। साथ ही स्वयं की आंतरिक शक्ति को पहचानने की जरूरत है

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WEB DESK

नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के संयुक्त तत्वावधान में नॉर्थ कैंपस के सर शंकर लाल हॉल में ‘स्वयंसिद्धा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘स्वयंसिद्धा’ में भारतीय महिला पहलवान बबीता फोगाट बतौर अतिथि शामिल हुईं। उन्होंने छात्राओं के अंदर आत्मविश्वास भरते हुए कहा कि वे अपने स्व को पहचानें। अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानें।

दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं को संबोधित करते हुए भारतीय महिला पहलवान बबीता फोगाट ने चन्द्रयान-3 की सफलता की बधाई दी। उन्होंने कहा, “छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में मजबूती से कार्य करने की आवश्यकता है। साथ ही स्वयं की आंतरिक शक्ति को पहचानने की जरूरत है जो आपको आगे तक ले जायेगी। हमें देश के लिए बेहतर करना है। मेरे बापू ने बचपन से ही कहा- पहले किसी को कुछ बोलना मत, बाद में किसी को छोड़ना मत। आज आत्मनिर्भर भारत के स्वर को मजबूती मिली है‌। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् महिला सशक्तिकरण हेतु,महिलाओं को आगे बढ़ाने हेतु उत्कृष्ट कार्य कर रही है।”

छात्राओं को संबोधित करतीं बबीता फोगाट

‘स्वयंसिद्धा’ 23 के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली लगभग 1500 से अधिक छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, पाठ्येतर गतिविधियों, एनएसएस, एनसीसी और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयास करने हेतु मेडल, ट्राफी व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे रंगोली, निबंध, पोस्टर मेकिंग का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट मोनिका अरोड़ा एवं अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत उपस्थित रहे।

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