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जीवन में रंगों का महत्व

मानव जीवन में रंगों का बहुत महत्व है,क्योंकि रंगों का यह इंद्रधनुष ही तो जिंदगी को रंगीन बनाता है। यह भी सच है कि प्रत्येक रंग मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव डालता है

Written byयोगेश कुमार गोयलयोगेश कुमार गोयल
Mar 8, 2023, 07:26 am IST
inभारत, धर्म-संस्कृति

हिंदू धर्म में लाल रंग का प्रयोग प्रत्येक शुभ अवसर पर किया जाता है। इसका प्रयोग पूजा तथा अन्य सभी शुभ कार्यों में होता है। दुर्गा को लाल रंग बेहद प्रिय माना गया है।

मनुष्य का जीवन रंगों के बिना अधूरा है, क्योंकि विभिन्न रंग हमारी जिंदगी की विभिन्न परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। दरअसल, जिंदगी को खुशनुमा बनाने के लिए हमें अपने जीवन में कई तरह के रंगों की जरूरत होती है और प्रकृति में हमें ये रंग अपने चारों ओर किसी न किसी रूप में दिखाई दे जाते हैं। रंग हमारी इंद्रियों को आकर्षित करने के साथ-साथ हमारे विचारों और भावनाओं को भी तरह-तरह से प्रभावित करते हैं। रंगों का त्योहार होली तो अपने साथ कई ऐसे रंगों को लेकर आता है, जिनमें से हर रंग कुछ न कुछ कहता प्रतीत होता है। लाल, हरा, पीला, गुलाबी इत्यादि होली पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन सभी पारंपरिक रंगों का वैज्ञानिक आधार है।
खुशियों की प्रतीक होली का प्रत्येक रंग केवल प्यार एवं सम्मान की ही भाषा बोलता है।

रंगों के इस त्योहार पर स्वयं को रंगों से सराबोर कर हर कोई खुद को प्रकृति के करीब महसूस करता है। वास्तव में यह खुशियों से भरा ऐसा त्योहार है, जिसमें छोटे हों या बड़े, महिलाएं हों या पुरुष, हर कोई आयु, धर्म और सामाजिक स्तर के भेद को छोड़कर किसी न किसी रंग में रंगा नजर आता है। रंगों के माध्यम से मन के भीतर की कुंठाएं बाहर आती हैं, जिससे लोग उनसे मुक्त हो जाते हैं। इसीलिए होली में रंगों का प्रयोग किया जाता है। वैसे तो होली पर खेला जाने वाला हर रंग अपने आप में बहुत खास होता है, क्योंकि प्रत्येक रंग की अपनी भाषा होती है और हर रंग के अपने अलग ही मायने तथा विशेष महत्व है।

हिंदू धर्म में लाल रंग का प्रयोग प्रत्येक शुभ अवसर पर किया जाता है। इसका प्रयोग पूजा तथा अन्य सभी शुभ कार्यों में होता है। दुर्गा को लाल रंग बेहद प्रिय माना गया है। सम्मान का भाव दर्शाने वाला यह रंग शक्ति और स्फूर्ति प्रदान करने वाला और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। अग्नि के द्योतक लाल रंग को ऊर्जा, गर्मी, उग्रता, जोश, जुनून, उत्साह, महत्वाकांक्षा और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। रोज प्रात: उगते सूरज का रंग लाल होने के अलावा मानव शरीर को जीवन देने वाले रक्त का रंग भी लाल ही होता है। हृदय में शक्ति का संचार करने और लोगों में उत्साह व साहस पैदा करने वाला लाल रंग उल्लास और शुद्धता का प्रतीक है, जिसे प्यार और काम का प्रतीक भी माना जाता है। होली के अवसर पर लाल रंग का प्रयोग प्रेम एवं सौहार्द की भावना को बढ़ाने के साथ-साथ मानसिक बल को सुदृढ़ता प्रदान करने के लिए भी किया जाता है।’

हमें अपने जीवन में कई तरह के रंगों की जरूरत होती है और प्रकृति में हमें ये रंग अपने चारों ओर किसी न किसी रूप में दिखाई दे जाते हैं। रंग हमारी इंद्रियों को आकर्षित करने के साथ-साथ हमारे विचारों और भावनाओं को भी तरह-तरह से प्रभावित करते हैं। रंगों का त्योहार होली तो अपने साथ कई ऐसे रंगों को लेकर आता है, जिनमें से हर रंग कुछ न कुछ कहता प्रतीत होता है। लाल, हरा, पीला, गुलाबी इत्यादि होली पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन सभी पारंपरिक रंगों का वैज्ञानिक आधार है।

ज्योति के पर्याय पीले रंग से पवित्रता का अहसास होता है और इसे देवी-देवताओं का प्रिय रंग माना जाता है। हिंदू धर्म में धार्मिक कार्यों में पीले रंग का उपयोग बहुत अच्छा माना गया है। इसीलिए दैवीय कार्यों में इस रंग का बहुत ज्यादा प्रयोग किया जाता है और देवी-देवताओं को अधिकांशत: पीले वस्त्र ही पहनाए जाते हैं। मान्यता है कि इस रंग का प्रभाव मानव मस्तिष्क पर पड़ता है और इससे मन अध्यात्म की ओर अग्रसर हो जाता है। मिलन और आत्मीयता के प्रतीक पीले रंग को आरोग्य, शांति एवं ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। यौवन और बुद्धिमता के प्रतीक के रूप में यह रंग स्पष्टवादिता को भी दर्शाता है। खुशी, तत्परता, आशा और ऊर्जा को प्रदर्शित करते पीले रंग से शरीर में स्फूर्ति आती है और इसे रोग दूर करने वाला तथा बेचैनी को खत्म करके मन को शांत करने वाला रंग भी माना गया है। समृद्धि और यश को इंगित करने वाले पीले रंग को देखने से मन में प्रकाश और ज्ञान का आभास होता है। सुनहरा पीला रंग तो आदर्शवादिता और कल्पनाशीलता का सूचक माना गया है।

प्रकृति के प्रतीक रंग
माना जाता है कि हरे रंग में सराबोर होने के बाद लोग नई ताकत का अहसास करते हैं और उनकी सोच सकारात्मक होती है। यह रंग आशावाद, नई शुरुआत, स्वास्थ्य तथा ताजगी का अहसास कराता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में नए जीवन के संचार की प्रेरणा देता है। मन को सुकून पहुंचाने वाले हरे रंग से मन की चंचलता दूर होती है और आत्मविश्वास और प्रसन्नता मिलती है। प्रकृति में चहुं ओर फैले हरे रंग को एक ओर जहां पर्यावरण की सुरक्षा का प्रतीक माना गया है, वहीं यह व्याकुल मन को शांति भी प्रदान करता है। इसी आत्मिक शांति के लिए लोग प्राय: पर्वतीय क्षेत्रों में प्रकृति की गोद में जाते हैं। मन की चंचलता को हरने वाला और शांति का प्रतीक हरा रंग जीवन का द्योतक है, जिसे प्रकृति का सबसे प्यारा रंग माना जाता है।

अध्यात्म, शांत, सुरक्षित और विश्वास जैसी भावनाओं को इंगित करने वाला प्राण और प्रकृति से संबंधित नीला रंग जीवन में गति और जीवन देने वाली शक्ति का प्रतीक है। कोमलता और स्नेह के साथ इसे वीरता और पौरुष का प्रतीक भी माना गया है। एक ओर जहां धार्मिक दृष्टिकोण से नीले रंग का बहुत महत्व है, वहीं ज्योतिष में यह रंग जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। प्रकृति ने विशाल आसमान से लेकर गहरे समुद्र तक नीले रंग की अनुपम छटा बिखेरी हुई है। जीवन में उत्साह, उल्लास और पानी के समान शुद्धता के प्रतीक नीले रंग के प्रयोग से मानसिक शांति मिलती है, रक्तचाप नियंत्रित होता है और यह आपसी संबंधों में प्रेम, विश्वास एवं कोमलता को भी दर्शाता है।

सफेद रंग को सदा से ही शांति का प्रतीक माना गया है और इसका प्रयोग जीवन तथा समाज में शांति के प्रतीक के रूप में ही किया जाता है। आध्यात्मिक शांति और जीवन में सकारात्मक लाने के लिए भी इस रंग का प्रयोग किया जाता है। सफेद रंग में सभी रंगों के गुण मौजूद हैं और इसे सभी रंगों का जनक माना जाता है। प्रकृति के सभी रंगों को बराबर-बराबर मिलाने से सफेद रंग बनता है। माना जाता है कि होली के दिन इस रंग का प्रयोग किसी भी क्रोधी मन को तुरंत शांत करने में पूरी तरह सफल रहता है।

बैंगनी रंग को वैभव और रचनात्कता से जोड़कर देखा जाता है तथा इसका प्रयोग प्राय: कृतज्ञता प्रकट करने में भी किया जाता है। खुशमिजाजी और सामाजिक सरोकार के प्रतीक नारंगी रंग के प्रयोग से व्यक्ति ज्ञानवान और विचारवान बनता है। खुशियों और मैत्री का संदेश देने वाले इस रंग से मानसिक शक्ति और सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं। अंतरिक्ष का प्रतीक काला रंग प्रभुत्व का भी प्रतीक है, क्योंकि समस्त रंग अपना अस्तित्व खोकर इसमें समाहित हो जाते हैं। गुलाबी रंग कोमलता, चंचलता और प्रेम का अहसास कराता है।
इसलिए होली के इस अवसर पर इन रंगों के महत्व और प्रभाव पर अवश्य विचार करें।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

Topics: Hinduismpurpleलाल रंगरंग हमारी इंद्रियों को आकर्षितरंगों से सराबोरपीले रंगप्रकृति के प्रतीक रंगबैंगनी रंगImportance of colors in lifered colourfull of coloursyellow colourहिंदू धर्मcolors symbolic of nature
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