हिमंत सरकार की एक बड़ी उपलब्धि : 2022 में नहीं हुआ एक भी गैंडे का शिकार, दशकों के बाद असम को मिली सफलता
July 31, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

हिमंत सरकार की एक बड़ी उपलब्धि : 2022 में नहीं हुआ एक भी गैंडे का शिकार, दशकों के बाद असम को मिली सफलता

- 2001 से 2016 तक असम में कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन के दौरान, कम से कम 172 एक सींग वाले गैंडों को शिकारियों ने उनके बहुमूल्य सींग छीनने के लिए मार डाला था।

Written byदिब्या कमल बोरदोलोईदिब्या कमल बोरदोलोई
Jan 3, 2023, 04:18 pm IST
in भारत, असम

गैंडा, असम का गौरव, अब राज्य में ज्यादा सुरक्षित है, जैसा कि असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा शर्मा बताते हैं।  यह सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा 2016 और 2021 में अपने चुनावी घोषणापत्र में असम वन हॉर्न राइनो की रक्षा के लिए किया गया एक प्रमुख वादा था।  इसमें भगवा पार्टी को कुछ साल लग गए।  लेकिन हिमंत बिस्वा शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार अब असम को गैंडों के लिए सुरक्षित स्थान बनाने का पूरा श्रेय ले सकती है।  2022 में असम में गैंडों के अवैध शिकार का एक भी मामला नहीं आया।

Zero Poaching!

2022 was really special for our rhino conservation efforts. Not a single rhino being poached in 2022 & just 2 in 2021, the gentle giant is now much safer in Assam.

Kudos to @assamforest dept & @assampolice for their sincere efforts to protect the iconic animal. pic.twitter.com/mVIHsD0xFe

— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 2, 2023

जब से राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई है, गैंडों के अवैध शिकार में उल्लेखनीय कमी आई है।  चाहे काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान हो, मनश हो या ओरंग अभ्यारण्य। 2001 से 2016 तक असम में कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन के दौरान, कम से कम 172 एक सींग वाले गैंडों को शिकारियों ने उनके बहुमूल्य सींग छीनने के लिए मार डाला था।  कुछ अमानवीय घटनाओं में भी शिकारियों ने जीवित गैंडों के सींग काट दिए।

शिकार की तीव्रता इतनी अधिक थी कि 2012 से 2016 के बीच, मुख्य रूप से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में शिकारियों द्वारा कम से कम 100 गैंडों को मार दिया गया था।  उन पांच वर्षों के आंकड़े इस प्रकार हैं- 2012 में, 11 गैंडों का शिकार किया गया, 2013-27, 2014- 27, 2015-17 और 2016-18 में राज्य में 18 गैंडों का शिकार किया गया।

1 जनवरी को आंकड़े जारी करते हुए, असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि “अवैध शिकार और शिकारियों के प्रति राज्य सरकार के समझौता न करने वाले रवैये ने 2020 और 2021 में दो-दो की संख्या को 2022 में शून्य कर दिया है। यह राज्य के लिए अच्छी खबर है कि पिछले एक साल में राज्य में शिकार के शून्य मामलों के साथ एक रिकॉर्ड बनाया गया है। यह आंकड़ा सिर्फ काजीरंगा का नहीं है, बल्कि सभी राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों का है।”

गौरतलब है कि हिमंत बिस्वा शर्मा ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद विशेष डीजीपी जीपी सिंह की अध्यक्षता में एक अवैध शिकार विरोधी टास्क फोर्स का गठन किया था।  काजीरंगा और अन्य संवेदनशील स्थानों पर असम पुलिस कमांडो बटालियन के जवानों को आधुनिक हथियारों के साथ तैनात किया गया है।  सरकार के इस आक्रामक कदम ने शिकारियों के रैकेट को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।  काजीरंगा के स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि सरकार द्वारा चलाया गया निष्कासन अभियान भी अवैध शिकार विरोधी पहल में मदद कर रहा है।  काजीरंगा के पास अवैध प्रवासी अतिक्रमणकारी शिकारियों के लिए आश्रय स्थल थे।  बेदखली के बाद, सेल्टर को हटा दिया गया और शिकारियों के लिए छिपना मुश्किल हो गया।  हालाँकि राज्य के लोग गैंडों के अवैध शिकार को समाप्त करने के सरकार के प्रयास की सराहना करते हैं जिसे राज्य की पहचान माना जाता है।

 

Topics: गैंडे का शिकारRhinocerosHimant Biswa SarmaHimant Sarkar's achievementअसम समाचारhuntingassam newsNational Newsराष्ट्रीय समाचारहिमंत बिस्वा सरमाअसम में गैंडों का शिकारहिमंत सरकार की उपलब्धि
Share1TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

भाजपा के राष्‍ट्रीय महासचिव तरुण चुघ

“कांग्रेस राज में हुए 53 पेपर लीक”: तरूण चुग का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार, बोले- बहस से भाग रही कांग्रेस!

Assam Flood 2026 RSS Volunteers Relief Work Sivasagar Betbari Amguri Food Water Distribution Panchjanya

“नर सेवा ही नारायण सेवा”: असम में भयावह बाढ़ के बीच पीड़ितों का सहारा बने संघ के स्वयंसेवक, देखिए तस्वीरें!

प्रतीकात्मक चित्र

नजरूल इस्लाम फर्जी डॉक्टर बन कर रहा था इलाज, क्लीनिक में था मेडिकल ऑफिसर

Narmada Water Dispute Historic Agreement Amit Shah CR Patil PM Modi Cooperative Federalism

नर्मदा नदी पर ऐतिहासिक समझौता: अमित शाह की मौजूदगी में 4 राज्यों का दशकों पुराना विवाद खत्म, किसानों की बदलेगी किस्मत!

हिमंत बिस्व सरमा, मुख्यमंत्री, असम

असम विधानसभा की अधिकारिक भाषा हिन्‍दी : राष्ट्रीय एकता के लिए पूर्वोत्तर से हिमंत सरकार का बड़ा संदेश

हिमंत बिस्व सरमा, मुख्यमंत्री, असम

असम : 5 साल में अवैध कब्जे से 200 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा जमीन मुक्त 

Load More

ताज़ा समाचार

मदरसों की आड़ में बाल अधिकारों का हनन

लवप्रीत सिंह और सीमा कालीरमन

राष्ट्रमंडल खेल 2026: लवप्रीत सिंह ने जीता रजत, सीमा ने कांस्य

आज का संस्कृत श्लोक – अद्यापि भारतं श्रेष्ठं जम्बूद्वीपे महामुने।

आज का राशिफल

31 जुलाई राशिफल: जानें किस राशि के लिए खुलेगा सफलता का द्वार, किसे बरतनी होगी सावधानी

आज का इतिहास

31 जुलाई का इतिहास: भारत-नेपाल संधि से ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र तक, जानें आज की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

विधानसभा उपचुनाव

बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान संपन्न, जानिये कहां पड़े कितने वोट

संसद में चर्चा के दौरान जवाब देते केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

राज्य सभा से ध्वनि मत से पारित हुआ एंटी पेपर लीक विधेयक, विपक्ष ने किया वॉकआउट

PM Narendra Modi

विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम, संसद ने कठोर कानून वाला विधेयक पारित किया :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

India Nepal Women Conference Uttarakhand

उत्तराखंड में भारत-नेपाल महिला सम्मेलन: दोनों देशों की मातृशक्ति में बढ़ा समन्वय, होंगे संयुक्त कार्यक्रम!

CM Pushkar Singh Dhami Haridwar Sant Ravidas 650th Jayanti Kalash Yatra

हरिद्वार में सिर पर कलश रखकर चले CM धामी: संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर दिया समरसता का संदेश!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies