कट्टरपंथियों के निशाने पर केशधारी
July 22, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्लेषण

कट्टरपंथियों के निशाने पर केशधारी

अलवर में सिखों पर मजहबी उन्मादियों के अत्याचार बढ़ने से सिख समुदाय उद्वेलित है। ताजा घटना में कुछ मुस्लिम युवक एक पूर्व ग्रंथी को मारने के लिए अगवा कर ले गए। सिख ग्रंथी होने की बात पता चलने पर उसके केश काट दिए। पुलिस-प्रशासन मामले को रफा-दफा करने में जुटा है

Written byडॉ. ईश्वर बैरागीडॉ. ईश्वर बैरागी
Aug 6, 2022, 10:29 am IST
in विश्लेषण, राजस्थान

अलवर में इस वर्ष सिख समुदाय के साथ हुई दो घटनाओं में ऐसा ही कुछ सामने आया है। साल की शुरुआत में एक दिव्यांग नाबालिग के साथ हुई अमानवीय घटना को सामान्य दुर्घटना बता कर रफा-दफा कर दिया गया, वहीं अब अलवर के रामगढ़ में गुरुद्वारे के पूर्व ग्रंथी के केश काटने की घटना भी रफा-दफा किए जाने की तैयारी है।

प्रदेश में तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के आगे मानवीय संवेदनाएं तक हारती दिख रही हैं। अलवर में इस वर्ष सिख समुदाय के साथ हुई दो घटनाओं में ऐसा ही कुछ सामने आया है। साल की शुरुआत में एक दिव्यांग नाबालिग के साथ हुई अमानवीय घटना को सामान्य दुर्घटना बता कर रफा-दफा कर दिया गया, वहीं अब अलवर के रामगढ़ में गुरुद्वारे के पूर्व ग्रंथी के केश काटने की घटना भी रफा-दफा किए जाने की तैयारी है। स्थिति यह है कि एक संदिग्ध को पकड़ कर थाने में लाने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों की पहचान तक नहीं कर पाई है और सिख समुदाय को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

प्रदेश का अलवर जिला गोतस्करी और ऐसे ही अन्य मामलों के कारण सुर्खियों में बना रहता है, लेकिन यहां मौजूदा सरकार के समय तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति का आलम यह है कि एक समुदाय विशेष यहां कितनी भी बड़ी घटना को अंजाम दे दे, उसका कुछ नहीं बिगड़ता, जबकि गो तस्करी करने वालों को रोकने के लिए छोटी सी कार्रवाई भी की जाए तो वह ‘लिचिंग’ के रूप में देश भर में सुर्खी बना दी जाती है। मेवात में हिन्दुओं और सिखों के प्रति बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर हिन्दू समाज में रोष है। घटना के विरोध में 25 जुलाई को रामगढ़ कस्बा पूरी तरह बंद रहा।

अल्पसंख्यक आयोग ने किया जवाब तलब

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अलवर की घटना को लेकर गंभीर हुआ है। आयोग ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस भेजकर अलवर में पूर्व ग्रंथी पर किए गए हमले और बाल काटने की घटना के बारे में जवाब तलब किया है। आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने बताया है कि गुरुद्वारे के पूर्व ग्रंथी पर किए गए हमले और बाल काटने के बारे में मीडिया में छपी रिपोर्ट का संज्ञान लिया गया है। आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर उनसे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

सिख जान कर कहा, ‘केश काट दो’

पीड़ित पूर्व ग्रंथी गुरुबख्श सिंह ने बताया कि 21 जुलाई की शाम वह बाइक से दवाई लेने मिलकपुर से अलावड़ा की तरफ जा रहे थे। रास्ते में कुछ युवकों ने किसी बहाने से रोका। उसके बाद उनकी आंखों मे मिर्च डाल दी और एक तरफ ले गए। फिर आंखों पर पट्टी बांधकर बिठा दिया। वह लोग मेरी गर्दन काटने की बात कर रहे थे। मैंने घबरा कर कहा कि ‘मुझे क्यों मार रहे हो, मैं तो गुरुद्वारे का ग्रंथी हूं।’ तब उन्होंने किसी जुम्मा नाम के व्यक्ति को फोन किया। जुम्मा के कहने पर आरोपितों ने उनकी पिटाई की और बाल काट दिए। वह लोग कह रहे थे कि जुम्मा ने कहा है कि गुरुद्वारे का आदमी है तो इसके बाल काट दो, वही बहुत है। जब उनकी आवाज बंद हुई तो पूर्व ग्रंथी ने पट्टी खोली और बाइक लेकर गांव पहुंचे। इसके बाद परिजन व ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।

इस बार तो मामला और भी ज्यादा दुर्भाग्पपूर्ण इसलिए है कि दोनों ही घटनाओं के पीड़ित सिख समुदाय से जुड़े हैं और दोनों को ही न्याय नहीं मिल रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में अलवर में ही एक अबोध बालिका के साथ एक अमानवीय घटना सामने आई। शुरुआती जांच में पुलिस ने खुद माना कि यह दुष्कर्म का मामला दिख रहा है। पीड़िता से मिलने के लिए सरकार के मंत्री तक अस्पताल पहुंचे, लेकिन अंतत: मामला रफा-दफा कर दिया गया और इसे एक ‘सामान्य दुर्घटना’ बता कर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वह बच्ची और उसके माता-पिता आज भी न्याय की आस में हैं।

दूसरा मामला हाल ही में सामने आया जब रामगढ़ के अलावड़ा गांव में मलिकपुर के गुरुद्वारे के एक पूर्व ग्रंथी गुरूबख्श सिंह के केश काट दिए गए। यह काम जुम्मा नाम के एक आदमी के कहने पर किया गया। गुरूबख्श सिंह ने खुद बताया कि आरोपी उसकी गर्दन काटने की तैयारी में थे, लेकिन जब उन्होंने खुद को गुरुद्वारे का ग्रंथी बताया तो केश काट कर छोड़ दिया गया। एक सिख के लिए उसके केश काटने से बड़ी अपमानजनक घटना कोई नहीं हो सकती।

 

करीब दो वर्ष पहले अलवर के ही चौपानकी थाना इलाके में दलित युवक हरीश जाटव के मामले में भी पुलिस ने कुछ नहीं किया था। वह लिंचिंग का शिकार हुआ और उसके पिता दर-दर न्याय की गुहार लगाते रहे। लेकिन न्याय नहीं मिला तो उन्होंने भी जहर खाकर जान दे दी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के सामने सरकार और पुलिस पीड़ितों को न्याय दिलाना तो दूर, सुनवाई तक नहीं करेगी? आखिर ऐसा कब तक चलेगा?

इस मामले में सिख समुदाय ने जब रामगढ़ में प्रदर्शन किया और थाने का घेराव किया तो पुलिस कुछ समय बाद ही एक संदिग्ध को पकड़ कर ले आई। यह लगा था कि अब बाकी आरोपी भी तुरंत पकड़ में आ जाएंगे, लेकिन घटना के सप्ताह भर बाद भी पुलिस आरोपियों की पहचान तक नहीं कर पाई है। जिसे पुलिस पकड़ कर लाई थी, वह वही जुमा था, जिसके निर्देश पर ये घटना की गई थी। सामान्य पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे छोड़ भी दिया।

ऐसे गम्भीर मामले में भी पुलिस की लापरवाही बता रही है कि इस मामले को भी कहीं ना कहीं रफा-दफा करने की कोशिशें की जा रही हैं, क्योंकि आरोपी एक समुदाय विशेष से जुड़े हैं। मामला गम्भीर होने के बावजूद सिख संगत ने कानून-व्यवस्था को हाथ में नहीं लिया और पुलिस पर भरोसा करते हुए उसे कार्रवाई के लिए पूरा समय दिया, लेकिन पुलिस ने जब समुदाय का भरोसा तोड़ा तो अब न्याय की आस लगाए बैठे सिख समुदाय को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इसके विरोध में सोमवार को पूरे इलाके के बाजार और स्कूल बंद रहे और अब फिर अल्टीमेटम दिया गया है।

गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले अलवर के ही चौपानकी थाना इलाके में दलित युवक हरीश जाटव के मामले में भी पुलिस ने कुछ नहीं किया था। वह लिंचिंग का शिकार हुआ और उसके पिता दर-दर न्याय की गुहार लगाते रहे। लेकिन न्याय नहीं मिला तो उन्होंने भी जहर खाकर जान दे दी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के सामने सरकार और पुलिस पीड़ितों को न्याय दिलाना तो दूर, सुनवाई तक नहीं करेगी? आखिर ऐसा कब तक चलेगा?

गुरमत प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सरजीत सिंह आरोप लगाते हुए कहते हैं कि सरकार व प्रशासन सिख समाज के लोगों से जुड़े मामलों में गंभीर नहीं है। पुलिस की उदासीनता साफ दिखी है। उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को अलवर के तिजारा फाटक पर मूकबधिर नाबालिग लहूलुहान मिली थी। पहले पुलिस ने इसे बलात्कार माना। कई महीने बाद मामले को ‘दुर्घटना’ बता रफा-दफा कर दिया। इसी साल अलावड़ा में गुरु गोविंद सिंह जी एवं साहिबजादों के प्रति गलत शब्दों का प्रयोग किया गया। खैरथल में भी गुरुग्रंथ साहिब के पन्ने फाड़ने की घटना हो चुकी है। अब 21 जुलाई को ग्रंथी के केश काटे गए। इन सभी मामलों को लेकर सिख समाज में आक्रोश है।

पुलिस का दावा, बदले की भावना से घटना को अंजाम
पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा गुरुवार को किया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चौथे की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि प्रेम प्रसंग के चलते बदले की भावना से घटना को अंजाम दिया गया था।

पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के अनुसार पीड़ित गुरुबख्श ने दलबीर को अपना भाई बना रखा था। दलबीर का लड़का सुंदर मिलकपुर से एक महिला को भगाकर ले गया था। उस महिला को अलावड़ा सरपंच जुम्मा के सहयोग से पुलिस ने दस्तयाब किया था। जुम्मा को सबक सिखाने के लिए सुंदर ने मिलकपुर के ही शौकत, मौसम और टिंडा उर्फ फारुख के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया ताकि पुलिस जुम्मा व इकबाल के परिजनों इस मामले में पकड़ बंद कर दे। फिर सुंदर महिला के साथ बेरोकटोक रह सके। फिलहाल पुलिस ने शौकत, मौसम और सुंदर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि टिंडा फरार है।

Topics: निशाने पर केशधारीKeshdhari on targetकेश काट दोयुवक हरीश जाटवराष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोगकट्टरपंथि
Share74TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

पत्रकार सम्मेलन में बैठक की जानकारी देते श्री आलोक कुमार और अन्य अधिकारी

‘न्यायपालिका पर दबाव अनुचित’

बांग्लादेशी सेना और पुलिस के लाठीचार्ज में घायल कुछ हिंदू युवक

हिंदू विरोधी उन्माद और जिहाद

इकबाल सिंह लालपुरा, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष

सऊदी अरब गए थे हरचरण, कंपनी ने पासपोर्ट छीना और बिना वेतन कराया काम, झूठे केस में जेल में डाला, रिहाई की उठी मांग

अल्पसंख्यक आयोग ने राजस्थान सरकार को भेजा नोटिस, पूर्व ग्रंथी पर हमले और बाल काटने की घटना पर रिपोर्ट तलब की

बग्गा को पंजाब पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा कर लाती दिल्ली पुलिस

आआपा की पंजाब सरकार  : सोशल मीडिया के लिए जेल, आतंकवाद पर फेल

Load More

ताज़ा समाचार

1996 Dausa Bus Bomb Blast Case Supreme Court Verdict Rajasthan News Abdul Hamid Justice Panchjanya

14 मौतें, 30 साल का इंतजार और फिर निराशा: आतंक के बाद भी छूट रहे हैं आतंकी, दौसा बस ब्लास्ट केस के फैसले पर बड़े सवाल!

Puri Rath Yatra Hera Panchami Gundicha Temple Adap Mandap Darshan Lord Jagannath Mata Laxmi Panchjanya

पुरी रथयात्रा: हेरा पंचमी पर गुंडिचा मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, जानिए क्यों माता लक्ष्मी ने तोड़ा महाप्रभु का रथ

Delhi Sansad Chalo Violence Leaked WhatsApp Chats CJP JNU Sansad Chalo Briar BitChat Panchjanya

“मौत हुई तो सरकार पर बढ़ेगा प्रेशर”: CJP ‘संसद चलो’ प्रदर्शन में हिंसा की साजिश? लीक व्हाट्सएप चैट्स में बड़ा खुलासा

Delhi Jantar Mantar Protests vs National Sentiment Skyroot Vikram 1 Parliament Indian Democracy Panchjanya

क्या जंतर-मंतर पर जुटती भीड़ ही देश का सच है? जानिए विरोध प्रदर्शन और ‘राष्ट्रीय भावना’ के बीच का पूरा फर्क!

जंतर-मंतर से ग्राउंड रिपोर्ट

“लाइट, कैमरा और आंदोलन”: छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर फिर एक्टिव हुई टूलकिट? जानिए जंतर-मंतर के पीछे का पूरा सच!

Punjab and Haryana High Court PIL against Sacrilege Law 2026

पंजाब के अबोहर में लहराया भाजपा का परचम: हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा हुए चुनाव में AAP को झटका, मेयर पद पर कब्जा!

Foreign Tourists Praise India Safety Over London Phone Theft Medical Tourism Free Rabies Vaccine Digital Payment UPI Panchjanya

“लंदन से ज्यादा सुरक्षित है भारत”, विदेशी महिला पर्यटक ने सोशल मीडिया पर शेयर किया आंखों देखा सच!

प्रतीकात्मक चित्र

Madarsa Scandal: कागजों पर चल रहे मदरसे, हिंदुओं के बच्चों का दिखाया दाखिला, MP के मदरसों में बाल अधिकारों का उल्लंघन

Explainer। भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, नेपाल ने 1 रुपए के सिक्के से हटाया ‘कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा’

Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami Haridwar Kanwar Yatra 2026 Review Meeting Mela Bhawan Panchjanya

कांवड़ यात्रा 2026: 30 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, हरिद्वार में सीएम धामी ने दिए सुरक्षा और सुविधाओं के सख्त निर्देश!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies