पांच साल में बदला उत्तर प्रदेश
August 24, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

पांच साल में बदला उत्तर प्रदेश

‘मीडिया महामंथन’ के आठवें सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Written byहितेश शंकरहितेश शंकर
May 29, 2022, 09:40 pm IST
inभारत, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पाञ्चजन्य इवेंट
मीडिया महामंथन में लखनऊ से आनलाइन जुड़े योगी आदित्यनाथ से बात करते हितेश शंकर।

मीडिया महामंथन में लखनऊ से आनलाइन जुड़े योगी आदित्यनाथ से बात करते हितेश शंकर।

‘मीडिया महामंथन’ के आठवें सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आनलाइन जुड़े। उन्होंने पाञ्चजन्य से अपने जुड़ाव को याद किया और उत्तर प्रदेश में आ रहे बदलावों की चर्चा की।

 

हम सबका सौभाग्य है कि जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तब ‘पाञ्चजन्य’ साप्ताहिक भी अपना अमृत महोत्सव मना रहा है। यह दुर्लभ क्षण है और यह हर किसी को प्राप्त नहीं होता। ‘पाञ्चजन्य’ को यह दुर्लभ क्षण श्रद्धेय भाऊराव देवरस जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी जैसे राष्ट्रऋषियों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन के कारण मिला है। ‘पाञ्चजन्य’ से मेरा परिचय बहुत पुराना है। मुझे विद्यार्थी जीवन से ही ‘पाञ्चजन्य’ को पढ़ने का अवसर मिला। फिर श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के समय हम इसमें प्रकाशित आलेखों की छायाप्रति करवाते थे, ताकि वे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।

‘पाञ्चजन्य’ से मेरा परिचय बहुत पुराना है। मुझे विद्यार्थी जीवन से ही ‘पाञ्चजन्य’ पढ़ने का अवसर मिला। फिर श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के समय इसमें प्रकाशित आलेखों की छायाप्रति करवाते थे, ताकि वे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
—योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उ. प्र.

राष्ट्र सर्वोपरि
विपरीत परिस्थितियों में कैसे कार्य करना है, इसका उदाहरण ‘पाञ्चजन्य’ ने सबके सामने रखा है। यह उदाहरण मीडिया जगत में सबकी आंखें खोलने वाला है। उत्तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान ‘पाञ्चजन्य’ ने विशेषांक निकालकर ताल ठोककर कहा था कि सरकार फिर से पूर्ण बहुमत के साथ आएगी। ‘पाञ्चजन्य’ ने साबित किया है कि उसके लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। ‘पाञ्चजन्य’ ने उन सभी मुद्दों को उठाया है, जो देश के 135 करोड़ लोगों के हित में हैं, और मुझे लगता है कि हम सभी इस बात को जानते हैं कि यह समय सभ्यता और संस्कृतियों के संघर्ष का है। यह केवल शस्त्र से नहीं, बल्कि यह अदृश्य रूप से संस्कृतियों पर प्रहार करके भी होता है। इन परिस्थितियों में ‘पाञ्चजन्य’ सदैव एक प्रहरी के रूप में खड़ा होकर शंखनाद करता हुआ दिखाई देता है। ‘पाञ्चजन्य’ ने हमेशा समाज और विकास विरोधी तत्वों के विरुद्ध आवाज उठाई है, राष्ट्रवादी शक्तियों को सकारात्मक ऊर्जा दी है।

आज ‘पाञ्चजन्य’ नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके डिजिटल स्वरूप को देखकर बहुत प्रसन्नता होती है। ‘पाञ्चजन्य’ और ‘आर्गनाइजर’ के डिजिटल स्वरूप के साथ 40,00,000 से अधिक लोग जुड़े हैं। इसे और अच्छे ढंग से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि लोगों के मन में ‘पाञ्चजन्य’ और ‘आर्गनाइजर’ के प्रति बहुत सकारात्मक भाव है।

ईद की नमाज सड़कों पर नहीं पढ़ी गई
उत्तर प्रदेश में देश की सबसे बड़ी आबादी रहती है। यह भी कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश देश की आत्मा है, देश का हृदय स्थल भी है। उत्तर प्रदेश में ही भगवान राम और भगवान कृष्ण का अवतरण हुआ है। उत्तर प्रदेश ही वह राज्य है, जहां बाबा विश्वनाथ की कृपा बरसती है। दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी काशी इसी उत्तर प्रदेश में है। यही नहीं, दुनिया की सबसे पवित्र और देवतुल्य नदियों मां गंगा और यमुना का आशीर्वाद उत्तर प्रदेश को प्राप्त होता है। दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन कुंभ प्रयागराज में होता है। यह प्रदेश अनेक शक्तिपीठों का स्थल है। इतनी विशेषताओं के बावजूद पांच वर्ष पहले इस राज्य का क्या हाल था, यह हम सबने देखा है। 2012-2017 के बीच यही उत्तर प्रदेश था, जहां 700 से अधिक दंगे हुए थे। कई क्षेत्रों में महीनों तक कर्फ्यू लगा रहता था, लेकिन विगत पांच वर्ष के अंदर एक भी दंगा नहीं हुआ। यही नहीं, उत्तर प्रदेश में पहली बार अलविदा की नमाज, ईद की नमाज सड़कों पर नहीं पढ़ी गई। पहली बार पूजास्थलों से 1,00,000 से अधिक लाउडस्पीकर हटाए गए या उनकी आवाज कम हो गई। अब वही लाउडस्पीकर स्कूल या अस्पताल को दान दिए जा रहे हैं।

नंबर 2 की अर्थव्यवस्था
यही नहीं, उत्तर प्रदेश देश में नंबर 2 की अर्थव्यवस्था बनने की ओर भी अग्रसर है। पिछले 70 वर्ष में उत्तर प्रदेश छठी अर्थव्यवस्था बन पाया था। प्रति व्यक्ति आय भी बहुत ही कम हो गई थी। गत पांच वर्ष में हम लोग प्रति व्यक्ति आय को दुगुनी से भी अधिक करने में सफल रहे हैं। व्यवसाय की सुगमता में आज उत्तर प्रदेश 14वें स्थान से चढ़ते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए आज उत्तर प्रदेश ऐसी 44 योजनाओं में सबसे आगे है, जिनकी कोई कल्पना नहीं कर सकता था।

‘पाञ्चजन्य’ और ‘आर्गनाइजर’ के डिजिटल स्वरूप के साथ 40,00,000 से अधिक लोग जुड़े हैं। इसे और अच्छे ढंग से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि लोगों के मन में ‘पाञ्चजन्य’ और ‘आर्गनाइजर’ के प्रति बहुत सकारात्मक भाव है।
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उ. प्र.

आज विकास और ढांचागत को सुविधाओं के सारे कार्य उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेस-वे के लिए जाना जा रहा है। यहां सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जून महीने में पूर्ण हो जाएगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे कार्यशील हो गया है। मेट्रो रेल और हवाई सुविधाओं में बढ़ोतरी हो रही है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में दो ही हवाई अड्डे कार्यशील थे, आज नौ हवाई अड्डे काम कर रहे हैं। कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा काम करने लगा है। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की कार्रवाई युद्धस्तर पर आगे बढ़ रही है। गौतमबुद्ध नगर जनपद में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण हो रहा है।

लखनऊ में योगी आदित्यनाथ को प्रतीक चिह्न भेंट करते सुनील राय

अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है। इसके लिए लगभग 500 वर्ष तक लड़ाई लड़ी गई। ‘पाञ्चजन्य’ तो इस लड़ाई का साक्षी रहा है।
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उ. प्र.

आज उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में अग्रणी राज्य है। कोरोना कालखंड में उत्तर प्रदेश के मॉडल की चर्चा देश और दुनिया में हुई। सबसे बड़ी आबादी, लेकिन कोविड के मरीजों की संख्या सबसे कम। मृत्युदर सबसे कम। कोविड के मरीजों की सबसे अधिक जांच उत्तर प्रदेश में हुई। सबसे अधिक टीके भी उत्तर प्रदेश में ही लगाए गए।

2017 से पहले उत्तर प्रदेश में मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों से प्रतिवर्ष हजारों बच्चों की मौत होती थी। इन बीमारियों के उन्मूलन के लिए सरकार ने मजबूती से कदम उठाए। इस कारण आज हम मासूमों की जान बचाने में सफल हुए हैं। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में 36 ऐसे जनपद थे, जहां बाढ़ का प्रकोप होता था। बाढ़ नियंत्रण योजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के कारण अब 3-4 जनपदों तक ही यह समस्या सीमित हो गई है। बहुत शीघ्र उन्हें भी बाढ़ से मुक्त कर दिया जाएगा।

लखनऊ में योगी आदित्यनाथ को प्रतीक चिह्न भेंट करते सुनील राय

उत्तर प्रदेश में 75,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के प्रस्ताव को जमीनी स्तर पर उतारने का कार्य चल रहा है। उत्तर प्रदेश ने अपनी सारे कार्यक्रमों को प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आगे बढ़ाने का काम किया है।

सहेजी जा रही है संस्कृति
हमारी जो सांस्कृतिक पहचान थी, हमारी सभ्यता, हमारे मानबिंदु उन सबके लिए हमने काम किया है। याद करिए जब उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार आई थी तो हमने अवैध बूचड़खानों को बंद किया, गो-तस्करी पर रोक लगाई। इसका खामियाजा भी हम लोगों को कुछ समय के लिए भुगतना पड़ा था जब निराश्रित गोवंश सड़कों और खेतों में दिखाई देने लगे थे। हमारे सामने गोवंश को बचाने की चुनौती आई। आज उत्तर प्रदेश में 5,600 से अधिक गोआश्रय संचालित हो रहे हैं, जहां 9,00,000 से अधिक गोवंश रह रहे हैं। वाराणसी में गोवर्धन योजना के अंतर्गत गाय के गोबर से सीएनजी बनाने के लिए एक रुपए प्रति किलो के हिसाब से ताजा गोबर खरीदा जा रहा है और गोवंश की रक्षा के लिए भी कार्य किया जा रहा है। जो किसान अपने घर में चार गोवंश रखता है तो उसे हर गोवंश प्रतिमाह 900 रुपए दिए जा रहे हैं। पोषण मिशन के अंतर्गत कुपोषित बच्चों और माताओं को एक दुधारू गाय दी जाती है। इसके साथ ही उस परिवार को हर माह 900 रुपए दिए जाते हैं।

यह हमारा सौभाग्य है कि आज देश के यशस्वी नेतृत्व के कारण अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर बन रहा है। इसके लिए लगभग 500 वर्ष तक लड़ाई लड़ी गई। ‘पाञ्चजन्य’ तो इस लड़ाई का साक्षी रहा है, नेतृत्व करता रहा है। काशी विश्वनाथ धाम भव्यता के साथ हम सबके सामने आया है। इसके साथ ही मथुरा, वृंदावन और ब्र्रज तीर्थ के विकास के लिए भी ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्य कर रही है। चित्रकूट संवर रहा है। विंध्यवासिनी धाम एक नए ओज के साथ मां आदिशक्ति भगवती की कृपा का प्रसाद सबको वितरित कर रहा है।

नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से गंगा की अविरलता देखते ही बन रही है। मुख्यमंत्री पर्यटन योजना के अंतर्गत हर विधानसभा क्षेत्र में एक धर्मस्थल को उसकी पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए विकसित किया जा रहा है। पिछले पांच वर्ष में 700 से अधिक धर्मस्थलों का पुनरुद्धार किया गया है।
आप सबके प्रति मेरी शुभकामनाएं। धन्यवाद। जय हिन्द। 

Topics: ‘आर्गनाइजर’धर्मस्थलों का पुनरुद्धारआजादी का अमृत महोत्सवपाञ्चजन्यमीडिया महामंथनसांस्कृतिक पहचान थीहमारी सभ्यता
हितेश शंकर
हितेश शंकर
हितेश शंकर पत्रकारिता का जाना-पहचाना नाम, वर्तमान में पाञ्चजन्य के सम्पादक [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

सिद्धपीठ श्रीहनुमन्निवास के पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण

‘लोक कल्याण की कामना ही लोकतंत्र का सत्य ‘

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

‘राष्ट्र निर्माण के यज्ञ में सतत आहुति दे रहा पाञ्चजन्य’

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी

‘सुशासन संवाद-राजस्थान’: राष्ट्रीय चेतना की सशक्त आवाज है पाञ्चजन्य- CM भजनलाल शर्मा

शिक्षाविद् श्री के. राम जी, श्री शैलेन्द्र भदौरिया जी और सीनियर जर्नलिस्ट श्री अनुराग पुनेठा जी

नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा: शिक्षा से उद्यमिता तक क्यों बदलनी होगी सोच?

मोटिवेटर एवं शिक्षक अवध ओझा जी

‘सरकारें आती-जाती रहेंगी, देश रहना चाहिए’- अवध ओझा ने बताया हिंदू राष्ट्र से लेकर राष्ट्र निर्माण तक का पूरा दृष्टिकोण

‘केरलम में वंदे मातरम् पूरा नहीं, हमेशा की तरह केवल दो छंद ही गाए जाएंगे’: के. मुरलीधरन

Load More

ताज़ा समाचार

अजय राय, कांग्रेस नेता

सावन के महीने में अयोध्या में अजय राय का मछली भोज, भाजपा बोली- सनातन धर्म का अपमान ही कांग्रेस की पहचान

पंजाब में सभी 117 सीटों पर अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी भाजपा : बीएल संतोष

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका से लुढ़का शेयर बाजार, निवेशकों को लगी 1.13 लाख करोड़ की चपत

गणेश जी की प्रतिमा पर अंडे फेंके जाने की घटना का नितेश राणे ने किया कड़ा विरोध

गणपति प्रतिमा के आगमन पर फेंके अंडे, नितेश राणे बोले – ‘जिहादियों को मिट्टी में मिला देंगे’

सिद्धपीठ श्रीहनुमन्निवास के पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण

‘लोक कल्याण की कामना ही लोकतंत्र का सत्य ‘

‘सिखों का नरसंहार करने वाला सज्जन कुमार, कांग्रेस का रोल मॉडल?’भड़के HS Phoolka

गांव के अखाड़े से Olympic Podium तक… भारत की खेल क्रांति की पूरी कहानी

लखनऊ में छात्रों से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का संवाद, छात्रों को दी लोकतंत्र में भागीदारी की सीख

वंदे मातरम पर BJP का कांग्रेस को सीधा संदेश- ‘राष्ट्रगीत का सम्मान सर्वोपरि’, हरदा को भी सुनाई खरी-खरी

प्रतीकात्मक तस्वीर

रुद्रपुर में SIR बैठक के बाद हंगामा! BJP-कांग्रेस में तीखी नोकझोंक, कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे भाजपा नेता

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies