पूर्वी लद्दाख में चीन को मजबूती से जवाब देने के लिए याद किये जाएंगे जनरल नरवणे
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पूर्वी लद्दाख में चीन को मजबूती से जवाब देने के लिए याद किये जाएंगे जनरल नरवणे

कोरोना महामारी के दौरान भारतीय सैनिकों का स्वास्थ्य बचाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा कार्यकाल, भविष्य के युद्धों से लड़ने के लिए सेना को आला दर्जे की तकनीक अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया

Written byPanchjanyaPanchjanya
Apr 30, 2022, 11:06 pm IST
in भारत

चार दशकों की शानदार सेवा के बाद शनिवार को सेवानिवृत्त हुए सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे को पूर्वी लद्दाख की उत्तरी सीमा पर चीन को मजबूती से जवाब देने, भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने और भविष्य के युद्धों से लड़ने के लिए सेना को आला दर्जे की तकनीक अपनाने के लिए याद किया जायेगा। उनका कार्यकाल मौजूदा दशक की कोरोना महामारी के दौरान भारतीय सेना के जवानों का स्वास्थ्य बचाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा है।

जनरल नरवणे ने अपने 28 माह के कार्यकाल में सैन्य कूटनीति को प्रोत्साहन दिया। भारत के सहयोगी देशों के साथ अच्छे संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारत की व्यापक राष्ट्रीय शक्ति को बढ़ाया। उनके कार्यकाल में ही नई दिल्ली में सेना मुख्यालय के पुनर्गठन का काम पूरा हुआ। वह सेनाओं के आधुनिकीकरण और थिएटर कमांड बनाकर तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बनाने में शामिल चुनौतियों से परिचित थे। उन्होंने ‘एकीकृत युद्ध समूह (आईबीजी)’ के संचालन पर भी जोर दिया। जनरल नरवणे ने कई बार जम्मू और कश्मीर, पूर्वी लद्दाख और उत्तर पूर्व में अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने अप्रैल, 2020 के बाद पूर्वी लद्दाख में तैनात किये गए सैनिकों के लिए आवास निर्माण के मामलों को सक्रिय रूप से तेजी के साथ आगे बढ़ाया।

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के छात्र रहे जनरल नरवणे को जून, 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में कमीशन किया गया था। वह डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और हायर कमांड कोर्स, महू के पूर्व छात्र हैं। जनरल ऑफिसर के पास रक्षा अध्ययन में मास्टर डिग्री, रक्षा और प्रबंधन अध्ययन में एम फिल डिग्री है और वर्तमान में वह डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में 2017 में गणतंत्र दिवस परेड की कमान संभाली। शिमला में सेना प्रशिक्षण कमान और कोलकाता में पूर्वी कमान की सफलतापूर्वक कमान संभालने के बाद उन्होंने 31 दिसंबर, 2019 को देश के 28वें थल सेना अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी।

चार दशकों से अधिक के शानदार सैन्य करियर में उन्होंने उत्तर-पूर्व और जम्मू-कश्मीर शांति के लिए प्रमुख कमान संभाली। वह श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स का भी हिस्सा थे। उन्होंने एक राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन की कमान संभाली। एक इन्फैंट्री ब्रिगेड की स्थापना की। इसके अलावा वह असम राइफल्स (उत्तर) के महानिरीक्षक थे और पश्चिमी थिएटर में एक स्ट्राइक कोर की कमान संभाली। उनके स्टाफ असाइनमेंट में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर के रूप में कार्यकाल, यांगून, म्यांमार में डिफेंस अताशे, आर्मी वॉर कॉलेज में हायर कमांड विंग में डायरेक्टिंग स्टाफ के रूप में एक निर्देशात्मक नियुक्ति के अलावा रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय में दो कार्यकाल शामिल थे।

Topics: General Naravane's tenureNational Newsराष्ट्रीय समाचारजनरल नरवणेजनरल नरवणे का कार्यकालGeneral Naravane
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