कथित ऑस्ट्रेलियाई लेखक ने एक ट्वीट में लिखा कि हिन्दू कट्टरपंथी समूह ‘बजरंग दल’ (जिसने त्रिपुरा में मुस्लिमों के खिलाफ एक के बाद एक आतंकी हमले किए) से जुड़े एक आतंकवादी को पिछली रात कर्नाटक में मार डाला गया। इसके बाद यूजर्स ने लेखक को उनके हिन्दू विरोधी और संवेदनहीनता पर जमकर लताड़ लगाई। कथित लेखक वर्लमैन के घिनौने ट्वीट पर ट्विटर का रवैया भी पक्षपातपूर्ण रहा, और ट्विटर ने अब तक इस ट्वीट पर कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि इसमें सार्वजनिक तौर वहशियाना तरीके से मारे गए पीड़ित को ही ‘आतंकवादी’ बताया जा रहा है।
Bajrang Dal is the youth wing of VHP, which the US government has identified as a “militant religious outfit” aka terrorist organization.https://t.co/azjFAW4Emy
— CJ Werleman (@cjwerleman) February 21, 2022
घृणित बयान के लिए मशहूर है सीजे वर्लमैन
इससे पहले भी ऑस्ट्रेलियाई लेखक सीजे वर्लमैन ने हिंदुओं को लेकर विवादित बयान दिया था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा आयोजित विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी)' के आयोजन के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाना था। उससे पहले ही कथित लिबरल लेखक सीजे वर्लमैन ने ट्वीट कर कहा- "मैं आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच में न्यूजीलैंड का समर्थन कर रहा हूं। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं 50 करोड़ हिंदुत्व कट्टरपंथियों को एक पल के लिए भी खुश नहीं देख सकता। मैं उनकी खुशी से असहज महसूस करता हूं।" जिसका जवाब देते हुए टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि जो भी जीतता है, लेकिन यह ट्वीट दिखाता है कि इस आदमी की सोच कितनी तुच्छ और घृणित है।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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