असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को हिजाब मुद्दे पर पीएफआई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने केंद्र सरकार से पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिजाब मुद्दे के कारण ही नहीं, बल्कि विध्वंसक गतिविधियों और कट्टरपंथ में उनकी सीधी भागीदारी के कारण पीएफआई पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिजाब पहनने को लेकर देश में आपसी सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसलिए केंद्र सरकार से वे अनुरोध करते हैं कि पीएफआई पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि सिर्फ हिजाब मुद्दा ही कारण नहीं है बल्कि विध्वंसक गतिविधियों और कट्टरपंथ में उनकी सीधी भागीदारी भी सवाल खड़े करती है। हिजाब विवाद को लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। यह समझना महत्वपूर्ण है कि क्या अधिक जरूरी है शिक्षा या हिजाब। मुस्लिमों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षा है।
वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि असम नशीली दवाओं के कुछ मामलों को एनसीबी को सौंप रही है ताकि वह आगे और पीछे के तारों को खंगाल सके जो हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। हमें उम्मीद है कि 5 साल बाद असम रोल मॉडल बनेगा।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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