एटा जिले के जलेसर विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष माफियाओं के साथ है। भाजपा सरकार में गुंडे माफियाओं पर बुलडोजर चलता रहेगा। बीजेपी सरकार में गुंडों पर कार्रवाई हो रही है। सपा, बसपा, कांग्रेस सब एक जैसे। विकास के मुद्दे पर बोले कि एटा में मेडिकल कालेज बन रहा है, सड़कें चमकती दिखाई दे रहीं हैं।
सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार में बाजारों में बम चलता था। व्यापारियों को लूटा जाता था। बेटियां स्कूल नहीं जा पाती थीं। बात-बात पर कर्फ्यू लगता था। दंगे होते थे। अब कर्फ्यू नहीं कावड़ यात्रा निकलती है। बमबाजी नहीं होती बल्कि हर-हर बम-बम की नारेबाजी होती है। आपने देखा होगा कि पिछली सरकार में और इस सरकार में कितना फर्क है।
उन्होंने कहा कि जलेसर का घंटा जब देश के साथ बजता है तो देवध्वनि तो करता ही है साथ में जलेसर को भी एक पहचान दिलाता है। 1857 के प्रथम स्वतंत्र समर में इस जिले ने अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया था। लगातार यहां के क्रांतिकारी भारत माता की स्वाधीनता के लिए जूझते रहे, लेकिन इसे विडंबना ही कहा जाएगा जिस जिले ने देश की स्वाधीनता की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई हो, उस जिले में आजादी के 70 वर्षों बाद उच्च चिकित्सा संस्थान स्थापित हो। आज आप सब को बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी सरकार ने वीरांगना अवंती बाई के नाम पर एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण एटा में किया है।
योगी ने कहा कि 2017 के पहले इस जिले में सत्ता के संरक्षण में अपराध और अराजकता का बोलबाला था। आपने 2017 के बाद देखा होगा कि सरकार ने एटा के कुख्यात अपराधियों पर बुलडोजर चलवाया और उनकी संपत्ति भी जब्त की। मुख्यमंत्री के यह कहते ही उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि के साथ योगी-योगी की नारेबाजी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या इससे पहले कभी माफिया के पर बुलडोजर चलता था? यह बुलडोजर चलना चाहिए? कौन चलाएगा? सामने से योगी-योगी का नारा लगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही तो मैं कहने के लिए आया हूं। सपा रही हो या बसपा, कांग्रेस हो या फिर अन्य वह दल जो दलदल में फंसे हुए हैं, इनके मन में किसान और गरीब के लिए संवेदना नहीं थी। एमएसएमई से जुड़े हुए उद्यमियों के लिए संवेदना नहीं थी। बेटी की सुरक्षा के लिए इनके मन में संवेदना नहीं थी। इनकी संवेदना तो पेशेवर अपराधियों और माफिया के प्रति थी।
उन्होंने कहा कि याद कीजिए विपक्ष ने किसानों की कर्ज माफी नहीं की। अन्नदाता किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया। बेटियों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया। गरीबों को मकान नहीं दिया। गरीबों को शौचालय नहीं दिया। स्वास्थ्य की व्यवस्था भी नहीं कर पाए थे। इस सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना है। कोरोना के सामने दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतें पस्त हो गईं। उत्तर प्रदेश में हमने कोरोना के जिन्न को बोतल में ऐसे बंद कर दिया कि हजारों की संख्या में भीड़ एकत्र है, कोरोना का कहीं अता-पता नहीं। यह होता है कोरोना प्रबंधन। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में फ्री में टेस्ट, फ्री में उपचार और फ्री में वैक्सीन। योगी ने पूछा कितने लोगों ने वैक्सीन ली है। तो सबके हाथ उठे। इस पर मुख्यमंत्री ने सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने इस क्षेत्र को डार्क जोन घोषित कर दिया था। ठाकुर भानु प्रताप सिंह के प्रयासों से सरकार ने काम किया और यह क्षेत्र डार्क जोन से बाहर आ गया। भाजपा के दोनों विधायकों ने किसानों को ट्यूबवेल दिलाने की मांग की थी। खारे पानी की समस्या से भी निजात दिलाने के लिए काम किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में पानी की किसी भी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी। हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा।
एटा जिले के 64 हजार किसानों का कर्जा माफ किया था। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ जिले के दो लाख 87 हजार किसानों को मिल रहा है। सपा सरकार ने दिव्यांग और वृद्धजनों की पेंशन रोक दी थी। हमारी सरकार एक करोड़ गरीबों को, एक करोड़ दिव्यांगजन, वृद्धजन और विधवा पेंशन 12 हजार रुपये सालाना दे रही है।
सीएम योगी ने कहा कि राम जन्मभूमि के लिए 2100 कुंतल का घंटा जलेसर के ही कारखाने में विकास मित्तल ने तैयार कराया, मैं इसके लिए उनका धन्यवाद देता हूं। यह मान्यता है कि जब जलेसर का घंटा मंदिरों में बजता है तो सुकून मिलता है। चुनाव आएंगे जाएंगे, लेकिन सुरक्षा का माहौल मिलना चाहिए। हर गरीब को चेहरे पर खुशहाली झलकनी चाहिए, किसान का सम्मान होना चाहिए, हर व्यापारी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके। यूपी में कोरोना का जिन्न बोतल में बंद किया। कल्याण सिंह जी के सपने को को साकार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की जीत आवश्यक है। भाजपा के हाथ में जीतने के बाद एक हाथ में बुलडाेजर और एक हाथ में विकास की चाबी होगी।
राम जन्मभूमि के लिए 2100 कुंतल का घंटा जलेसर के ही कारखाने में विकास मित्तल ने तैयार कराया, मैं इसके लिए उनका धन्यवाद देता हूं। यह मान्यता है कि जब जलेसर का घंटा मंदिरों में बजता है तो सुकून मिलता है। चुनाव आएंगे जाएंगे, लेकिन सुरक्षा का माहौल मिलना चाहिए। हर गरीब को चेहरे पर खुशहाली झलकनी चाहिए, किसान का सम्मान होना चाहिए, हर व्यापारी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके। बाबूजी कल्याण सिंह के सपने को साकार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की जीत आवश्यक है। चुनाव जीतने के बाद भाजपा के एक हाथ में बुलडाेजर और एक हाथ में विकास की चाबी होगी।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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